नारी नारी से हारी है

सुबोध कुमार शर्मा  शेरकोट(उत्तराखण्ड) ********************************************************* ‘अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस’ स्पर्धा विशेष………………… नारी से हारी नारी है, यह कैसी लाचारी है। दहेज परहेज की बात सदा, करती केवल नारी है। अत्याचारों की ज्वाला से, नित जलती बस नारी है। प्रसव पीड़ा परिहास बनी, नारी ने जन्मी नारी है। तात गृह से विदा हुई जब, नारी बनी बिचारी … Read more

वतन की ख़ुशबू

सुश्री अंजुमन मंसूरी ‘आरज़ू’  छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश) ********************************************************************************************* मुझको भाती है सदा अपने वतन की ख़ुशबू, जिसपे क़ुर्बान है हर एक चमन की ख़ुशबू। पाक के टुकड़े किये देश नया गढ़ डाला, शेरनी थी वो सुनो मेरे वतन की बाला। हिंद की बेटियाँ भरतीं उड़ान हैं देखो, भावना मोहना थामे कमान हैं देखो। आज साहस … Read more

बोरी बाँध बनाओ

हरिशंकर पाटीदार ‘रंगीला’ देवास(मध्यप्रदेश) *********************************************************************** बाँध बनाओ रे sss,बोरी बाँध बनाओ रे, छोटी-छोटी बोरियों में,भर लो रे मिट्टी-गाराl उन्हें उठाकर ले चलो रे,जहाँ गाँव का नाला, फिर तुम उन्हें जमाओ रे..l बोरी बाँध बनाओ रे…ll जिन नालों में बह जाता है, बरसातों का पानी। उस पानी को रोक लो तो, बड़े भूमि में पानी। सोये … Read more