कि होली आयी रे
विजयलक्ष्मी विभा प्रयागराज (उत्तरप्रदेश)************************************ रंग बरसे… (होली विशेष)… बरसे रंग गुलाल भुवन में खेलें नंद गोपालकि होली आयी रे।बारे, बूढ़े, ज्वान भुवन में, नभ तक भरें उछाल।कि होली आयी रे…॥ मार-मार पिचकारी भागेंछिप-छिप के गुब्बारे दागें,फाड़-फाड़ कर कपड़े त्यागें,दिखें सभी बेहाल भुवन में, खेलें नंद गोपाल।कि होली आयी रे…॥ कौन किसे मारे पिचकारी,कौन यार किससे है … Read more