विश्वास से दर्शन करने वाले कभी बेरंग नहीं लौटते

सपना सी.पी. साहू ‘स्वप्निल’इंदौर (मध्यप्रदेश )******************************************** मध्यप्रदेश में स्थित देवास धार्मिक दृष्टि से अति विशेष स्थान रखता है। यहाँ जगप्रसिद्ध माँ तुलजा भवानी और माँ चामुण्डा के मंदिर के साथ ही भगवान दत्तात्रेय का मंदिर भी अतिप्रसिद्ध है। त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु, महेश के अंशावतार भगवान दत्तात्रेय का यह श्रद्धाधाम देवास से १० किलोमीटर दूर ग्राम … Read more

दुनिया में मानव-एकता को बल देने में भारत ही सक्षम

ललित गर्ग दिल्ली************************************** हाल ही में जी-२० देशों के समूह की अध्यक्षता का दायित्व भारत ने निभाते हुए ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के उद्घोष के साथ दुनिया को प्रभावी मानव एकता का सन्देश दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत को सशक्त करने के साथ-साथ दुनिया को मानव एकता की दृष्टि से एक नया चिन्तन, नया आर्थिक … Read more

मानवता को लेकर चले राजनीति

रत्ना बापुलीलखनऊ (उत्तरप्रदेश)***************************************** विश्वास: मानवता, धर्म और राजनीति… पृथ्वी के उद्भव से लेकर आज तक धर्म व राजनीति का छत्तीस का आँकड़ा रहा है, जिस न्यूट्रान, प्रोटान एवं इलेक्ट्रान के समाहित रूप से सम्पूर्ण विश्वमंडल की रचना हुई, वही मानव एवं सृष्टि का विध्वंसकारी कारक भी रहा।इतिहास साक्षी है कि, राजनीति ने अपनी शक्ति को … Read more

सदा याद करें ज्ञात-अज्ञात महावीर-बलिदानियों को

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** २१ दिसम्बर से २७ दिसम्बर तक के इन्हीं ७ दिनों में गुरु गोविंद सिंह जी का पूरा परिवार बलिदान हो गया था। उसी रात माता गुजरी ने भी ठन्डे बुर्ज में प्राण त्याग दिए। यह सप्ताह भारत के इतिहास में ‘शोक सप्ताह’ होता है, शौर्य का सप्ताह होता है।क्रिसमस के समय शराब … Read more

भारत की नैतिकता का प्रतीक मानवता

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ विश्वास: मानवता, धर्म और राजनीति… मानवता हमेशा से नैतिकता का प्रतीक रही है। हमारे देश की बहुमूल्य धरोहर ही यही है। एक-दूसरे के अटूट विश्वास को समय के अनुरूप ढालना बहुत बड़ी बात है। आक्रांताओं द्वारा आंतक के अनगिनत प्रहार किए गए, देश के दुश्मनों ने हमारी आस्था पर चोट … Read more

कोरा ग्रंथ नहीं, जीवन-दर्शन है भगवत गीता

ललित गर्ग दिल्ली************************************** गीता जयंती (२२ दिसम्बर) विशेष… श्रीमद् भगवद गीता या गीता, कुरुक्षेत्र में महाभारत युद्ध की शुरूआत से पहले भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन के बीच होने वाला संवाद है। मान्यता के अनुसार,-जिस दिन श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था, उस दिन को ही गीता की जन्मतिथि मानते हुए ‘गीता जयंती’ … Read more

संवेदनशीलता आज की आवश्यकता

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)********************************************* विश्वास:मानवता, धर्म और राजनीति… संवेदनशीलता अपने व पराए में फर्क करती ही नहीं। संवेदनशीलता के अभाव में ही अनैतिक कार्य, अपराध की घटनाएं वगैरह दिन प्रतिदिन बढ़ रही हैं। आज भी पुस्तकों के माध्यम से विद्यालयों में बच्चों को अच्छे संस्कार दिए जाते हैं, लेकिन वे प्रभावशाली क्यों नहीं होते ? … Read more

राजनीति का व्यापार छोड़ दीजिए, भाईचारा जगह बना लेगा

ललित गर्ग दिल्ली************************************** अल्पसंख्यक अधिकार दिवस (१८ दिसम्बर) विशेष… ‘अल्पसंख्यक अधिकार दिवस’ पहली बार १८ दिसम्बर १९९२ को संयुक्त राष्ट्र द्वारा मनाया गया था। भारत में इस दिन राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग द्वारा यह राष्ट्रीय दिवस व्यापक स्तर पर मनाया जाता है। यह दिवस राष्ट्रीय या जातिय, धार्मिक और भाषाई अल्पसंख्यकों से संबंधित व्यक्तियों के अधिकारों … Read more

भारत की एकता को बल देने वाला युगांतरकारी फैसला

ललित गर्ग दिल्ली************************************** संविधान के अनुच्छेद ३७० पर आया सर्वोच्च न्यायालय का फैसला निर्विवाद रूप से युगांतरकारी, ऐतिहासिक, राष्ट्रीय एकता को मजबूती देने वाला मील का पत्थर है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने न केवल एक नया अध्याय लिखा, बल्कि भारत की एकता और अखंडता को नई मजबूती भी दी। जम्मू एवं कश्मीर तथा लद्दाख का … Read more

‘स्वदेशी’ से ही सशक्त होगा रोजगार और भारत

ललित गर्ग दिल्ली************************************** स्वदेशी दिवस (१२ दिसम्बर) विशेष… भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन का स्वदेशी एक महत्वपूर्ण आन्दोलन, सफल रणनीति व राष्ट्रीय दर्शन है। ‘स्वदेशी’ का अर्थ है-अपने देश का, अपने देश में निर्मित। इस रणनीति का लक्ष्य ब्रिटेन में बने माल का बहिष्कार करना तथा भारत में बने माल का अधिकाधिक प्रयोग करके साम्राज्यवादी ब्रिटेन को … Read more