जहर कभी अमृत नहीं बन सकता

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** शराब से केंद्र और राज्य सरकारों को राजस्व-आय होने से शराब पर पाबन्दी नहीं लगा सकती है। इसके कई फायदे सरकार को हैं-राजस्व, अस्पताल, चिकित्सक, दवाई झगड़ा, हत्याएं,…

0 Comments

जन-संवेदना का प्रतिनिधित्व करती एकमात्र भाषा हिंदी

शशि दीपक कपूरमुंबई (महाराष्ट्र)************************************* हिन्दी की बिन्दी... हमारे राष्ट्र व जन-संवेदना का प्रतिनिधित्व करने वाली एकमात्र भाषा है हिंदी। देश के २९ राज्यों व ८ केंद्रशासित जनसमुदाय की भाषा और…

0 Comments

संकल्प और दल रोक सकते हैं बदजुबानी

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************************* सर्वोच्च न्यायालय ने इस मुद्दे पर अपना फैसला सुनाया है कि कोई मंत्री यदि आपत्तिजनक बयान दे दे, तो क्या उसके लिए उसकी सरकार को जिम्मेदार ठहराया…

0 Comments

हिन्दी ज्यादा से ज्यादा बोली जाए और प्रचार हो

प्रो. लक्ष्मी यादवमुम्बई (महाराष्ट्र)**************************************** हिन्दी की बिन्दी... मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है, वह समाज में रहकर ही जीवन यापन करता है, समाज में रहकर अपने कार्य को करता है। जीवन-यापन…

0 Comments

हिंदी की बिंदी का मजाक

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** हिंदी की बिंदी... हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने की मांग १९२० से चल रही है, जिसकी शुरुआत महात्मा गाँधी द्वारा की गई थी, जो सौ वर्ष बाद भी झूला…

0 Comments

विश्वभाषा की ओर हिन्दी अग्रसर

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)***************************************************************** अमरावती में जन्मे गुणाकर मुले ने ‘भारतीय लिपियों की कहानी’ लिखी। उसमें उन्होंने लिखा कि, जिस लिपि में यह पुस्तक छपी है, उसे नागरी या देवनागरी…

0 Comments

विदेशी शिक्षण संस्थानों को न्यौतना खतरा न बने

ललित गर्गदिल्ली************************************** नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा घोषित नई शिक्षा नीति की उपयोगिता एवं प्रासंगिकता धीरे-धीरे सामने आने लगी है। आखिरकार उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति की शुरुआत…

0 Comments

धन का सदुपयोग करें

अमल श्रीवास्तव बिलासपुर(छत्तीसगढ़) *********************************** कुछ लोगों ने धर्म के मर्म को न समझते हुए धन को हाथ का मैल, लक्ष्मी को चंचला आदि कहकर लक्ष्मी का इतना अपमान किया कि लक्ष्मी…

0 Comments

११५ साल के विद्यालय में हर साल विदेशी आते हिंदी सीखने

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** उत्तराखंड मसूरी के पास बसे लंडौर के पास बने विद्यालय में आपको हिंदी सीखने वाले 'आगे-आगे, पीछे-पीछे, ऊपर-ऊपर, नीचे-नीचे, पास-पास, दूर-दूर' यह गाना गुनगुनाते हुए कई विदेशी…

0 Comments

शिक्षा, सुन्दरता और सम्मान के बदलते मानक

हेमराज ठाकुरमंडी (हिमाचल प्रदेश)***************************************** आज आधुनिकता के दौर में शिक्षा का गुणांक अच्छे अंक प्राप्त करना, सुन्दरता का मापदंड बाह्य रंग-रूप तथा सम्मान का मानक पैसा हो गया है।यही पश्चिम…

0 Comments