हिन्दी है उत्कृष्ट

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ******************************************* ‘विश्व हिंदी दिवस’ विशेष….. हिन्दी हितकर है सदा,हिन्दी इक अभियान।हिन्दी में तो आन है,हिन्दी में है शान॥ हिन्दी सदा विशिष्ट है,हिन्दी है उत्कृष्ट।हिन्दी अपनायें सभी,होकर के आकृष्ट॥ कला और साहित्य है,पूर्ण करे अरमान।हिन्दी में है उच्चता, ‘शरद’ सभी लें मान॥ हिन्दी का उत्थान हो,हिन्दी का सम्मान।हिन्दी पर अभिमान हो,हिन्दी का … Read more

अनुशासन

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ******************************************* अनुशासन का है नहीं,किंचित यहां विकल्प।अनुशासन को मानना,आगत का संकल्प॥ अनुशासन को मानकर,मानव बने महान।अनुशासन संकल्प है,जो लाता सम्मान॥ अनुशासन है चेतना,अनुशासन उत्थान।अनुशासन को थामकर,जीना हो आसान॥ अनुशासन संदेश है,अनुशासन शुभकर्म।अनुशासन है बंदगी,अनुशासन है धर्म॥ अनुशासन है प्रेरणा,अनुशासन शुभगान।अनुशासन है सादगी,अनुशासन जयगान॥ अनुशासन है साधना अनुशासन है ध्यान।अनुशासन है जागरण,मानव … Read more

सर्द हवाएँ

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ******************************************* सर्द हवाएँ चल रहीं,फैला है आतंक।जाड़े ने ढाया कहर,मार रहा है डंक॥ कुहरे ने सब कुछ ढँका,सूझे भी नहिं हाथ।स्वेटर,कंबल दे रहे,बस मानव का साथ॥ जनजीवन सब सुस्त है,सड़कें हैं सुनसान।सर्द हवाएँ श्राप हैं,मौसम है हैवान॥ बर्फीली चलती हवा,मार रही है तीर।कौन सुनेगा आदमी,को होती जो पीर॥ चाय,गर्म का दौर … Read more

अटल बिहारी शान थे

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ******************************************* अटलबिहारी वाजपेयी विशेष… अटल अटल इंसान थे,रखते थे ईमान।जन-जन के हितकर बने,रखा सभी का ध्यान॥ जीवन में शुचिता लिए,गही सत्य की राह।उनके चोखे काम लख,निकली मुँह से वाह॥ राजनीति सेवा बनी,रखा समर्पण ख़ूब।किए सभी कारज सदा,गहरे में नित डूब॥ अटल बिहारी शान थे,रचे उच्च आयाम।सकल देश करता सदा,उनको सदा सलाम॥ … Read more

सात वचन

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ******************************************* नर-नारी यह चाहते,क़िस्मत जाए जाग।सात वचन के संग में,हँसता हो अनुराग॥ नारी करवा पूजकर,माँगे यह वरदान।हे! माता देना सदा,मेरे पति को जीवनदान॥ नारी की खुशियाँ तभी,जब तक संग सुहाग।पत्नी बिन फुफकारता,तन्हाई का नाग॥ काया का सौंदर्य भी,चाहे सदा सुहाग।वरना हर श्रृंगार तो,हो जाते बेराग॥ सचमुच में अभिशाप है,नारी,बिन सिंदूर।पत्नी बिन … Read more

कान्हा

ममता तिवारी ‘ममता’जांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** हिय हरिणी मुख मोहना,हँसत बदन नँदलाल,गोपी गौओ सँग फिरे, गोकुल में गोपाल। करे खेल लीला रचे,धर मानव के रूप,परमब्रम्ह मानव बने,दानव राक्षस काल। बेणुतान ही अस्त्र है,शस्त्र रूप अनुरूप,मारे मोहक तान से,घायल बाल अबाल। अकुलाए वो अवतरित,देख धरनि के पीर,भीषण अत्याचार का,काटे-छांटे जाल। गीता का संदेश दे,करे अनुग्रह लोग,दिशा सुधारे देश को,जन-जन … Read more

जनरल बिपिन रावत

जबरा राम कंडाराजालौर (राजस्थान)**************************** मेरी सेना के योद्धा (केंद्र- जनरल बिपिन रावत) असमय में जाना हुआ,बुरा यही संदेश।लहर शोक फैली चहुं,शोक संतप्त देश॥ रहे सदैव खड़े अड़े,लड़े देश हित जंग।अरि की गली दाल नही,रह गय फीका रंग॥ योद्धा वही अजेय था,नाम विपिन था वीर।प्रहरी सुरक्षा का खरा,फौलादी प्राचीर॥ विदा विपिन रावत हुए,सैनिक वीर महान।भई उदासी … Read more

अभिमान

डॉ. मनोरमा चन्द्रा ‘रमा’रायपुर(छत्तीसगढ़)******************************************* नित्य बचें अभिमान से,धैर्य धरें अति नेक।अहंकार में जो पड़े,खोता सदा विवेक॥ अभिमानी को देखकर,मुँह लेना नित मोड़।संगत में पड़ना नहीं,उससे नाता तोड़॥ धन-वैभव में पड़ सदा,करना नहीं घमंड।समय साथ नित जाग लें,मिलती खुशी प्रचंड॥ सब तन इष्ट प्रकाश सम,फिर कैसा अभिमान ?जाति-धर्म सब भेद तज,जन-जन एक सुजान॥ बनकर प्रबुद्ध चल … Read more

अपनाओ संस्कार

प्रिया देवांगन ‘प्रियू’ पंडरिया (छत्तीसगढ़) ********************************** जीवन कटुता त्याग दो,है सबके संस्कार।बढ़े कदम आगे सदा,होगी कभी न हार॥ अपनाओ संस्कार को,यही एक पहचान।समता रखना साथ में,बनो नेक इंसान॥ मात-पिता के सामने,जोड़े रखना हाथ।भूल-चूक को माफ कर,देते हरपल साथ॥ सदा सत्य वाणी रहे,देना सबको मान।संस्कारों में जो रहे,जीवन हो आसान॥ बदले उसके भाग्य को,जिसके हो व्यवहार।संस्कारों … Read more

श्रद्धांजलि:बिपिन रावत

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************* मेरी सेना के योद्धा (केंद्र- जनरल बिपिन रावत) सिसक रही माॅं भारती,साश्रु वतन संतान।खोकर विपिन सपूत को,अमर शौर्य बलिदान॥ आज पार्थ अवसान सुन,शोकाकुल जन देश।शान तिरंगा वतन खो,बिलख रहा उपवेश॥ वीर काल विकराल था,शत्रुंजय सिरमोर।थर्राता रिपुदल सतत,राष्ट्र मुकुट यश मोर॥ आज पराजित काल से,हुआ विजेता देश।बिपिन वीर तन तज … Read more