भाव बिना सब अभाव

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** भाव से श्रीराम हैं मिलते, भाव ही से रावण,भाव में सब जीव बसे, भाव बिना नहीं जीवन। भाव ही सबका मूल है, भाव बिना सब अभाव,भाव से पूजा, भाव से भक्ति, भाव बिना नहीं शक्ति। भाव से श्रद्धा भाव से सम्मान, भाव बिना होता अपमान,भाव को न दूषित कीजिए, भाव से करें … Read more

तुम मेरे क्या हो…

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)************************************************ हाँ, तुम मेरे अपने हो,हाँ, तुम ही मेरा प्रेम होहर सुबह की पहली किरण,हर दिन की पहली शबनम हो। मेरी सुबह की गुड मॉर्निंग तुम,मेरे दिन की पहली बात होअखबार-सी आदत बनकर,हर खबर के साथ हो। वह प्रेम भी कोई प्रेम नहीं,जो मांग कर ठहर जाएजिससे प्रेम हो आत्मा से,उसे प्रेम कहा … Read more

बीतता हुआ साल

दीप्ति खरेमंडला (मध्यप्रदेश)************************************* कभी हँसी कभी आँसू,कभी खामोशी, कभी बातों का समंदरजीवन के कई रंग,दिखा गया बीतता हुआ साल। कुछ रिश्ते गहरे हुए,कहीं बढ़ गई दूरियाँहर एक पल हर मोड़ पर,सबक दे गया बीतता हुआ साल। कभी सफलता की मिली तालियाँ,कभी असफलता की तन्हाइयाँगिरने और संभलने का तरीका,सिखा गया बीतता हुआ साल। किसी अपने का … Read more

‘पद्म विभूषण’ लोकप्रिय कल्याण सिंह

आचार्य संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )*************************************************** जयंती (५ जनवरी) विशेष… उत्तर प्रदेश, अलीगढ़, मढौली था जन्म स्थान,सीता देवी माता थी, पिता तेजपाल किसानशिक्षक का जीवन जिए, बने संघ पहचान,राजनीति के अमर पुरुष की रामलला में जान। संघ, जनसंघ, भाजपा की पकड़े रहे कमान,राजनीति के प्रतिपक्ष नेता से सत्ताधारी शानधारदार आवाज उठाते फूँक दें मुर्दों में … Read more

उठो नवयुवक जागो अब

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* उठो नवयुवक जागो अब, रणभेरी का जयघोष हो,तिमिर विनाशक तेज जगे, जीवन-पथ आलोक होश्रम-तप-संकल्प ज्वाला से, गल जाए जड़ता सारी,भारत-माता के चरणों में, नवयुग का उद्घोष हो। सीमा से खेत, शोधशाला तक, भारत की पहचान हो,विद्या-विज्ञान उजास लिए, विश्व-भवन सम्मान होनारी गरिमा शिखर चढ़े जब, खिल उठे मानवता,बाल-भविष्य के … Read more

तेरी जुल्फें

संजीव एस. आहिरेनाशिक (महाराष्ट्र)********************************************* तेरी जुल्फों आसपास ही सिमटे हैं मेरे एहसास सारे,बड़ा सुकून मिलता है प्रिया, जब वे लहराते घनियारे।उनके लहराने से मिट जाते हैं मन के सारे अंधियारे,लगता है कि उमड़ते तूफानों में मिल गए हैं किनारे। जब तुम झुका लेती हो जुल्फें अँधियारा-सा छा जाता है,तुम्हारी जुल्फों के बस उठाने से मौसम … Read more

संघर्ष लड़कियों का…

बबिता कुमावतसीकर (राजस्थान)***************************************** चुप्पियों की गठरी बांधती है,सपनों की पोटली कंधे रखती है। हर सुबह वह निकल पड़ती है,नजरें झुकाती है, हौसले ऊँचे रखती है। घर की देहरी से दुनिया तक,टोकने की उसके लम्बी कतार होती है। कभी ‘यह मत करो’ कभी ‘वह मत करो’दुनिया कहती है, कभी ‘इतना काफी है’ कह कर रोकती है। … Read more

भारत की सेना अनुपम

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* शूरवीर भारतीय सेना (विजय दिवस विशेष)… जिसने हर मुश्किल में भी कर डाला शत्रु-दमन।शूरवीर भारत की सेना, करते सभी नमन॥ नहीं जान की कोई फ़िक्र की, बस सीमा देखी।निज गृह की परवाह नहीं की, बस हिम्मत देखी॥भारत की सेना देख करें घुसपैठी त्वरित वमन,शूरवीर भारत की सेना, करते सभी नमन…॥ आशाओं … Read more

वक़्त तय करता

कल्याण सिंह राजपूत ‘केसर’देवास (मध्यप्रदेश)******************************************************* वक़्त-वक़्त की बात है,किससे, कब,कहाँ, मिलना है,ये वक़्त तय करता है।हम सब तो हाड़-माँस केपुतले हैं,साँसें कितनी…ये तो वक्त तय करता है। ये वक़्त ही है जिसने कई,राजाओं को रंक बनाया हैकई सम्राट व शहंशाहों,को झुकाया हैरावण हो या कंस,सभी को मिट्टी में मिलाया हैक्या दानव क्या मानव !सभी को … Read more

अब अन्तरिक्ष भ्रमण करती हैं बेटियाँ

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)************************************************ टुकड़ों-टुकड़ों में कभी जीती थी बेटियाँ,किसी कोने में चुपचाप रोटियाँ बेलती थी बेटियाँ। अपनी आँसुओं को चुपचाप पीती थी बेटियाँ,अनजाने रिश्तों में बांध दी जाती थी बेटियाँ। जमाना बदल गया है, अब तो साइकिल से,खिलखिलाते हर गली-मुहल्लों से निकल स्कूल-कालेज जाती है बेटियाँ। कभी गुमसुम, आँचल में डरी रहने वाली,अब अन्तरिक्ष भेद … Read more