बात उसी की होती है
अरुण वि.देशपांडेपुणे(महाराष्ट्र)************************************** घर बाहर हर ज़ुबान पर,बात उसी की होती हैघर आँगन में जब उसकी,चहल पहल-सी होती हैखुशबू-सी खिल उठती है। पैरों में जो पायल उसके,छुन-छुन आवाज करती हैमानो भोर प्रहर में घर सारा,मधुबन-सा लगने लगता है। अस्तित्व उसका पूरे घर को,चेतना प्रदान करता हैशब्द उसी का सुनें सब सारे,खुशी हाँ में हाँ मिलाते हैं। … Read more