पर्यटन के बोझ से कराहते पहाड़

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)*********************************** मैदानी क्षेत्र से उमड़ती भीड़ हिमालयी तंत्र के लिए गंभीर चेतावनी बनती जा रही है। भीषण गर्मी से निजात पाने के लिए अपनी- अपनी गाड़ियों में भागती भीड़ के कारण पहाड़ों की फिजा भी गर्म हो रही है। यातायात जाम का तो यह हाल है, कि रोहतांग दर्रे से मंडी तक लंबा … Read more

पश्चिमी उप्र के विकास का नया द्वार ‘जेवर हवाई अड्डा’

डॉ. शैलेश शुक्लालखनऊ (उत्तरप्रदेश)**************************************** उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले में जेवर एयरपोर्ट (नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट) अब उड़ान संचालन के लिए तैयार है। यह केवल एक नया हवाई अड्डा नहीं है, बल्कि पश्चिमी उप्र और पूरे उत्तर भारत के आर्थिक, औद्योगिक एवं सामाजिक विकास की नई कहानी का प्रारंभ है। जिस प्रकार किसी क्षेत्र के … Read more

अपनों का साथ रखिए

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)************************************************ उम्र के हर पड़ाव से कहीं ज्यादा चिंता और धोखा देने वाला बुढ़ापा होता है। जब बच्चों को हमारी जरूरत होती है, तब हम काम में इतने खो जाते हैं कि अपने ही बच्चों का मासूम चेहरा नजर नहीं आता। सारा दिन के व्यस्त जीवन से थककर बस बिस्तर के सहारे हो … Read more

नशा:संघर्ष का संकल्प आवश्यक

ललित गर्गदिल्ली*********************************** भारत आज विश्व की सबसे युवा आबादी वाले देशों में अग्रणी है। देश की लगभग ६५ प्रतिशत जनसंख्या ३५ वर्ष से कम आयु की है। यह युवा शक्ति भारत की सबसे बड़ी सामर्थ्य, सबसे बड़ी पूंजी और उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। विज्ञान, तकनीक, उद्योग, शिक्षा, खेल और नवाचार के क्षेत्र में भारत … Read more

व्हाट्सऐप:संवाद का अभाव पैदा कर रहा तनाव

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)*********************************** व्हाट्सऐप पर आने वाले संदेशों ने लोगों के बीच ज्ञान की गंगा बहा दी है। इन संदेशों को पढ कर लोग बिना सोचे-समझे अपने को महाज्ञानी समझते हुए कई बार  अंधानुकरण भी करने लगते हैं। इसी लिए कई बार मजाक में लोग कह उठते हैं, कि “यह व्हाट्सऐप  यूनिवर्सटी का ज्ञान है क्या ?”   आजकल … Read more

सामने आते ‘लिव-इन रिलेशनशिप’ के दुष्परिणाम

डॉ. शैलेश शुक्लालखनऊ (उत्तरप्रदेश)**************************************** भारत सहित विश्व के अनेक देशों में पिछले कुछ वर्षों के दौरान ‘लिव-इन रिलेशनशिप’ का चलन तेजी से बढ़ा है। आधुनिक जीवन-शैली, शहरीकरण, आर्थिक स्वतंत्रता, शिक्षा के विस्तार और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की बढ़ती अवधारणा ने इस व्यवस्था को समाज के एक वर्ग में स्वीकार्यता दिलाई है। ‘लिव-इन रिलेशनशिप’ का मूल विचार … Read more

क्या ‘अंग्रेजी’ की पढ़ाई भारतीय भाषाओं को लील जाएगी ?

प्रवीण कुमार जैनमुम्बई (महाराष्ट्र)************************************* मेरी ये चिंताएँ केवल एक विचार नहीं, बल्कि एक कड़वा धरातलीय सत्य हैं। जिन बिंदुओं को मैंने रेखांकित किया है, वे भारतीय समाज के ‘सांस्कृतिक आत्मसमर्पण’ की ओर संकेत कर रहे हैं। जिस गति से महानगरों में परिवारों ने मातृभाषा को ‘पिछड़ेपन’ की निशानी मानकर त्याग दिया है, वह स्थिति वास्तव … Read more

स्वर्ग है शाश्वत सुख और दिव्य चेतना का लोक

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* भारतीय वैदिक, पौराणिक एवं आध्यात्मिक परम्परा में ‘स्वर्ग’ केवल एक भौतिक स्थान नहीं, अपितु पुण्य, सदाचार, धर्म, न्याय, प्रेम और दिव्य चेतना का परम प्रतीक माना गया है। यह वह अलौकिक लोक है, जहाँ दुःख, क्लेश, रोग, शोक, भय और अभाव का प्रवेश नहीं होता। स्वर्ग को देवताओं का … Read more

नजरिया बदले मनुष्य

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ हर एक शब्द का अपना दृष्टिकोण होता है, वह अर्थ को भी व्यर्थ में बदलता है। ज़िन्दगी के इन २ पलों में सिर्फ ४ दिन ही मिलते हैं, और यहाँ जीवन, जो कभी भी रुकता नहीं है; वह तो अनंत यात्रा पर ही होता है। हम आज-कल की भाषा में … Read more

समय की मांग-प्रश्न पूछें और समाधान भी खोजें

ललित गर्गदिल्ली*********************************** कॉकरोच राजनीति…. भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। यह केवल मतदान की व्यवस्था नहीं, बल्कि संवाद, सहमति, असहमति, संवैधानिक मर्यादाओं और सामाजिक उत्तरदायित्वों का एक सशक्त तंत्र है। लोकतंत्र की शक्ति विरोध में निहित है, लेकिन उसकी गरिमा विरोध की शैली, उद्देश्य और मर्यादा से निर्धारित होती है। हाल के दिनों में … Read more