समय की मांग है संयम और नैतिकता

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)********************************************* संयम और नैतिकता के बूते ही जीवन सुखमय तो होता ही है, साथ-साथ सम्मानजनक भी। सभी जानते हैं कि, विलासिता से अनेक अवगुण स्वत: ही अपने-आप विकसित हो जाते हैं और इनसे बचने के लिए संयम ही एक कारगर हथियार है, लेकिन हमें सुख जितना पसन्द है, उतना संयम नहीं; क्योंकि … Read more

उत्साह से सकारात्मक रहकर पाएं सफलता

ललित गर्गदिल्ली************************************** आप आज जहां हैं, जाहिर है कि अपने काम करने के खास तरीके के कारण हैं। आपका स्वास्थ्य, रुपए-पैसे की स्थिति, रिश्ते और करियर वगैरह सब, आपकी कार्यप्रणाली और निर्णयों का नतीजा हैं। ऐसे में महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि, आप जहां हैं, क्या उस पड़ाव पर खुश हैं ? अगर आप यूँ … Read more

स्वावलंबन से ही राष्ट्र पुनर्निर्माण संभव

डॉ. पुनीत कुमार द्विवेदीइंदौर (मध्यप्रदेश)********************************** ‘विश्व उद्यमी दिवस’ (२१ अगस्त) विशेष… ‘विश्व उद्यमी दिवस’ विशेष तौर पर विश्व के उद्योग और व्यापार क्षेत्र के उद्यमियों के महत्व को मान्यता देने वाला एक महत्वपूर्ण दिन है। यह दिन मनाकर हम उन सभी महान उद्यमियों को याद करते हैं, जिन्होंने पहल, संघर्ष और मेहनत के माध्यम से … Read more

स्वतंत्रता:नैतिकता और देशभक्ति की बहुत जरुरत

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)******************************************* चिंतन…. स्वतंत्रता की भूमिका हमारे देश में १८५७ से शुरू हुई थी, जिसमें मंगल पांडेय, झाँसी की रानी जैसे हजारों लोगों ने अपने जीवन का बलिदान दिया था। उस समय एक ही लक्ष्य था कि, हमें गुलामी की जंजीरों से मुक्त होना है। अथक प्रयास और कुर्बानियों का सिलसिला चला जा रहा था। … Read more

अब हो नया सवेरा

ललित गर्गदिल्ली************************************** ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ मनाने के बाद शताब्दी वर्ष की ओर अग्रसर होते हुए एक बड़ा एवं बुनियादी प्रश्न खड़ा है कि, क्या हम वास्तविक रूप में आजाद हैं ? सवाल यह भी कि, क्या हम आजादी के सही मायने जानते हैं ? क्या हम आजादी का सही अर्थ समझ पाए हैं ? … Read more

खुशियाँ पाएं ‘मित्रता’ के बीज बोकर

ललित गर्गदिल्ली************************************** एक-दूसरे से जुड़े रहकर जीवन को खुशहाल बनाना और दिल में जादुई संवेदनाओं को जगाना है तो उनके लिए एक रिश्ता है दोस्ती का। मित्र, सखा, दोस्त, चाहे किसी भी नाम से पुकारो, दोस्त की कोई एक परिभाषा हो ही नहीं सकती। हमें तन्हाई का कोई साथी चाहिए, खुशियों का कोई राजदार चाहिए … Read more

स्वास्थ्यवर्धक सर्वोत्तम औषधि ‘पानी’

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)******************************************* अशुद्ध पानी हमारे लिए बीमारियों का सुगम स्त्रोत है, तो शुद्ध पानी सर्वोत्तम औषधि है। पानी प्राप्त करने के कई स्त्रोत हैं, पर वर्षा का जल सर्वोत्तम होता है।आकाश से गिरा हुआ जल, समय के अनुसार गमन करने वाले चन्द्रमा, वायु, सूर्य से स्पर्श हो जाने के बाद समीप के पृथ्वी गुण के … Read more

आत्म-गौरव के रूप में स्वीकारें वृद्धों को

ललित गर्गदिल्ली************************************** ‘विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस’ समाज एवं परिवार के निर्माण की दिशा में वरिष्ठ नागरिकों द्वारा किए गए प्रयासों को मान्यता देने के लिए मनाया जाने वाला एक प्रयोजनात्मक अवसर एवं उत्सव है। यह दिन उन तरीकों को खोजने के लिए भी मनाया जाता है कि, कैसे समाज में बुजुर्ग लोगों की उपेक्षाओं एवं … Read more

कितना बदला जम्मू-कश्मीर…

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** “ऐसे टकटकी लगाए क्या देख रहे हो काका ?”“बेटे! वह देख थोड़ी-सी दूरी पर ही पीओके की नीलम वैली। हमारे देश का मुकुट। नदी के एक ओर हमारा ये केरन गाँव है। श्रीनगर से १६५ किलोमीटर दूर है। आज के दिन ही अनुच्छेद ३७० हटा था। आज पूरे ४ साल हो गए … Read more

‘स्टडी इन इंडिया’ से क्या हासिल होगा ?

ललित गर्गदिल्ली************************************** आजकल की शासन व्यवस्थाएं लोक कल्याणकारी एवं संवेदनशील न होकर आर्थिक एवं राजनीतिक प्रेरित होती जा रही है। शिक्षा एवं चिकित्सा जैसी मूलभूल जरूरतों के लिए भी सरकारों का नजरिया अर्थ-प्रदान होता रहा है। स्वास्थ्य और शिक्षा के निजीकरण की हमें भारी कीमत चुकानी पड़ी है। विडम्बना देखिए कि, देश के बच्चों को … Read more