करो धरा से प्यार
सुनीता बिश्नोलिया चित्रकूट(राजस्थान) ****************************************************** विश्व धरा दिवस स्पर्धा विशेष……… कानन-नग-नदियाँ सभी,धरती के श्रृंगार। दोहन इनका कम करें,मानें सब उपहार॥ अचला का मन अचल है,डिगे न छोटी बात। पर मानव का लोभ क्यों,छीन रहा सौगात॥ देख धरा की ये दशा,पीर उठी मन माय। जख्म जिगर में देय के,कोय नहीं सुख पाय॥ हरी-भरी धरती रहे,नीला हो आकाश। … Read more