रचनाकार को उसकी समझ के अनुसार पढ़ना होगा- डॉ. जनमेजय
पुस्तक विमोचन…. इन्दौर(मप्र)। रचनाकार ने जो लिखा है, उसे उसकी समझ के अनुसार पढ़ना चाहिए, उस पर अपनी समझ नहीं लादनी चाहिए। अदिति की रचनाओं में वात्सल्य भाव अधिक है।मुख्य वक्ता और सम्पादक डॉ. प्रेम जनमेजय ने पुस्तक विमोचन एवं चर्चा आयोजन में इन्दौर प्रेस क्लब में रविवार को डॉ. लालित्य ललित के व्यंग्य संग्रह … Read more