कविता
आह्वान
क्षितिज जैन जयपुर(राजस्थान) ********************************************************** भय के भयानकतम के मध्य साहस का दीपक जलाओ तुम, विनाश की घुटन में हो निर्भय निर्माण के गीत अब गाओ तुम। जो बन गए युगों-युगों से भीरू उनको वीर आल्हे सुनाओ रे! दुर्दान्त शत्रुओं के समक्ष तुम, अपना शौर्य और बल दिखाओ रेl जहाँ फैली कल दावानल भयानक आज प्रकृति … Read more
तेरा जाना
सारिका त्रिपाठी लखनऊ(उत्तरप्रदेश) ******************************************************* था यकीं तुमको कि हम तुमको भूल जाएँगे, हमको ये उम्मीद थी कि हम तुमको याद आएँगे…। सिलसिला कुछ यूँ हुआ कि बसर ज़िंदगी होती रही, जो फासला है दरमियाँ वो… कभी हम तय नहीं कर पाएँगे। गर सामना कभी हो गया तो सितम का सबब हम पूछेंगे, कह देगें सब … Read more
जनचेतना
ओमप्रकाश अत्रि सीतापुर(उत्तरप्रदेश) ********************************************************************************* राजनीति, हर घर की दहलीज़ पर दस्तक देने लगी है, प्रचार की चहल-पहल गाँव-गाँव और, शहर-शहर में होने लगी है। बढ़ा-चढ़ा कर, भाषणों की ज़ुमलेबाजी भोली-भाली जनता, कुछ-कुछ समझने लगी है, अब नहीं आएगी बहकावे में यारों, वह सीधे तु्म्हारे फेंके गए वादों से आँखें मिलाने लगी है। अब तक ठगते … Read more
टेंशन
राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’ धनबाद (झारखण्ड) ************************************************************************** चहुंओर है टेंशन ही टेंशन, बच्चों को है परीक्षा का टेंशन बड़ों में भी है री-एडमिशन का टेंशन, नौकरीपेशा को है करकटौती का टेंशन व्यापारी को है जीएसटी की उलझन, चहुंओर है टेंशन ही टेंशन…। किसानों को है पानी का टेंशन, अफसरों को है समय का टेंशन दलालों … Read more
नया साल आया है
डॉ.चंद्रदत्त शर्मा ‘चंद्रकवि’ रोहतक (हरियाणा) ******************************************************* माँ,आज तो नया साल आया है, पापा का दोस्त देखो खिलौने लाया है। जिनको तरसती थी निगाहें हमारी, अब फूली नहीं समाती मन की क्यारी, पापा का दोस्त नहीं,नया साल आया है॥ बरसात में भीग गई थी राजकुमार की किताब, रह गया था अधूरा पढ़ने का ख्वाब। देखो! डाकिया … Read more
सीने में अंगारे
विजय कुमार मणिकपुर(बिहार) ****************************************************************** अंगारे धधक रहे हैं सीने में, इन्हें शान्त न कर… कूद पड़े इस जंग में, हमें रोका न कर। लालच नहीं है सत्ता की, न्याय के साथ ये कहता हूँ… गीदड़ भालूओं की तरह, ना मैं वादा करता हूँ। उड़नखटोले में बैठकर, आसमान में उड़ते हो… झूठा सपना हमें दिखाकर, कुर्सी … Read more
इस शहर में
सोनू कुमार मिश्रा दरभंगा (बिहार) ************************************************************************* रैन में छाया घनघोर अंधेरा,प्रभात लेकर आया कुहासा, दर्द से तड़पते,करवटें बदलते,मन में लिए विकट निराशा छीन हो चुकी थी,दीन हो चुकी थी उसके जीवन की आशा, कहर को झेलते,सफर को देखते,थी चलने की प्रत्याशा। सड़क के किनारे,कराहते-चिल्लाते,तम की तमतमाहट में, सुधाकर,दिवाकर के द्वारा दी गई तपन की कड़वाहट … Read more
सत्य की राह
मनीषा मेवाड़ा ‘मनीषा मानस’ इन्दौर(मध्यप्रदेश) **************************************************************** सत्य की राह चले जो हम तो, पैरों में काँटे चुभ आये। बाधाएं-ही-बाधाएं आयीं, ठोकर हमने पल-पल खायी। सत्य की राह चले जो हम तो, पैरों में काँटे चुभ आये॥ हँसी-ठिठोली खूब बनायी, सफलता भी रास ना आयी। सत्य की राह चले जो हम तो, पैरों में काँटे चुभ … Read more
अनुपम वरदान माँ
शिवांकित तिवारी’शिवा’ जबलपुर (मध्यप्रदेश) ******************************************************************** इस धरा का अद्वितीय अनुपम वरदान है माँ, जन्मदात्री जगतपूज्या जग में सबसे महान है माँl नौ महीने कोख में रख वह शिशु को जन्म देती, अथक पीड़ा सहन कर भी वह किसी से कुछ न लेतीl दया,ममता,स्नेह की माँ अदभुत अप्रतिम तस्वीर है, कितने रूपों को जीती,लिखतीं कितनी तकदीर … Read more