क्रांतिकारी उपन्यासकार रहे मुंशी प्रेमचंद जी

गोपाल चन्द्र मुखर्जीबिलासपुर (छत्तीसगढ़)****************************************** स्वत्रंत्रता के सेनानी व उपन्यासकार मुंशी प्रेमचंद जी के जयंती दिवस पर सुमन श्रद्धांजलि अर्पण।भारत की स्वतंत्रता केवल बन्दूक की नाल या अग्निगोला या अनशन से नहीं आई थी। इसके पीछे लेखकों की तीक्ष्ण कलम की धार भी थी। इसके जलन्त उदाहरण मुंशी प्रेमचंद जी हैं। उनकी जीवनी का अध्ययन करने … Read more

वास्तव में अत्यंत निंदनीय

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)****************************************** मुद्दा-ऑक्सीजन की कमी कभी-कभी मेरे दिल में ख्याल आता है कि,महाभारत काल बहुत विकसित रहा। कारण संजय ने अपने राजा को युद्ध की सब घटनाएं नित्य प्रति सुनाई और राजा को लग रहा था कि में स्वयं मैदान में रहकर साक्षात् युद्ध देख रहा हूँ। इसके अलावा धृतराष्ट्र को पूरे राज्य के घटनाक्रम … Read more

संस्कार और मूल्यों पर ध्यान देना आवश्यक

डॉ. आशा मिश्रा ‘आस’मुंबई (महाराष्ट्र)******************************************* संस्कारों से संस्कृत व्यक्ति देवताओं और ऋषियों के समान पूज्य हो जाते हैं। हमारी प्राचीनतम भारतीय संस्कृति विश्व की संस्कृतियों का मूलाधार है।संस्कृति सहिष्णुता,समन्वय की भावना,गौरवशाली इतिहास,संस्कार,रीति-रिवाज और उच्च आदर्श लिए अमूर्त रूप में व्यक्ति के आचरण से झलकते हैं।हम जिस देश,समाज और परिवार में जन्म लेते हैं,उसी के अनुरूप … Read more

सरकारी जासूसी पर हंगामा

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* हमारी संसद के दोनों सदन पहले दिन ही स्थगित हो गए। विपक्षी सदस्यों ने सरकारी जासूसी का मामला जोरों से उठा दिया है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह देश के लगभग ३०० नेताओं,पत्रकारों और जज आदि पर जासूसी कर रही है। इन लोगों में २ केंद्रीय मंत्री,३ विरोधी नेता, ४० … Read more

सीखने का नाम ही विद्यार्थी जीवन

अमृता धनंजय यादवमुम्बई (महाराष्ट्र)*************************************** मेरा विद्यार्थी जीवन स्पर्धा विशेष ……. जीवन का सबसे उत्साह और उमंगमय भरा समय विद्यार्थी जीवन होता है,क्योंकि इन दिनों हम दिमाग के एक कोने मे शरारतें तो दूसरे में सपने बुनते हैं। डर भी बहुत लगता है,पर ‘जो डर गया सो मर गया’, ऐसा कह कर हर चीज करने के … Read more

‘असंसदीय शब्द आचार संहिता’ के सदके..!

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************** क्या असंसदीय शब्दकोश जनप्रतिनिधियों के बीच आपसी सौहार्द और शालीनता की इबारत को कायम रख सकेगा ? खास कर तब कि जब आज के जमाने में ‘भाषाई अभद्रता’ को भी ‘बिकाऊ सामग्री’ के तौर पर देखा जाने लगा है। और यह भी कि जब सार्वजनिक आचरण में भी कई बार भद्रता-अभद्रता की … Read more

हम सबका खून एक ही

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* बिहार सरकार के एक मंत्री जमा खान ने अपनी ८०० साल की विरासत को याद किया और खुद की मिसाल पेश करके कहा कि सर संघचालक मोहन भागवत ने जो कहा है,वह बिल्कुल ठीक है। मोहन जी ने पिछले दिनों कहा था कि भारत के हिंदुओं और मुसलमानों का डीएनए एक ही … Read more

अफगानिस्तान:भारत व पाक की चुप्पी!

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* ऐसा लग रहा था कि अफगानिस्तान में हमारे राजदूतावास और वाणिज्य दूतावासों को कोई खतरा नहीं है,लेकिन हमारा कंधार का दूतावास खाली हो गया। ऐसा लगता है कि अफगानिस्तान के उत्तरी और पश्चिमी जिलों में तालिबान का कब्जा बढ़ता जा रहा है। तालिबानी हमले का मुकाबला करने की बजाय लगभग १ हजार … Read more

स्वर्णिम भविष्य के लिए आबादी नियमन बेहद जरुरी

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)************************************** सम-सामायिक चिंतन…. भारत एक लोकतान्त्रिक देश है, जहाँ समस्यायों का भण्डार है। कोई भी नियम- कानून बनाने में सरकारों को पसीना आ जाता है,कारण ‘पिंडे पिंडे मतिर भिन्ना’ क्योंकि यहाँ जनतंत्र है और सबको बोलने की स्वतंत्रता के साथ स्वच्छंदता है और उसके बाद न्यायालीन सुव्यवस्था का होना। अभी कुछ दिनों में बाल … Read more

कश्मीर फिर बने पूर्ण राज्य

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* कश्मीर के गुपकार-गठबंधन ने अपना संयुक्त बयान जारी किया है। प्रधानमंत्री के साथ २४ जून को हुई बैठक के बाद यह उसका पहला बयान है। इस बयान में कहा गया है कि,बैठक ‘निराशाजनक’ रही लेकिन उनका अब यह कहना ज़रा विचित्र-सा लग रहा है,क्योंकि उस बैठक से निकलने के बाद सभी नेता … Read more