मातृभाषा के उपयोग से पहले उसे स्वीकारना आवश्यक

अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर्व…. इंदौर। अपनी मातृभाषा के उपयोग से पहले उसे स्वीकारना बहुत आवश्यक है। अपनी भाषा-संस्कृति के साथ दूसरी भाषा को भी सम्मान दें।    यह बात शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास(महिला कार्य)की राष्ट्रीय संयोजक सुश्री शोभा पैठणकर ने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की पत्रकारिता एवं जनसंचार अध्ययनशाला और न्यास के संयुक्त तत्वावधान में ‘अंतरराष्ट्रीय … Read more

ग़ज़ल कार्यशाला में बताए नए विषय

महू(मप्र)। अखिल भारतीय साहित्य परिषद की महू इकाई ने ‘अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस’ के अवसर पर काव्य,ग़ज़ल कार्यशाला और गोष्ठी का आयोजन किया। इसमें नई पीढ़ी के २० से अधिक कवियों ने भागीदारी की,तथा अच्छे सृजन से परिचित हुए।परिषद् के उपाध्यक्ष कवि विनोद गुर्जर ने बताया कि,कार्यशाला में इंदौर से ग़ज़लकार शायर रशीद अहमद शेख ने … Read more

‘वैश्विक परिदृश्य और हिंदी’ पर २१ फरवरी को ई-गोष्ठी

ठाणे(महाराष्ट्र)। सोनुभाऊ बसवंत कला व वाणिज्य महाविद्यालय,शहापुर (ठाणे)के हिन्दी विभाग और महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी(मुम्बई) के संयुक्त तत्वावधान में एक-दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय हिंदी वेबिनार(ई-गोष्ठी) २१फरवरी को सुबह १० बजे होगी। इसमें सभी प्राध्यापक,शोधार्थी,विद्यार्थी, साहित्य प्रेमी तथा विद्वतजन सादर आमंत्रित हैं। प्र.प्राचार्य डाॅ. अनिल सिंह ने बताया कि ‘वैश्विक परिदृश्य और हिंदी’ विषय पर इस वेबिनार … Read more

हिंदी अध्यापकों के लिए नवीकरण पाठ्यक्रम का समापन

हैदराबाद(तेलंगाना)। केंद्रीय हिंदी संस्थान (हैदराबाद केंद्र)पर अमरावती जिले (महाराष्ट्र)के हिंदी अध्यापकों के लिए आयोजित ४४५वें ऑनलाइन नवीकरण पाठ्यक्रम का समापन समारोह ज़ूम से हुआ। अध्यक्षता प्रो. बीना शर्मा (निदेशक केंद्रीय हिंदी संस्थान,आगरा)ने की। मुख्य अतिथि बालेंदु शर्मा दाधीच (स्थानीय भाषाएँ एवं सुगम्यता,माइक्रोसॉफ्ट,भारत,गुड़गाँव के निदेशक) रहे।हैदराबाद केंद्र के क्षेत्रीय निदेशक डॉ.गंगाधर वानोडे(पाठ्यक्रम संयोजक)ने बताया कि,जिले के … Read more

अमेरिका में पुस्तक लोकार्पित

जम्मू (काश्मीर)। वरिष्ठ साहित्यकार अशोक लव के उपन्यास ‘शिखरों से आगे’ की अनुवादित कृतियों ‘शिखरन से आगे’ व ‘शिखरें शा अग्गै’ का लोकार्पण डॉ. शोभा खंडेलवाल(अध्यक्ष हिंदी साहित्य समिति,नार्थ ईस्ट ओहायो,अमेरिका) तथा डॉ. आनंद खंडेलवाल ने किया। इसके साथ ही लघुकथा संग्रह ‘एकांतवास में ज़िंदगी’ का भी अंतरराष्ट्रीय हिंदी समिति(अमेरिका)की प्रबंध संपादक श्रीमती सुशीला मोहनका … Read more

युवाओं और शिक्षकों को जोड़ने की जरुरत-अनिल शर्मा जोशी

संगोष्ठी:भारत के पड़ोसी देशों में हिंदी… हैदराबाद(तेलंगाना)। भारत के पड़ोसी देश नेपाल, भूटान,श्रीलंका,म्याँमार,अफगानिस्तान में हिंदी भाषा का शिक्षण और प्रचलन न केवल हमारे संबंधों को मजबूत बनाता है,बल्कि आत्मीयता और घनिष्टता भी प्रदान करता है। इन देशों में युवाओं और शिक्षकों को जोड़कर भाषा और संस्कृति के लिए ऐसी नीति तैयार करनी चाहिए जिससे भाषा … Read more

गहन चिंतन व परिपक्वता देती हैं कथा पुस्तकें-प्रो.(डॉ.) खरे

कथा सम्मेलन…. मंडला(मप्र)। कथा-पुस्तकों के पाठक तो घटे हैं, लेकिन आज भी कथा-पुस्तकें लिखी जा रही हैं,पढ़ी जा रही हैं,पर पाठकों में कथाएं पढ़ने में वैसी मनोयोगता,लगन व गंभीरता नहीं है,जैसी पहले होती थी,पर यह भी सही है कि कथा-पुस्तकों से जो चिंतन,वैचारिकता व संदेश पाठक तक पहुंचता है, वह लघु कथाओं या अन्य लघु … Read more

अकादमी का अभिनव प्रयास ‘हारा वही,जो लड़ा नहीं’ १५ फ़रवरी को

इंदौर(मप्र) | साहित्य में दिव्यांग विमर्श बढ़े और उसके माध्यम से दिव्यांगों के प्रति संचेतना बढ़े,इस उद्देश्य को पूरी तरह समर्पित आयोजन ‘हारा वही, जो लड़ा नहीं’ को इस बार मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी के निदेशक डॉ. विकास दवे ने अकादमी के माध्यम से आगे बढ़ाया है। अकादमी के तत्वावधान में यह आयोजन मंगलवार १५ फरवरी … Read more

अंतर्राष्ट्रीय कवि सम्मेलन कराया

मंडला(मप्र)। अंतर्राष्ट्रीय काव्य परिषद कर्नाटक इकाई के सौजन्य से ऑनलाइन अंतरराष्ट्रीय काव्य गोष्ठी २६ जनवरी को आयोजित की गई। इसमें मंडला के सुपरिचित कवि-लेखक प्रो.(डॉ.)शरद नारायण खरे की विशेष भूमिका रही।मनीषा नाडगौडा की सुमधुर प्रार्थना से कार्यक्रम का आरंभ हुआ। कर्नाटक प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार परीट ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। विद्यालयीन … Read more

हिंदी अध्यापकों को व्यावहारिक पक्ष को भी पढ़ाना चाहिए

हैदराबाद( तेलंगाना)। हिंदी के व्याकरण और उच्चारण पहलुओं के अतिरिक्त उसके प्रयोजनमूलक व रोजगारमूलक पहलुओं को भी पढ़ाना चाहिए। आज हिंदी के क्षेत्र में असीम संभावनाएँ हैं। भारत सरकार के उपक्रम रोजगार और केन्द्र सरकार के संस्थानों में हिंदी के असंख्य पद रिक्त हैं,विज्ञप्तियाँ निकल रही हैं। अतः,हिंदी अध्यापकों को व्यावहारिक पक्ष को भी पढ़ाना … Read more