उजास मन

आशा आजादकोरबा (छत्तीसगढ़) ********************************************************************** मानव हृदय उजास रख,कर लें सुंदर काम।नेक कर्म औ भाव से,मिलता जग में नामll बुरे कृत्य को छोड़ कर,लाएँ सुंदर भाव।मानवता की राह पर,कभी न हो ठहरावll पुलकित मन सबका करें,भर दें नव उल्लास।भारत का हर नागरिक,धरें आप विश्वासll नित्य उजाला ज्ञान का,जन-जन में संचार।मृदु वाणी सुंदर रहे,सुंदर हो व्यवहारll द्वेष … Read more

बदला लो बस चीन से

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) *********************************************************************** करता हूँ प्रातःनमन,सूर्योदय अरुणाभ।रोगमुक्त मानव जगत,भू श्यामल नीलाभll सादर दूँ श्रद्धा सुमन,शौर्यवीर बलिदान।प्राणों को अर्पित किया,भारत माँ सम्मानll नमन करूँ माँ कोख को,जना महान् सपूत।अर्पित जीवन भारती,अमर विजय अवधूतll नमन पिता सौभाग्य को,कुलदीपक पा धन्य।शीश चढ़ाया जो वतन,शत्रुंजय पा पुण्यll धन्य आज माँ भारती,पायी पूत सुपात्र।हवनकुण्ड आहूत दे,जिया धर्म … Read more

पावस

बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)******************************************************************** पावस-पावस मौसम आ गया,देखो सुन्दर आज।कृषक वर्ग करने लगे,खेतों में अब काज॥ मानसून-मानसून मौसम सुखद,ठंडी चले बयार।मन हर्षित होने लगा,पा कर तेरा प्यार॥ वारिद-वारिद घिरने हैं लगे,देखो अब बरसात।सुन्दर पड़े फुहार की,मिली हमें सौगात॥ पछुआ-चली पवन पछुआ यहाँ,बनकर आँधी रूप।घोर तबाही है मची,भरे नदी अरु कूप॥ कृषक-कृषक हुआ खुश आप … Read more

वादा

मनोरमा चन्द्रारायपुर(छत्तीसगढ़)******************************************************** ईश्वर से वादा किया,नाम जपूँगा रोज।जगत मोह में भूलकर,किया नहीं कुछ खोज॥ जब तुमने वादा किया,तोड़ रहे क्यों आज।मन मेरा अति व्यथित है,सही नहीं अंदाज॥ जीवन भर का साथ है,करता हूँ इकरार।रखूँ तुझे पलकों बिठा,करूँ नहीं नाराज॥ नहीं निभा सकते अगर,वचन नहीं दो यार।करके वादे तोड़ना,देता चुभन अपार॥ चलो प्रतिज्ञा हम करें,बनें मसीहा … Read more

रक्तदान देवत्व

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) *********************************************************************** सब दानों में है बड़ा,करो रक्त का दान।बच जाता इंसां ‘शरद’,खुश होता भगवान॥ रुपया-पैसा,अन्न भी,रखता है निज मान।पर सबसे उत्तम सदा,करो रक्त का दान॥ जीवन सबसे क़ीमती,होती मंहगी जान।रक्तदान देकर करो,देवों का सम्मान॥ रक्तदान इक चेतना,रक्तदान इक भाव।ना होता इस दान से,किंचित रक्त-अभाव॥ रक्तदान तो पुण्य है,रक्तदान अभियान।रक्तदान से ही … Read more

ज्ञानी करता करम महान

डीजेंद्र कुर्रे ‘कोहिनूर’ बलौदा बाजार(छत्तीसगढ़)******************************************************************** ज्ञानी करता ज्ञान से,जग में करम महान।भूल नहीं जाना कभी,ज्ञानी का अवदान ज्ञानी गढ़कर ज्ञान को,नित दिखलाता राह।पूरण करता ज्ञान से,इस दुनिया की चाह॥ गुरुवर सब ज्ञानी सदा,देकर अनुपम ज्ञान।कुंदन सम निज शिष्य को,करता परम महान॥ ज्ञान ध्यान अनुराग की,ज्ञानी करते बात।दुनिया में विज्ञान की,यही परम अनुपात॥ ज्ञानी जन की वंदना,अमृत … Read more

बेटी सबला निर्भया

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) *********************************************************************** मैं श्रद्धा सम्मान की,लज्जा का आगार।अम्ब प्रथम,फिर प्रेयसी,करुणामय अवतार॥ स्नेह नयन आँसू भरे,पोषणीय उर क्षीर।ममता का आँचल खुला,लिख परसुख तकदीर॥ स्नेह सुधा सरिता बनी,अवगाहन सन्तान।किया समर्पित जिंदगी,पूर्ण पूत अरमान॥ तू जननी हित कारिणी,शान्ति छाँव विश्राम।हम कपूत होते भले,तू निर्मल अभिराम॥ भूली सब निज वेदना,देख पूत अवसाद।झेल पराभव पूत का,मातु … Read more

आया नया सवेरा

प्रिया देवांगन ‘प्रियू’ पंडरिया (छत्तीसगढ़) *********************************************************************** नया सवेरा आ गया,सबको करूँ प्रणाम।हम मिलजुल करके करें,पूरा हो सब काम॥ फूल खिले हैं बाग में,भौरें भी मँडराय।नया सबेरा छा गया,पंछी गाना गाय॥ निकला सूरज भोर में,सारा जग चमकाय।कल-कल कर नदियाँ बहे,झरने भी लहराय॥ हँस रही है वसुंधरा,पत्ते शोर मचाय।तितली उड़ती जा रही,बागों पर इठलाय॥ कोयल कूके पेड़ … Read more

किसानों की पीड़ा

आशा आजादकोरबा (छत्तीसगढ़) ********************************************************************** इस धरती पर देव है,अपने सभी किसान। उपजाते हैं अन्न को,सबके ये भगवान॥ आज दुर्दशा देख लें,नित्य बहाते नीर, आय नहीं है क्या करें,कितना सहते पीर, कठिन तपस्या ये करे,होता बचत न धान, इस धरती पर देव हैं,अपने सभी किसान। फसल मेहनत से उगे,मिलता उचित न मोल, लाभ कहाँ से होय … Read more

मधुशाला सज महफ़िलें

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) *********************************************************************** गज़ब नीति सरकार की,कर मदिरा व्यापार।विकट आपदा है वतन,जनता है लाचार॥ मधुशाला फिर से सजी,नशाबाज गुलज़ार।गज़ब रोग उपचार यह,भाग रहे बेकार॥ बाँट रहा जग दुआ वह,जिसे स्वयं दरकार।भूली जनता जाम ले,आमद में सरकार॥ अंगराज शरमा रहा,मधु दान को देख।‘कोरोना’ शकुनी करे,नाश मनुज अभिलेख॥ खाने के लाले पड़े,मचा पलायन देश।मधुशाला … Read more