जीवन में ढालें वर्धमान को

ललित गर्गदिल्ली************************************** महावीर जयन्ती (४ अप्रैल विशेष)… भगवान महावीर सामाजिक एवं व्यक्तिक्रांति के शिखर पुरुष थे। महावीर का दर्शन अहिंसा और समता का ही दर्शन नहीं है, बल्कि क्रांति का दर्शन है। उनकी क्रांति का अर्थ रक्तपात नहीं! अर्थ है परिवर्तन, जागृति! क्रांति अर्थात् स्वस्थ विचारों की ज्योति! क्रांति का अर्थ आग नहीं, सत्य और … Read more

नासूर होते हैं भ्रष्टाचारी

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** जो व्यक्ति जिस कार्य में निपुण होते हैं, उन्हें ही सुयोग्य अवसर देना चाहिए। वैसे हमारे देश में अनुभवी व्यक्ति का महत्व होता हैं, पर पढ़े-लिखे लोग कोई जरुरी नहीं हैं वे योग्य हों। वर्तमान काल में भ्र्ष्टाचार बहुत पुरातनपंथी शब्द हो गया है। आजकल यह शिष्टाचार माना गया गया और रूपया अब … Read more

घातक है धर्म व राजनीति का घालमेल

ललित गर्गदिल्ली************************************** धर्म और राजनीति के घालमेल से समाज एवं राष्ट्र में उन्माद, अराजकता एवं अशांति पैदा हो रही है, राजनीति-धर्म का बेजा इस्तेमाल करते हुए अपने मत बैंक को बढ़ाने में लगे हैं तो तथाकथित धर्म के ठेकेदार एवं धर्मगुरु राजनीतिक मंचों का उपयोग करते हुए स्वयं को चमकाने में लगे हैं। दोनों ही … Read more

विज्ञान और ज्ञान:पुरातन योग और संस्कार शिक्षा आवश्यक

हेमराज ठाकुरमंडी (हिमाचल प्रदेश)***************************************** विज्ञान और ज्ञान की जंग मानव समाज में बहुत पुरानी है। भारतीय पौराणिक कथाओं को पढ़ें तो सुर-असुर या देव- दानवों की मुख्य लड़ाई ही शायद विज्ञान और ज्ञान की थी। सुर या देव जहां ज्ञान आधारित जीवन पद्धति के समर्थक थे तो, असुर या दानव विज्ञान आधारित जीवन पद्धति के … Read more

सम्पन्नता-प्रगति के बाद विपन्नता आना सुनिश्चित

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** हमारे यहाँ यह कहावत है या मान्यता है कि, लक्ष्मी जी का वाहन उल्लू है। लक्ष्मी जी को दौलत भी बोलते हैं। लक्ष्मी आने पर मनुष्य में गरूर यानि घमंड आने लगता है, जो स्वाभाविक है। लक्ष्मी कभी किसी की दासी नहीं हुई है।गरीब के यहाँ मिटने को कुछ नहीं होता है। उसके … Read more

स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र का व्यवसायीकरण: चुनौतियाँ एवं संभावनाएँ

डॉ. नेहा शर्मा चौधरी इंदौर (मध्यप्रदेश)******************************* स्वास्थ्य सेवा (हेल्थ केयर) विश्व स्तर पर सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक है, और यह लोगों के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जब हम स्वास्थ्य सेवा की बात करते हैं तो हम फार्मा क्षेत्र एवं अस्पताल सेवाओं की  बात कर रहे होते हैं। उत्तम स्वास्थ्य … Read more

हिन्दी:प्रचार की वर्तमान पद्धति बदलने की जरूरत

रामवृक्ष सिंह*************************** हिन्दी प्रचार की वर्तमान पद्धति अब कारगर नहीं रही। इसे बदलने की जरूरत है। कुछ हिन्दीदां मिलकर परस्पर हिन्दी का गुणगान करें, उसका चालीसा पढ़ें और आरती उतारें, इससे हिन्दी एक सूत भी आगे नहीं बढ़ती, लेकिन वही हिन्दीदां २ नए हिन्दी- प्रयोक्ता तैयार करें तो हिन्दी कई कोस आगे बढ़ जाती है। … Read more

राहुल को बोलने की सद्बुद्धि दें भगवान!

ललित गर्गदिल्ली************************************** युगीन भारतीय राजनीतिक मनोरचना में शालीनता एवं शिष्टता के स्थान पर स्वच्छन्दता, अशालीन एवं अभद्र भाषा के व्यवहार का अधिक सक्रियता से प्रचलन चिन्ताजनक है। ऐसी स्थिति में शीर्ष राजनेता राजनीतिक शिष्टता एवं लोकतांत्रिक मर्यादा में अपना योगदान कैसे दे सकते हैं ? यह प्रश्न समूचे विपक्ष के साथ कांग्रेस के राहुल गांधी … Read more

कृत्रिम बुद्धिमता से शिक्षा और अनुसंधान में क्रांतिकारी परिवर्तन संभव

डॉ. पुनीत कुमार द्विवेदीइंदौर (मध्यप्रदेश)********************************** कृत्रिम बुद्धिमता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-एआई) एक उभरती हुई तकनीक है, जिसमें शिक्षा और अनुसंधान सहित विभिन्न क्षेत्रों में क्रांति लाने की क्षमता है। हालांकि, यह अभी भी अपने विकास के चरण में है। यह पहले से ही हमारे सीखने, शोध करने और जानकारी को संसाधित करने के तरीके को बदलने में … Read more

शासन व्यवस्था:समय और सभ्यता

शशि दीपक कपूरमुंबई (महाराष्ट्र)************************************* निर्लिप्त दृष्टि से देखा जाए तो समय और सभ्यता में जो मनोवृत्ति उद्धृत हुई है, वह विच्छिन और द्विखंडित है। भारत में एक समय ऐसा था, जब यवनों की सभ्यता को अपनाने के बारे में सोचना दुष्कर्म समझा जाता था। उनके समय में भारतीय पारंपरिक सभ्यता में निर्मूल परिवर्तन हुआ। कालान्तर … Read more