रंगवर्षा
संजीव एस. आहिरेनाशिक (महाराष्ट्र)****************************** रंग बरसे… (होली विशेष)… ठंड की सिहरन कम हुई प्रियतमा, देखो चमका बसंती भालधीरे-धीरे फागुन छाया, मनवा का धुल गया सारा मलालअब मस्ती के दिन आए सजनिया जरा उड़ा दूँ तो गुलाल,अब के होली मत शर्माना साजनी, जरा धरो मृदंग पर ताल। धिनक-धिनक धिन, धिन धिन धिन, वाह! देखो कैसा बवाल,छम-छम … Read more