धरती से है इंसान

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** विश्व धरा दिवस स्पर्धा विशेष……… धरती अपनी धारिणी,माता रूप समान। करो वन्दना प्रेम से,इनसे हैं इंसान॥ इनमें हैं सारा जहां,सारा हिंदुस्तान। तिलक लगा माथा इसे,चन्दन बने महान॥ माता मेरी ये धरा,हरियाली चहुँओर। सूरज करते भोर हैं,पक्षी करते शोर॥ वीरों की क़ुर्बानियाँ,इसी धरा की शान। भारत के बेटा सभी,करते … Read more

हरियाली गुम हो चली

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) ****************************************************************** विश्व धरा दिवस स्पर्धा विशेष……… मौसम में है अब कहाँ,पहले जैसी बात। जाड़े में जाड़ा नहीं,गलत समय बरसात॥ मौसम तो बरसात का,किन्तु बरसते नैन। सूखी-सूखी ये धरा,पंछी भी बेचैनll आँखों में बादल नहीं,दिल के सूखे खेत। हरियाली गुम हो चली,दिखती केवल रेत॥ बादल के दल आ गये,ले दलदल का … Read more

मन भर सोना दान

अवधेश कुमार ‘आशुतोष’ खगड़िया (बिहार) **************************************************************************** मंदिर में करते बहुत,मन भर सोना दान। भूखा खातिर है नहीं, एक अदद पकवान।। भगवन तो खाते नहीं,उन्हें चढ़े पकवान। जिनको को रोटी चाहिए,उन्हें मिला अपमानll भगवन आदी हो गए,नित सुनने को शोर। मंदिर-मस्जिद है जहां,बजता भोंपू जोरll जो जग को नित चालते,देते हर सुख भोग। उनको मंदिर में … Read more

चुनावी समर

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** सारे भारत वर्ष में,धूम मची है आज। चलो करें मतदान अब,करते हैं शुभ काजll घर-घर माँगे वोट को,करके वादा आज। समय बीत फिर जीत के,करते हैं वो राजll लोभ मोह के जाल में,कभी न फँसना यार। नेता गिरगिट जान लो,बदले रंग हजारll दल-बदलू को आज तुम,करो नहीं स्वीकार। … Read more

वोट जरूर करें

डॉ.विद्यासागर कापड़ी ‘सागर’ पिथौरागढ़(उत्तराखण्ड) ****************************************************************************** मत में भारी बल भरा, जाकर करना वोट। उसे नकारो तुम जहां, भरा हुआ है खोट॥ ओ मतदाता सुन जरा, करना वोट जरूर। राजनीति की पौध में, लगैं भले अंगूर॥ आओ सब मिलकर करें, अपने मत का दान। भारत जग नेता बने, भारत बने महान॥ मत देने जाना सभी, मत … Read more

घर-घर आये नेता जी

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** नेता घूमते गाँव में,माँगन को वो वोट। तरह-तरह के वायदे,बरसाते वो नोटll घर-घर आते हैं सभी,नेता करते बात। जनता लालच में फँसे,देते हैं सौगातll पाँच वर्ष की नौकरी,पाते हैं वो आज। अपनी झोली हैं भरे,करते हैं वो राजll झूठ कपट मन में बसे,मुँह में मीठा बोल। एक वोट … Read more

दहशतगर्दी रोज़ ही देती दर्द अथाह

अब्दुल हमीद इदरीसी ‘हमीद कानपुरी’ कानपुर(उत्तर प्रदेश) ***************************************************** दहशतगर्दी रोज़ ही,देती दर्द अथाह। मज़बूरन करने पड़े,अड्डे हमें तबाह। हर दिल में जो आग थी,उसको मिला सुकून। भारत का हर नागरिक,सेना का ममनून। घुसकर उनके देश में,कर आये हैं चोट। बचने अब देंगे नहीं,इक भी बालाकोट। शुरू करेंगे पाक हम,अब तेरा बिखराव। ऐसा हो सकता नहीं,करते … Read more

कलम की दु:खभरी दास्तां

डॉ.रामावतार रैबारी मकवाना ‘आज़ाद पंछी’  भरतपुर(राजस्थान) ************************************************************************************************ सोच रही है पागल कलम,कैसी दुनिया आई है, लाज-शर्म के शब्द भूलकर,बे-शब्दों की झड़ी लगाई है पड़ी तमाशा देख रही हूँ,ऐसी धाक जमाई है, लुप्त हो रही मैं तो मेरे घर में,मुझ पर ऐसी शामत आई हैl सोच रही… मेरे कारण तू इंसान बना,फिर महान बना, इस भरी … Read more

माता के नवराते

डॉ.एन.के. सेठी बांदीकुई (राजस्थान) ************************************************************************* माँ शक्ति की उपासना,होते हैं नवरात। मात भवानी-भक्ति में,करते हैं जगरात॥ मंदिर देवी के सजे,लगे नए पांडाल। मन में श्रद्धा भाव है,हाथों पूजा थाल॥ माता के नवरात्र में,जो करता है भक्ति। माता के आशीष से,पाता है वह शक्ति॥ नवराते में होत है,माँ की कृपा अशेष। माता दयालु है बड़ी,सभी मिटाती … Read more

चुनाव

डॉ.विद्यासागर कापड़ी ‘सागर’ पिथौरागढ़(उत्तराखण्ड) ****************************************************************************** देखैं किसके सिर सजे, मोर मुकुट का पांख। कौन चले शेरों तरह, कौन दबाता आँख॥ लूटा है जिसने बहुत, पाकर के सरकार। वह नेता ही कह रहे, हम हैं पालनहार॥ अपने-अपने राग हैं, अपने-अपने दाँव। वो गाँव की बात करैं, नहिं देखा जो गाँव॥ जो महलों ने हैं जने, पाई … Read more