शिक्षा हो सब जन सुलभ
डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************ संविधान शिक्षा प्रजा,मिला मूल अधिकार।आलोकित शिक्षा मनुज,न्याय त्याग आचार॥ शिक्षा मिले समाज में,संस्कार परिवार।छल कपटी सत्तापरक,राजनीति गद्दार॥ धर्म जाति शिक्षा निहित,लोकतंत्र है आज।रोजगार भी जातिगत,बस नफ़रत आगाज़॥ दर-दर ठोकर खा रहे,शिक्षित उच्च सुपात्र।आरक्षण की मार से,तरुणाहत है गात्र॥ लोकतंत्र हो तब सफल,मिटे जाति अरु धर्म।सम्मानित शिक्षित गुणी,अभिनंदित हो कर्म॥ … Read more