माँ मेरी प्रेरणा
डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) *********************************************** ममता करुणा हृदय तल, स्नेह सुधा उर पान।माँ जननी धरती समा, तू जीवन वरदान॥ क्षमा दया जीवन कला, तू जीवन सुख छाँव।सुख दुख आपद रक्षिका, अश्क नैन लखि घाव॥ सहनशीलता परिधि माँ, जीती बस सन्तान।सर गम को पीती स्वयं, रखे पूत सुख मान॥ गंगा सम पावन हृदय, स्नेह सलिल … Read more