कि होली आयी रे

विजयलक्ष्मी विभा प्रयागराज (उत्तरप्रदेश)************************************ रंग बरसे… (होली विशेष)… बरसे रंग गुलाल भुवन में खेलें नंद गोपालकि होली आयी रे।बारे, बूढ़े, ज्वान भुवन में, नभ तक भरें उछाल।कि होली आयी रे…॥ मार-मार पिचकारी भागेंछिप-छिप के गुब्बारे दागें,फाड़-फाड़ कर कपड़े त्यागें,दिखें सभी बेहाल भुवन में, खेलें नंद गोपाल।कि होली आयी रे…॥ कौन किसे मारे पिचकारी,कौन यार किससे है … Read more

मैं रंग जाऊँ तेरे रंग में

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* मैं रंग जाऊँ तेरे रंग में फागुन रंगोली साथ में,मैं सजनी दिलबाग फाग में रंगीले हमदम हाथ में। आज हुई समरस जीवन में, आलिंगन प्रियतम साथ में,मधुशाला की नशा नशीली हाला भूलूँ ले हाथ में। खिली रोशनी नयी भोर में, इन्द्रधनुषी दीनानाथ में,केसरिया कुसमित सुरभित मन नव उमंग प्रिय … Read more

मन में नाचे मोर

डॉ. गायत्री शर्मा’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* मौसम आया आज सुहाना, अब तो छाई घटा घनघोर।वसंत ऋतु की सुंदरता से, देखो मन में नाचे मोर॥ कोपल फूटे पेड़ों पर अब, कलियों में अकुलाहट आई,फूलों ने अब ली अँगड़ाई, ऋतु बसंत की आहट आई।झूम-झूम कर भँवरे आये, बाग में बहुत मचाये शोर,मौसम आया…॥ सरसों पीले खेत हो गये, … Read more

हर रंग में कुछ बात है

डॉ. श्राबनी चक्रवर्तीबिलासपुर (छतीसगढ़)************************************************* खुशी के रंग,दु:ख के रंगप्रीत का रंग,विरह का रंग। मिलने का रंग,बिछड़ने का रंगदिन का रंग,रात का रंग। हँसी का रंग,अश्कों का रंगजीवन का रंग,संगीत का रंग। प्रकृति का रंग,मानवता का रंग।सब रंग हमारे साथ है,हर रंग में कुछ बात है॥ परिचय- शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में प्राध्यापक (अंग्रेजी) के रूप में … Read more

तो समझो होली है…

संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )******************************** रंग बरसे…(होली विशेष)…. जब उड़े रंग गुलाल, मचे धमाल तो समझो होली है,जब आए अपनों में अनुराग तो समझो होली हैजब दिखे हुड़दंगी जमात तो समझो उपद्रवी टोली है,जब हो रंगों की बरसात, तो समझो बच्चों की होली है। बने घी के सौ व्यंजन और पकवान तो समझो होली है,जहाँ … Read more

उड़ो और उड़ो

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** नारी से नारायणी (महिला दिवस विशेष)… तुम उड़ो और उड़ो,थोड़ा और उड़ो…वापस धरा पर ही आना,यह बात याद रखना। उड़ती हुई पतंग की,डोर सदा अपने हाथ में…सम्भाल कर ही रखना,यह बात याद रखना। पल्लवित हैं आशाएँ,मुखरित हैं भाषाएँ…ज्योतित जीवन करना,यह बात याद रखना। हौसला है सीने में,कुछ करना है जीवन में…मत कमजोर … Read more

बरसाओ रंग मृदुल हिलोर

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’जमशेदपुर (झारखण्ड)******************************************* रंग बरसे… (होली विशेष)… सुनो-सुनो बंसरी का शाेर,नाच उठा मन माेर। सुखमय आया है सबेरा,बाजे देखो ढोल-मंजीरागीतों से गूँजें जग प्यारा,होली खेले आज कबीरा।सुनो-सुनो बंसरी का शोर,नाच उठा मन मोर…। रंगों की पिचकारी छूटी,भीगा तन-मन सारापीला संयम मन झकझोरे,सुधि पिये बंजारा।सुनाे-सुनाे बंसरी का शाेरनाच उठा मन माेर… आई होली मनभावन,फिजाओं … Read more

करते हैं अनुराग

डॉ. गायत्री शर्मा’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* रंग बरसे…(होली विशेष)… चुनर भीगी जा रही, कान्हा खेलें फाग।भर पिचकारी मारते, करते हैं अनुराग॥ बरजोरी कान्हा करे, फागुन के दिन चार‌।रहते राधा साथ वो, गल फूलों का हार॥ रंग अनोखे उड़ रहे, खेलें होली आज।ढोल-मजीरे बज रहे, सजे अनोखे साज॥ होली खेले मोहना, मिल सखियों के साथ।राधा उनके संग … Read more

आया भला जमाना कैसा

डॉ. संजीदा खानम ‘शाहीन’जोधपुर (राजस्थान)************************************** रातें रूठीं दिन है दुश्मन, आया भला ज़माना कैसा,एक अजब सा दु:ख है मेरा, दर्द है ये अनजाना कैसा। आँखें सूनी, सपने टूटे, आहों पर भी पहरा है,अपने ही घर में कैद हुए हैं, क़ैद में ही मर जाना कैसा। फूल चुभे हैं, काँटे महके, मौसम कुछ दीवाना है,कुदरत भी … Read more

फागुन लेके आ गया

राजबाला शर्मा ‘दीप’अजमेर(राजस्थान)******************************************* रंग बरसे… (होली विशेष)… गली-मोहल्ले छा रही,रंगों की बौछारफागुन लेके आ गया,मस्ती का त्योहार। नर-नारी भीगे सभी,मचा रहे हुड़दंग।एक-दूजे को मल रहे,अबीर-गुलाल रंग।नैनों से बरसा रहे,मादक रस फुहार।फागुन लेके आ गया,मस्ती का त्योहार…॥ गले मिलो सब प्यार से,मैल दिलों के धो लो।धोने से भी छूटे न,ऐसे रंग तुम घोलो।दिलों में बहती रहे,प्रेम … Read more