आम चुनाव:देश को अर्जुन चाहिए

ललित गर्ग दिल्ली************************************** लोकसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है और माहौल गरमा रहा है। चुनाव की तारीखें घोषित किए जाने के साथ ही जैसी उम्मीद थी, सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी और तेज हो गई है। कौरव रूपी विपक्षी दल एवं पाण्डव रूपी भाजपा के बीच इस चुनाव में असली जंग सत्य … Read more

जाति प्रथा विष, भारतीयों एक हो जाओ

ममता तिवारी ‘ममता’जांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)******************************************** अगर बनाया भी तो राज्य, व्यापार, खेती पशुधन सम्पत्ति और कौशल अपने हिस्से न रखकर तीनों वर्ग को बांटकर अपने हिस्से ज्ञानार्जन और तपोवन क्यों चुना ?लाखों वर्षों से सतयुग से कलयुग (प्रथम चरण ईस्वी १८ वीं सदी तक, साढ़े ३ युग तक) तक ९९ प्रतिशत लोग १ प्रतिशत ब्राह्मणों के हाथों … Read more

राष्ट्रीय एकता की दृष्टि से सार्थक पहल का सूत्रपात

ललित गर्ग दिल्ली************************************** नागरिकता संशोधन अधिनियम… संसद में नागरिकता (संशोधन) अधिनियम अर्थात सीएए (२०१९) पारित होने के लगभग ४ वर्ष के इंतजार के बाद केंद्र सरकार ने इसे लोकसभा चुनाव से पूर्व देश भर में लागू करके न केवल अपने राजनीतिक आलोचकों को अचंभित किया है, बल्कि देश अपने लोगों की न्यायपूर्ण नागरिकता सुनिश्चित करने … Read more

भाजपा की राह आसान बनाता गठबंधन

ललित गर्ग दिल्ली************************************** इंडिया गठबन्धन लगातार कमजोर होता हुआ दिखाई दे रहा है, जबकि केंद्र की सत्ता पर काबिज राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में नए दलों के जुड़ने की खबरों से उसके बड़े लक्ष्य के साथ जीत की राह आसान होती जा रही है। लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने सहयोगी दलों के साथ … Read more

नारी समान दर्जे की अधिकारी

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)********************************************* अस्तित्व बनाम नारी (अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस विशेष)… इसमें शक की गुन्जाईश ही नहीं है कि, भारतीय समाज आज भी पुरुष प्रधान समाज है। यह सही है कि, आजकल बच्चियों को पढ़ाया जा रहा है, अर्थात शिक्षा से वंचित रखने वाली सोच एक तरह से समाप्तप्राय: हो गई है, लेकिन पढ़ाई के … Read more

‘अमृत काल’ में नारी का जीवन भी अमृतमय बने

ललित गर्ग दिल्ली************************************** ‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ विशेष…. महिलाओं की भागीदारी को हर क्षेत्र में बढ़ावा देने और महिलाओं को उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करने के लिए हर वर्ष ‘अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस’ मनाया जाता है। महिला अधिकार कार्यकर्ता रहीं क्लारा जेटकिन ने १९१० में इस दिवस की बुनियाद रखी थी। इस दिन पर सामाजिक, … Read more

आस्तित्व के लिए संघर्ष जारी रखें महिलाएँ

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ अस्तित्व बनाम नारी (महिला दिवस विशेष)… ‘निर्भया’ कांड के बाद से वर्तमान समय में ऐसा सैलाब उमड़ पड़ा है कि, नारी सुरक्षा को लेकर हर शहर-गाँव में महिलाओं के प्रति जनजागरण किया गया और सामाजिक बुराइयों के प्रति सभी एकसाथ आगे आए। नारी शक्ति व सुरक्षा के लिए कई कानून … Read more

‘मोती’ हिंसक उत्पाद ?

डाॅ. महेन्द्रकुमार जैन ‘मनुज’इन्दौर (मध्यप्रदेश)**************************************** ‘मोती’ या मोतियों से बनी माला प्रायः सभी लोगों ने अवश्य देखी होगी। मटर के दाने के बराबर गोल-गोल सफेद दूधिया रंग के चमकदार पत्थर के टुकड़े की तरह दिखने वाले मोती को पाने के लिए सभी लालायित रहते हैं। मोती को न केवल आभूषणों में उपयोग किया जाता है, … Read more

अधिकतम मतदान… एक क्रांतिकारी शुरूआत

ललित गर्ग दिल्ली************************************** प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकतंत्र के महाकुंभ चुनाव में पहली बार मतदाता बने युवाओं से कीर्तिमान संख्या में मतदान का आग्रह किया है। अधिकतम संख्या में मतदान लोकतंत्र की जीवंतता का प्रमाण होने के साथ लोकतंत्र के बलशाली होने का आधार है और जनता की सक्रिय भागीदारी का सूचक है। इस बार … Read more

शिक्षा और जनाधिकार के प्रति जागृति अपेक्षित

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* वस्तुत:, भ्रष्टाचारी सांसद- विधायक के चुने जाने पर पार्टी जिम्मेदार है, या आम आदमी ?, यह एक गंभीर और विचारणीय प्रश्न है। अब भी भारतीय लोकतांत्रिक जन मानस की सत्तर प्रतिशत जनता शिक्षा और सामाजिक राजनीतिक शिक्षालोक से वंचित है। जिस देश के ८० प्रतिशत लोग आज भी ५ … Read more