भाव बिना सब अभाव
ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** भाव से श्रीराम हैं मिलते, भाव ही से रावण,भाव में सब जीव बसे, भाव बिना नहीं जीवन। भाव ही सबका मूल है, भाव बिना सब अभाव,भाव से पूजा, भाव से भक्ति, भाव बिना नहीं शक्ति। भाव से श्रद्धा भाव से सम्मान, भाव बिना होता अपमान,भाव को न दूषित कीजिए, भाव से करें … Read more