जर्जर काया
डॉ. गायत्री शर्मा ’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* गहरी होती झुर्रियों में, जीवन का इतिहास दिखा।दुनिया के हर रंग का, इस काया ने स्वाद चखा॥ जर्जर हो गई काया अब तो, दुख के कईं झमेलों से,कभी खुशियाँ बहुत बिखेरी, दुनिया के इन मेलों ने।दर्द के कईं थपेड़ों से भी, मैंने खुद को थाम रखा,गहरी होती झुर्रियों में, … Read more