सफेद गुलाब
डॉ. योगेन्द्र नाथ शुक्लइन्दौर (मध्यप्रदेश)***************************************** आखिरकार उसने दुकान में फ्लेक्स टांग ही दिया। उसका फार्मूला सही बैठा। लड़के-लड़कियों की भीड़ लगना शुरू हो गई। पहले वो फ्लेक्स को पढ़ते, कुछ सोचते, फिर फूल खरीदते। जैसा उसने सोचा था, वैसा ही हुआ। उसे दम मारने की फुरसत नहीं मिल रही थी। दस-पंद्रह वाली गुलाब की कली … Read more