बिलासा महिमा

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** ‘बिलासा’ बाई छत्तीसगढ़ की वीरांगना लड़की का नाम है,जिन्होंने महारानी लक्ष्मी बाई के समान ही अंग्रेजों से युद्ध किया। छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध शहर बिलासपुर का नाम इसी वीरांगना के नाम पर है।  बहुत पुरातन बात है,वही रतनपुर राज। जहाँ बसे नर नारि वो,करते सुन्दर काज॥ केंवट लगरा गाँव … Read more

धन

विरेन्द्र कुमार साहू गरियाबंद (छत्तीसगढ़) ****************************************************** हो यदि पाना चाहते,धन वैभव पद खास। सुखी रखो माँ-बाप को,बनकर उनके दास॥ धन जग में सब कुछ नहीं,है यह सच्ची बात। लेकिन धन बल के बिना,कटे नहीं दिन-रात॥ याचक को सुख दे सकूँ,धन हो इतना पास। मेरे घर भी सुख रहे,करे शांति नित वास॥ सबको करना चाहिए,यथा शक्ति … Read more

विजय सम्मान

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’ बेंगलुरु (कर्नाटक) **************************************************************************** महाविजय अभियान से,अश्वमेध का अश्व। क्षत-विक्षत रिपुदल हुआ,कामदार तेजश्वll अहंकार की आग में,हुआ विरोधी अन्त। चोरों का अदभुत मिलन,हार गई उस सन्तll गाली प्रधान को हर दिवस,कह गब्बर अपमान। नोटबंदी का भय दिखा,सूट-बूट बदनामll राष्ट्रवाद भारी पड़ा,मुद्दा बना विकास। बालकोट का शौर्यबल,मोदी पर विश्वासll रण भेदा कुरुक्षेत्र का,पार्थ … Read more

बेटी

सुरेश चन्द्र सर्वहारा कोटा(राजस्थान) *********************************************************************************** भेदभाव अपमान को,कदम-कदम पर झेलl फिर भी बेटी बढ़ रही,ज्यों-त्यों जीवन ठेलll कह सकते उनको नहीं,कभी सभ्य परिवारl खाती हो जिनके यहाँ,बेटी गाली मारll करें भरोसा बेटियाँ,बोलो किस पर आजl कामुकता में लिप्त जब,घर परिवार समाजll बेटी को देवी समझ,भले न पूजें पाँवl लेकिन घर में तो उसे,दें सम्मानित ठाँवll … Read more

अहंकार

डॉ.एन.के. सेठी बांदीकुई (राजस्थान) ************************************************************************* दर्प कभी ना कीजिये, करता जीवन नाश। धारण करे विनम्रता, सदाचार का वास॥ अहंकार किसका करे, देह न अपनी होय। साथ नहीं कुछ जायगा, अंत अकेला होय॥ नश्वर देह आत्म अमर, मिथ्या है संसार। समझ लीजिये तत्त्व यह, जीवन का यह सार॥ अहं भाव को त्यागकर, होता निरहंकार। उसी मनुज … Read more

दरकते रिश्ते

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** रिश्ते नाजुक डोर हैं,रखना इसे सम्हाल। कहीं टूट जाये नहीं,होना नहीं बेहाल॥ रिश्ते मुश्किल से जुड़े,बन्धन है अनमोल। इसे निभाना साथियों,स्वागत कर दिल खोल॥ बिकते रिश्ते हैं नहीं,यह तो है अहसास। दिल कॆ नाजुक तार हैं,होते हरदम पास॥ कभी छोड़ जाना नहीं,बीच डगर में साथ। कदम मिलाकर ही … Read more

स्वागत करूँ सतरंगी अरुणाभ

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’ बेंगलुरु (कर्नाटक) **************************************************************************** अभिनंदन स्वागत करूँ,सतरंगी अरुणाभ। नव उमंग नव लक्ष्य पथ,द्रुत नवगति नीलाभll नवप्रभात दर्शन सुलभ,नया सृजन नवनीत। नव उमंग नवरंग से,परहित कर नवप्रीतll अनुरागी हम हैं वतन,धर्म रीति अरु नीति। हैं सहिष्णु समरस सुलभ,गाएँ भारत गीतिll खग मृग सह पादप लता,हूँ निकुंज सुखधाम। मातु प्रकृति नवरस सहज,कँटिल पुष्प अभिरामll … Read more

पेड़

डॉ.विद्यासागर कापड़ी ‘सागर’ पिथौरागढ़(उत्तराखण्ड) ******************************************************************************   सिसकी भरकर रो रहे,                   अरे बचा लो पेड़।    यौवन में ही हो रहे,                   आज युवान अधेड़ll      साँसों का टोटा हुआ,                 … Read more

जीवन

डॉ.विद्यासागर कापड़ी ‘सागर’ पिथौरागढ़(उत्तराखण्ड) ****************************************************************************** जोड़े से फिर ना जुड़े , मत तोड़ो विश्वास। टूटे तो यह आप भी, तोड़े जीवन आस॥ मधुर बोल हँसते सुमन, कटु है सूखी काठ। मधुर बोल से नेह हो, कटु से लगती गाँठ॥ कल का जीना कुछ नहीं, कल का जीना खाक। जीना तो है आज का, जो है … Read more

बोले जो सच बोल

बिनोद कुमार महतो ‘हंसौड़ा’ दरभंगा(बिहार) ********************************************************************* बुराई की जड़ जाने,इच्छा भ्रम व द्वेष। जो इससे बचकर रहे,कष्ट न होता लेश॥ चुप हो कर्म करे सदा,व्यर्थ न करे विवाद। भले आज जो कोसते,कल फिर देंगे दाद॥ भय जिनको होता नहीं,होता है मन शुद्ध। राही जो परमार्थ के,वो ही बनते बुद्ध॥ दमन बुराई का करे,बोले जो सच … Read more