गणतंत्र सुनहरा, नित सम्मान

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* गणतंत्र:संविधान से आम आदमी तक दमक रहा जो सूरज जैसा, लाता नवल विहान है।भारत का गणतंत्र सुनहरा, जिसका नित सम्मान है॥ संविधान ने सम्प्रभुता दी, हर विकास को सींचा,जनहित के रथ को जिसने तो, मजबूती से खींचा।आम आदमी मुदित हो रहा, मंगल का नव गाना,वर्ष छियत्तर की गति-मति है, सचमुच सफ़र … Read more

गीत खुशी के गाऊँगा

डॉ. गायत्री शर्मा ’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* युवावस्था जो चली गई है, उसको वापस लाऊँगा।बूढ़ा हूँ तो क्या हुआ, अब मैं गीत खुशी के गाऊँगा॥ जिंदादिली जीने का जज्बा, कूट-कूट कर भरता हूँ,प्रात: काल जल्दी उठकर मैं, निशदिन योगा करता हूँ।हिम्मत करके और साहस से, मैं तो तीर्थ जाऊँगा,युवावस्था जो चली गई, उसको मैं वापस लाऊँगा…॥ … Read more

भारत की सेना अनुपम

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* शूरवीर भारतीय सेना (विजय दिवस विशेष)… जिसने हर मुश्किल में भी कर डाला शत्रु-दमन।शूरवीर भारत की सेना, करते सभी नमन॥ नहीं जान की कोई फ़िक्र की, बस सीमा देखी।निज गृह की परवाह नहीं की, बस हिम्मत देखी॥भारत की सेना देख करें घुसपैठी त्वरित वमन,शूरवीर भारत की सेना, करते सभी नमन…॥ आशाओं … Read more

सुख-दु:ख कर्म सिद्धांत

प्रीति तिवारी कश्मीरा ‘वंदना शिवदासी’सहारनपुर (उप्र)************************************************** किसी के कारण सुख न पाते जग में तुम।किसी के कारण दुःख न पाते जग में तुम॥तुमको तुम्हारे कर्मों का ही फल मिलता,भोग के उनको मूल्य चुकाते जग में तुम॥ तुमको मानव देह मिली, है छूट तुम्हें,करो पाप या पुण्य इकट्ठा कर जाओ।रटो-जपो जी भर के नाम प्रभु जी … Read more

नाव पानी में है भक्ति प्रवाह

प्रीति तिवारी कश्मीरा ‘वंदना शिवदासी’सहारनपुर (उप्र)************************************************** नाव पानी में है तो बहुत बढ़िया है,नाव में पानी है नाव डूब जाती है।जीव इस जग में है तो बहुत बढ़िया है,जीव में जग है, प्रभु भक्ति छूट जाती है॥ तुम हो संसार में संग परिवार के,नाम प्रभु जी का भूल अन्न-जल पी रहे।शिव हैं शिवधाम में संग … Read more

ज्योति-पर्व दीपावली

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* दीप जलें, मन महके (दीपावली विशेष)… माटी दीपक दिव्य आज तो, उसको आज जलाना है।अगणित दीप जलाकर भू का, सारा तिमिर मिटाना है॥ माटी की छोटी काया ने, गीत सुपावन गाया है,उसका लड़ना तूफानों से, सबके मन को भाया है।उजियारा तो प्रमुदित दिखता, मौसम बहुत सुहाया है,दीपों ने मंगल गाया है, … Read more

पितृ नमः

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* श्राद्ध, श्रद्धा और प्रेम (पितृ पक्ष विशेष)… आशीषें देने धरती पर, पितर पहुँच ही जाते।श्राद्ध पक्ष में पिंडदान से, पितर तृप्त हो जाते॥ पितर देव रूपों में होते, सदा भला ही करते,आशीषों से सदा हमारा, पल में घर वो भरते।साथ सदा ही देखो अपने, शुभ-मंगल ले आते,श्राद्ध पक्ष में पिंडदान से, … Read more

जीवन बनता है अनमोल

डॉ. गायत्री शर्मा’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* श्राद्ध, श्रद्धा और हम (पितृ पक्ष विशेष)… पितरों का आशीष हमेशा, देता है सुख अपरम्पार।खुशियाँ ही खुशियाँ मिल जाती, मिलता है जीवन का सार॥ उनकी ही कृपा से मिला, यह जीवन बनता है अनमोल,जीवित रहते उनसे बोलो, दो मीठे प्यारे से बोल।उनकी छाया से होता है, इस पूरे जग का … Read more

मन है पंछी

राजबाला शर्मा ‘दीप’अजमेर(राजस्थान)******************************************* मन तो है एक ऐसा पंछी,पंख बिना उड़ता रहता है।लाख कहें मन को हम पागल,पर मानव मन की सुनता है॥ मन में हों जब अटल इरादे,फिर बाधाएं कितनी आयें,टस से मस नहीं होता मनवा,बादल-बिजली खूब डरायें।मन-सा साथी साथ चले जब,मंजिल के सपने बुनता है॥पर मानव मन… मन है चेतनता का दरपन,मन से … Read more

बिरज में कृष्ण आए

डॉ. गायत्री शर्मा’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* ढम-ढम ढोल बजते हैं, बिरज में कृष्ण आये हैं।घटाएँ घिर रही काली, देवकी ने श्याम जाये हैं॥ चमकती बिजलियाँ नभ में, भादव की रात है काली,समय यह रोहिणी का है, बाग में झूमती डाली।घड़ी शुभ अष्टमी की है, नभ में मेघ छाये हैं,ढम-ढम…॥ चले वसुदेव मथुरा से, कृष्ण को शीश … Read more