जल ही जीवन
हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ************************************** जल ढलानों को बहे ये न शिखर को जाने।जल ही जीवन है मगर कद्र न जीवन माने।जल ढलानों पे बहे प्यार धरातल को दे,इस अदा पर ही कदर जल की न जीवन मानेंं।जल ढलानों को बहे…॥ दास्तां खुद ही कहे जल ये सुनो क्या कहता,मैं हुआ दर से बदर … Read more