कबहु नशा मत कीजिए
सौदामिनी खरे दामिनी रायसेन(मध्यप्रदेश) ****************************************************** कबहु नशा मत कीजिए,यह अवगुण की खानl जो नशा कछु है करा,आज ही दीजे निकालll जो साजन मदिरा पिये,नाही सजनी के जोग। रोज नशा में रत रहे,हजार सता रहे रोगll नशा रोग हद से बढ़े,मिट जाये घर-द्वार। छूट गये रिश्ते सगे,घर में मचाये रारll सब मेहनत की पूँजी,नशा-पत्ता में जाये। सुत … Read more