बहुत कठिन सम्बन्ध निभाना

राजबाला शर्मा ‘दीप’अजमेर(राजस्थान)******************************************* बड़ा सरल सम्बन्ध बनाना,कभी तोड़ना कभी मिटाना।खेल न समझें सम्बन्धों को,बहुत कठिन सम्बन्ध निभाना॥ टूट गए सम्बन्ध है जिनसे,कोई जाकर पूछ ले उनसेकिसका दिल कितना है रोया,कितने अश्क़ बहाए किसने,जो न सुने क्या उसे सुनाना।खेल न समझें सम्बन्धों को,बहुत कठिन सम्बन्ध निभाना…॥ कुछ सम्बन्ध बने हैं दैहिक,और बने हैं कुछ रूहानीभौतिक भी … Read more

अलमस्त मैं पतंग

पी.यादव ‘ओज’झारसुगुड़ा (ओडिशा)********************************************** मस्त हवा के झोंकों-संग, उड़ चली अलमस्त मैं पतंग,शून्यता में लीनता को पाने, तड़प उठा है मेरा अंतर्मन। जन्म के बंधन से मुक्ति को, विकल हिय का कण-कण,कर्म-अनुसंधान लिए सिद्धि का, स्वाद चखने को मन। पंचतत्व से निर्मित है काया, है रंग-बिरंगी मेरे अंग-अंग,उच्चाकांक्षा की मैं गामिनी, पुलकित है मेरा तन-बदन। लक्ष्य-भ्रम … Read more

‘रेणु’ आँचलिकता शिखर

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर (मध्यप्रदेश)****************************************** फणीश्वर नाथ ‘रेणु’ जन्म जयंती (४ मार्च) विशेष… ‘रेणु’,आँचलिक साहित्यकारखटके सत्ता आँखउकेरा गाँवअद्भुत। ‘रेणु’,फणीश्वर नाथसिखाई आँचलिकता,अमर शिल्पीसाहित्य। ‘रेणु’,जन्मे पूर्णियारचा ‘मैला आँचल’,नयी पौधइतिहास। ‘रेणु’,आँचलिकता शिखरअमेरिकी विवि शोध‘राष्ट्र सन्देश’कविता। रेणु’,दर्द पहचानाकलम मिट्टी सनी,करारा प्रहारजेल। रेणु’,सदा मुखरसुवास से फैले,क्रन्तिकारी विचारआंदोलनकारी। ‘रेणु’,मिला ‘पद्मश्री’‘मारे गए गुलफाम’,लिखी कहानीलोकप्रिय। ‘रेणु’,स्वतंत्रता संग्रामीकी मैट्रिक नेपाल,शैली वर्णानात्मकलुभाते। ‘रेणु’,बोलते पात्रसदा सरल चित्रण,सम … Read more

रस टपके शिव नाम का

प्रीति तिवारी कश्मीरा ‘वंदना शिवदासी’सहारनपुर (उप्र)********************************** अगाध श्रद्धा शिव-शंभू पर शिव की कृपा से होय,दुखिया रोवे रात-दिन पर कृपा पाय कोय-कोय। शिव-शिव शिव-शिव करती रसना रस टपके शिव नाम का,पावन ये चरणामृत पी ले ले आश्रय शिव-नाम का। नाम प्रभु मुख चले निरंतर भूल से हो जाए जो‌ असत,तुरत भस्म हों पाप-कर्म फिर प्रभु का … Read more

अब स्वार्थ अनुबंध

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* शहंशाह की चाहतें, जनता नेता लोग।मर्यादा औचित्य अब, बचे कहाँ पद भोग॥ बने अनैतिक कार्य लखि, तमाशबीन समाज।उदासीन सरकार भी, कहाँ उठे आवाज़॥ नींद कलह आलस व्यसन, बाधक पौरुष राह।कहाँ कर्म अनुभूति फल, बस होते गुमराह॥ पद सत्ता वैभव गबन, फँसते भ्रष्टाचार।फँसे स्वयं हिंसा कपट, बनते पहरेदार॥ मुफ़्तख़ोर की … Read more

नि:शब्द प्रेम

डॉ. श्राबनी चक्रवर्तीबिलासपुर (छतीसगढ़)************************************************* मौन रहकर भी,बहुत कुछ कह गयातुम्हारा निश्छल प्रेम,आँखों से बह गया। लब हिले पर शब्द,मुँह में ही रह गएजो कहना था,नयनों से बयां हो गया। क्यों नहीं जान पाया,बोलना, सुनना अपरिहार्य हैप्रेम नि:शब्द होकर भी,परम आनंद की अनुभूति दे गया। देख कर तुझे,ये यक़ीन हो गयाशब्दहीन होकर भी मेरे,चेहरे की खुशी … Read more

तू आगे बढ़

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ उम्मीद के दामन को थामे,तू ज़िंदगी की जंग लड रही हैतू सुंदर है, कोमल भी पर तू शक्ति स्वरूपा,झुकना तेरे बस में नहीं, बस तू आगे बढ़। ममता का दुलार,स्नेह का यह बंधनजिससे रिश्ते मजबूत होते हैं मन के,झुकना तेरे बस में नहीं, बस तू आगे बढ़। संघर्षों की राह … Read more

दुखों को तुम याद करो ना…

डॉ. गायत्री शर्मा’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* मधुर क्षणों की मीठी यादें, साथ सदा तुम रखना।दुखों को अब तुम याद करो ना, आँखें नम न करना॥ रात चाँदनी खिलती है, आसमान पर छा जातीपुलक भाव मन में आते हैं, यादें उनकी आती।खुशियों से दामन को अपने, हर पल ही तुम भरना,मधुर क्षणों की मीठी यादें, साथ सदा … Read more

दर्द सीने में

डॉ. संजीदा खानम ‘शाहीन’जोधपुर (राजस्थान)************************************** दर्द सीने में है जज़्बात का, कैसे रोकूं,सिलसिला है यही हर रात का, कैसे रोकूं। रोज़ आता है ख्यालों में वही चेहरा फिर,एक रेला-सा है ज़ुल्मात का, कैसे रोकूं। दिल सुलगता है मगर होंठ तो खामोश नहीं,ज़ोर मैं अपने ख्यालात का, कैसे रोकूं। हर तरफ़ बिखरी हैं महरूमी व तन्हाई … Read more

धन्य हुई माँ पार्वती

संजीव एस. आहिरेनाशिक (महाराष्ट्र)****************************** तीनों लोक के स्वामी, ओ! दुनिया के पालनहार,पुरुषार्थ के आद्य प्रणेता, त्रिभुवन शिव सृजनकारप्रचंड पराक्रमी शिव शम्भो, रग-रग के ओमकार,तुम-सा श्रेष्ठ कौन हो सकता! दे सकता तुम-सा प्यारधन्य हुई माँ पार्वती, तुम्हें पाकर ओ शम्भो सरकार,ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय शिव शम्भो सरकार…। देवों के तुम देव महादेव, त्रिभुवन महिमा … Read more