चिकित्सा मुफ्त तो शिक्षा क्यों नहीं…?

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* पंजाब में कांग्रेस की उथल-पुथल पूरे देश का ध्यान खींच रही है,लेकिन वहीं से एक ऐसा बयान भी आया है,जिस पर नेताओं और नौकरशाहों को तुरंत ध्यान देना चाहिए। वह बयान है-दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का। श्री केजरीवाल आजकल अपनी आप पार्टी का चुनाव अभियान चलाने के लिए पंजाब की यात्रा … Read more

सर्वव्यापी महामारियाँ:गंभीर चिंतन जरूरी

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’जमशेदपुर (झारखण्ड)******************************************* हम सब ढीले पड़ रहे हैं,मिलना-जुलना सब-कुछ चल रहा है। हम सब सोच रहे हैं, तीसरा डेल्टा कोविड नहीं आया है,या अभी देर है। तरह-तरह की अटकलें। चिकित्सक और वैज्ञानिक भी अब तीसरी लहर नहीं चाहते हैं,पर भीतर चिंतित भी तो हैं।इतिहास गवाह है कि,संसार में सदियों से कभी-कभी सर्वव्यापी … Read more

राष्ट्रवादी प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री

गोपाल मोहन मिश्रदरभंगा (बिहार)***************************************** जन्म दिवस (२ अक्टूबर) विशेष… लाल बहादुर शास्त्री हिन्दुस्तान के स्वर्णिम इतिहास में…एक ऐसा नाम…एक ऐसा किरदार…एक ऐसा व्यक्तित्व और एक ऐसा राजनेता थे,जिन्हें आज किसी पद,प्रतिष्ठा से नहीं,बल्कि सादगी,ईमानदारी व निर्णय क्षमता के आधार स्तम्भ के रूप में जाना जाता है। शास्त्री जी २१वीं सदी की युवा पीढ़ी के दिलों … Read more

शास्त्री जी के हर वाकये में सीख

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** जन्म दिवस (२ अक्टूबर) विशेष….. सभी जानते हैं कि,२ अक्टूबर को सादगी की प्रतिमूर्ति लाल बहादुर शास्त्री जी का जन्मदिन है।यह भी जानते होंगे कि यह गाँधी जी को अपना गुरु मानते थे और उन्हीं से उन्होंने सादगी और देश के प्रति प्रतिबद्धता सीखी। एक बार उन्होंने गाँधीजी के लहजे में … Read more

बैंकिंग प्रणाली कितनी न्याय-संगत ?

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** हाल ही में उच्चतम न्यायालय के न्यायमूर्ति धनंजय यशवंत चंद्रचूड़ ने एक आभासी कार्यक्रम में समाज के बौद्धिकों से जो कुछ आह्वान किया,उसका सारांश यही है कि तथ्यपरक आवाज उठाते रहना है। इसके कुछ ही दिन पहले टेलीविजन परिचर्चा के दौरान एक ख्याति प्राप्त कॉर्पोरेट विश्लेषक ने भी बैंकिंग प्रणाली से … Read more

‘इलाज-पत्र’ की नई पहल

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिसे ‘आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन’ कहकर शुरु किया है,उसे हिंदी में ‘इलाज-पत्र’ कहता हूँ। नौकरशाहों द्वारा यह अधकचरी अंग्रेजी में गढ़ा गया नाम यदि सादी भारतीय भाषा में होता तो वह आम आदमी की जुबान पर आसानी से चढ़ जाता लेकिन जो भी हो, यह ‘इलाज पत्र’ भारत … Read more

हिंदी:भाषा-प्रयोगशाला बनाई जाए

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) *************************************** भारत की आत्मा ‘हिंदी’ व हमारी दिनचर्या…. “हिंदी में तो शान है,हिंदी में है आन।हिंदी में क्षमता भरी,हिंदी में है मान॥हिंदी में है नम्रता,किंचित नहीं अभाव।नवल ताज़गी संग ले,बढ़ता सतत प्रभाव॥” हिंदी एक ऐसी भाषा है जो आसानी से हर वर्ग को समझ आती है। हिंदी के विकास के लिए … Read more

हिंदीभाषी प्रान्त एक हो जाएं तो कठिन काम नहीं

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************** भारत की आत्मा ‘हिंदी’ व हमारी दिनचर्या…. आप जितना परछाई पकड़ने का प्रयास करते हैं,वह बढ़ती जाती है और आप स्थिर हो जाएं तो वह पकड़ में आ जाती है। ऐसे ही हिंदी दिवस पर हिंदी की बात एक औपचारिकता होती है। आज हिंदी का विकास,लेखन और प्रचलन कागजों में बहुत है,पर व्यवहारिक … Read more

हिन्दी को अस्मिता की लड़ाई स्वयं लड़ना होगी

विजयलक्ष्मी विभा इलाहाबाद(उत्तरप्रदेश)************************************ भारत की आत्मा ‘हिंदी’ व हमारी दिनचर्या…. आज़ादी के बाद जहां हिन्दी को निरन्तर प्रगति पथ पर अग्रसर दिखना चाहिए था,जहां उसे राष्ट्रभाषा के गौरवपूर्ण पद पर प्रतिष्ठित किया जाना चाहिए था,जहां उसे ग्रामीणांचलों से निकल कर विश्व पटल तक अपनी पहुंच बनाना चाहिए थी,जहां उसे न्यायालय से लेकर राजनीति के उच्चासनों तक … Read more

हिंदी मेरी पहचान,अस्मिता

नमिता घोषबिलासपुर (छत्तीसगढ़)**************************************** भारत की आत्मा ‘हिंदी’ व हमारी दिनचर्या…. हर एक देश की पहचान उस देश की भाषा और संस्कृति से ही होती है। किसी भी देश की एकता और स्थायित्व में उस देश की राष्ट्रभाषा की अहम व महत्वपूर्ण भूमिका होती है।कवि ने कहा है -‘निज भाषा उन्नति अहै,सब उन्नति को मूल,बिन निज … Read more