हम वास्तव में स्वतंत्र हैं ?

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** गणतंत्र:संविधान से आम आदमी तक (२६ जनवरी विशेष)… आज हमारा देश स्वतंत्र है,पर क्या हम वास्तव में स्वतंत्र हैं ?कहने को आज लोकतंत्र है,पर क्या हम वास्तव में स्वतंत्र हैं ? मेरे ख्याल से तो नहीं, बिलकुल नहीं,हम आज भी परतंत्र हैंभले ही अंग्रेजों से मुक्ति मिल गई,हम आज भी नहीं स्वतंत्र … Read more

पुण्य धरा है हिन्द

डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* गणतंत्र:संविधान से आम आदमी तक (२६ जनवरी विशेष)… आन बान अरु शान, तिरंगा मान हमारा।हमको इस पर गर्व, हमें प्राणों से प्यारा।तीन रंग का मेल, शान से यह लहराता।चक्र सुशोभित मध्य, सभी के मन को भाता॥ केसरिया है रंग, शौर्य को ये बतलाता।श्वेत रंग है मध्य, हृदय में शान्ति बढ़ाता।हरित वर्ण … Read more

याद ही रह जाती

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** कौन-सी बात कैसीकब-कहाँ हो जाती है,कभी सोचा नहीं जोबात सुनी जाती है। जैसी चाही थी कभीदेखी न वैसी दुनिया,छोड़ कर जो गया बसयाद ही रह जाती है। अपना जब छोड़ कोईजाता है इस दुनिया से,कैसे खुद की हँसीहोठों से चली जाती है। जिसको देखा था अभीकल तलक हँसते-गाते,आज मिट्टी वो बनेआह निकल … Read more

‘पंजाब केसरी’ अमर बलिदान तुम्हारा

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* अग्नि-स्फुलिंग बन जाग उठे, जब लाला जी रण में आए,जुल्मों की हर काली रात, लौ दीप-शिखा बन चहुँ छाए।जन-जन के अन्तर्मन जागी, स्वतंत्र चेतनता की धारा-भारत माता के चरणों में, बस शीश सदा ही झुक जाए॥ लाठी-घावों को सहकर भी, दृढ़ पग लाला आगे बढ़ते,सत्य-अहिंसा की ढाल लिए, क्रांतिवीर … Read more

यूजीसी:देश पराया

सीमा जैन ‘निसर्ग’खड़गपुर (प.बंगाल)********************************* मेरी सब्र की उम्मीद का पैमाना, धीरे-धीरे टूट रहा है,नक्कारखाने में आवाज़ तूती की, कोई भी न सुन रहा हैनहीं जरूरत देश को मेरी, ऐसा मुझको लग रहा है,चला जाऊंगा परदेस एक दिन, ख्याल दिल में उठ रहा है। सवर्ण होना गुनाह है मेरा, मुझे देश समझा रहा है,अज्ञानी को दे … Read more

यही है अधिकार…

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ गणतंत्र:संविधान से आम आदमी तक (२६ जनवरी विशेष)…. आज देश का अधिकारबना हमारा संविधान,रक्षा करेगा यहीहम सभी का यही है अधिकार। गणतंत्र के मोती बनसंविधान की रक्षा करेंगे हम,सबको अपना हक मिलेगा,हम सभी का यही है अधिकार। आजाद भारत का सबसे बड़ा रक्षक है,हमारा अपना संविधानजीवन जीने का अधिकार दे … Read more

खुशियों को मिल-जुल कर मनाएं

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर (मध्यप्रदेश)******************************** गणतंत्र:संविधान से आम आदमी तक (२६ जनवरी विशेष)…. आओ सब मिलके,जन गण मन गीत गाएँगणतंत्र दिवस की खुशियों को,मिल-जुल कर मनाएं। राष्ट्रीय त्योहारों पर,तिरंगे को फहराएंआओ सब मिलकर,जन-गण-मन गीत गाएंगणतंत्र दिवस की खुशियों कोमिल-जुल कर मनाएं। हिन्दू-मुस्लिम, सिख-ईसाई,आपस में सब भाई-भाईभारत माता है,हम सबकी माईफक्र से हम सब,सर ऊपर उठाएँगणतंत्र दिवस … Read more

तू तो बस मन की गाथा

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)************************************************ कैसे करूँ मैं तेरी व्याख्या!कैसे कहूँ मैं तेरी कथा! तू तो बस मन की गाथा,तू तो बस आँखों का आँसू। झरने जैसे बह निकले,तुम आँखों की गलियों से। शब्द-शब्द भी जोडूं तो,तुम ना मिले मेरे मन में। जब भी याद आते हैं वह,पर आँखों से तुम बहते हो। गोद में तेरे सिर … Read more

गणतंत्र दिवस की ज्योति उजियारी

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* संविधान की ज्योति उजियारी, भारत-भाग्य की है रखवाली,तिरंगा ऊँचा, स्वप्न सँजोए, गणतंत्र-ध्वजा जगमग न्यारी।समता, स्वतंत्रता, बंधुत्व, मानवता की उजली चिंगारी-सार्वभौम भारत की पहचान, संविधान की ताक़त भारी॥ स्वस्थ लोकतंत्र की यह आधारशिला, जन-जन की हितकारी,मत-सम्मान, जन-सम्मति, मर्यादा, लोक-नीति की फुलवारी।न्याय, नीति, नैतिक साहस, राष्ट्र-चरित्र की धवल तैयारी-एक अखंड, समरस … Read more

वेद हमारी पूँजी

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** भविष्य का प्रहरी है, संस्कार हमारी कुंजी है,इसे बचाकर रखना है, जो वेद हमारी पूंजी है। लौट चलें वेदों की ओर, जो राही भटक रहे हैं,जिसने इसका पालन किया, वही तो संभल रहे हैं। वेदों को संकलित किया था ऋषि वेद व्यास ने,इसके चार प्रकार बताए प्राचीन ऋषि वेद व्यास ने। ये … Read more