एंटीबायोटिक

राधा गोयलनई दिल्ली*************************************** सुमित के गाल में बहुत ज्यादा दर्द था। उनको लग रहा था, शायद दाँत में कोई तकलीफ है। कुछ भी खाया नहीं जा रहा था। गाल पर बुरी तरह सूजन भी आई हुई थी और दर्द इतना कि बर्दाश्त से बाहर था। एक निजी हाॅस्पिटल में दाँत के डॉक्टर को दिखाया। उसने … Read more

मजबूत लोकतंत्र के लिए दागी नेताओं से मुक्ति जरूरी

ललित गर्गदिल्ली********************************* भारतीय लोकतंत्र ने स्वतंत्रता के बाद अनेक उपलब्धियाँ अर्जित की हैं। आज भारत विश्व की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक शक्ति होने के साथ-साथ विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है। वर्ष २०४७ तक ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य के साथ देश आर्थिक, तकनीकी और वैश्विक नेतृत्व की नई ऊँचाइयों को … Read more

हमारा कर्तव्य कि चिकित्सकों का सम्मान करें

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)****************************************** धरती के भगवान…. चिकित्सक (डॉक्टर) को ‘धरती का भगवान’ कहा जाता है, क्योंकि भगवान स्वयं हर स्थान पर उपस्थित नहीं हो सकते। इसलिए उन्होंने अपने प्रतिनिधि के रूप में चिकित्सक को धरती पर भेजा है। इसी कारण चिकित्सक को ‘धरती का भगवान’ कहा जाता है। सफेद कोट और गले में स्टेथोस्कोप … Read more

लेखकों का कर्म और धर्म दोनों महत्वपूर्ण

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************************* लेखकों का कर्म और धर्म दोनों ही अत्यंत महत्वपूर्ण है। समाज की विभिन्न समस्याओं को उजागर करना और उनके उचित समाधान प्रस्तुत करना लेखक का प्रमुख दायित्व होता है। लेखक का प्रथम कार्य सत्य का अन्वेषण करना तथा उसका निष्पक्ष रूप से प्रस्तुतिकरण करना है। उसे समाज में विद्यमान अच्छाइयों और … Read more

भरोसे के रिश्तों के कत्ल से कांपता समाज

ललित गर्गदिल्ली********************************** पुणे के लोहगढ़ किले की ऊँची पहाड़ी से मंगेतर केतन अग्रवाल को धक्का देकर हत्या करने के आरोप में सिया गोयल की गिरफ्तारी ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इससे पहले मेघालय में इंदौर के राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम रघुवंशी द्वारा प्रेमी के साथ मिलकर कथित तौर पर की गई हत्या … Read more

पारंपरिक शिक्षा से बर्बाद होता  युवाओं का भविष्य

डॉ. शैलेश शुक्लालखनऊ (उत्तरप्रदेश)**************************************** भारत को युवा शक्ति का देश कहा जाता है और यह माना जाता है कि किसी भी राष्ट्र का भविष्य उसकी युवा पीढ़ी के हाथों में होता है, किंतु दुर्भाग्य की बात यह है कि जिस शिक्षा व्यवस्था के माध्यम से युवाओं को बदलते समय की चुनौतियों के लिए तैयार किया … Read more

पुस्तकों को पकड़ कर रखो

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)*********************************** अब्राहम लिंकन ने कहा था कि “पुस्तकें आदमी को यह बताने के काम में आती हैं कि उनके ये मूल विचार इतने भी नये नहीं हैं।”    यह सच भी है कि किताबों से गुजरना श्रेष्ठ अनुभवों से गुजरने जैसा है। किताबें पढ़ने से बड़ा सुख शायद ही कोई हो। इसी लिए पुस्तकों यानी … Read more

लेखक का कर्म ‘सृजन’ और धर्म ‘लोकमंगल’

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* साहित्य समाज का दर्पण ही नहीं, उसका मार्गदर्शक भी होता है। लेखक केवल शब्दों का शिल्पी नहीं, बल्कि युग-चेतना का संवाहक, संस्कृति का संरक्षक और मानवीय मूल्यों का प्रहरी होता है। इसलिए लेखकों का कर्म और धर्म सामान्य व्यक्ति की अपेक्षा अधिक उत्तरदायित्वपूर्ण माना जाता है।लेखक का प्रथम कर्म … Read more

हर सफलता में उनका योगदान

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************************* मेरी असली प्रेरणा मेरे पिता जी हैं। मैंने उन्हीं की छात्र-छाया में आज अपनी मंजिल पायी है। आप ही वो वटवृक्ष हो, जिसकी छाया में मन प्रफुल्लित होता है। सदा मन कहता है कि आपके मतानुसार चलती रहूँ। आप ही जीवन हो, आप ही शक्ति हो, आप ही ताकत हो, आप … Read more

स्मार्टफोन : सेवा का साधन बने, स्वामी नहीं

ललित गर्गदिल्ली*********************************** विज्ञान और तकनीक ने मानव सभ्यता को अभूतपूर्व गति प्रदान की है। आज का युग डिजिटल युग है, जहां एक क्लिक पर पूरी दुनिया हमारी हथेली में सिमट आई है। स्मार्ट फोन ने संचार, शिक्षा, व्यापार, बैंकिंग, स्वास्थ्य, शासन और सामाजिक संबंधों को नई दिशा दी है, लेकिन हर तकनीकी क्रांति अपने साथ … Read more