दशलक्षण पर्व:परिग्रह का त्याग कर खुद को पहचानें
डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)********************************************** आज विश्व में हिंसा, युद्ध, अशांति, मार-काट, जमाखोरी आदि जो भी विसंगतियां हो रही, होती रही और भविष्य में भी होगी, उसका मुख्य आधार अधर्म है। मानव के रूप में जो दानव बैठे हुए हैं, जो नेता, अभिनेता ,संत-महंत जो भी हो, उनको धर्म का मर्म नहीं मालूम है। एक बार धर्म का … Read more