जीवन में ढालें वर्धमान को
ललित गर्गदिल्ली************************************** महावीर जयन्ती (४ अप्रैल विशेष)… भगवान महावीर सामाजिक एवं व्यक्तिक्रांति के शिखर पुरुष थे। महावीर का दर्शन अहिंसा और समता का ही दर्शन नहीं है, बल्कि क्रांति का दर्शन है। उनकी क्रांति का अर्थ रक्तपात नहीं! अर्थ है परिवर्तन, जागृति! क्रांति अर्थात् स्वस्थ विचारों की ज्योति! क्रांति का अर्थ आग नहीं, सत्य और … Read more