कुछ कदम तुम चलो
डॉ. गायत्री शर्मा’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* कुछ कदम तुम चलो, कुछ कदम हम चलें।हरी इन वादियों में फूल प्यार के खिलें॥ बहती हुई नदियाँ जीवन की धारा है।गोद में पहाड़ के प्रेम ही समाया है॥सपने सुहाने अब नैनों में पलें,कुछ कदम तुम चलो, कुछ कदम हम चलें…॥ कलरव कर रहे पँछियों का शोर है।नदी का किनारा … Read more