सीख गई सबक निम्मी

निशा सतीशचन्द्र मिश्रा यामिनी मुंबई(महाराष्ट्र) ************************************************ निम्मी अभी कॉलेज से आती ही होगी, यह सोच जल्दी-जल्दी घर के काम को आभा निपटाते हुए जल्दी से किचन में जाकर दोपहर के खाने की तैयारी करने लगी।सारा काम ख़तम होने के बाद जैसे ही आभा सोफे पर बैठी ही थी कि,दरवाजे की घंटी बजी और बाहर से चिल्लाने … Read more

बेरंग होली

सुरेन्द्र सिंह राजपूत हमसफ़र देवास (मध्यप्रदेश) ******************************************************************************* इस महीने रमेश के वेतन से ८० प्रतिशत पैसा पत्नी के इलाज़ में खर्च हो चुका था। एक बार डॉक्टर के पास जाने की देर है,फ़िर तो ये जाँच ,वो जाँच दवाई से चार गुना रुपया डॉक्टर द्वारा लिखी गई जाँच में खर्च हो जाता है। एक बार तो … Read more

सौतेली

मालती मिश्रा ‘मयंती’ दिल्ली ******************************************************************** चाय की ट्रे लेकर जाती हुई उर्मिला के पाँव एकाएक जहाँ थे,वहीं ठिठक गए,जब उसके कानों में पड़ोस की प्रभावती ताई की आवाज पड़ी,जो उसकी माँ से कह रही थीं,-“अरे नंदा कब तक घर में बैठाकर रखेगी जवान विधवा बेटी को ? अभी तो उसकी पूरी जिंदगी पड़ी है सामने। … Read more

इक विश्वास था…

डॉ.रीता जैन’रीता’ इंदौर(मध्यप्रदेश) *************************************************** मेरी बेटी की शादी थी और मैं कुछ दिनों की छुट्टी लेकर शादी के तमाम इंतजाम को देख रहा थाl उस दिन सफर से लौटकर मैं घर आया तो पत्नी ने आकर एक लिफाफा मुझे पकड़ा दियाl लिफाफा अनजाना था लेकिन प्रेषक का नाम देखकर मुझे एक आश्चर्यमिश्रित जिज्ञासा हुईl ‘अमर … Read more

झुमके वाली बेजुबां…

शिवांकित तिवारी’शिवा’ जबलपुर (मध्यप्रदेश) ******************************************************************** बात मार्च माह की है,जब सर्दियों का मौसम धीरे-धीरे खिसक रहा था और ग्रीष्म ऋतु दहलीज पर थी। विवान अपनी कक्षा १२वीं की परीक्षाओं की तैयारियों में पूरी तरह से व्यस्त था,क्योंकि विवान ने पहले से निश्चय कर लिया था कि इस वर्ष वह प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण करेगा। बस … Read more

कामिनी

पूजा हेमकुमार अलापुरिया ‘हेमाक्ष’ मुंबई(महाराष्ट्र) **************************************************************************** शादी के रिश्तों ने अपनी दस्तक कामिनी की १२ वीं की परीक्षा से पहले ही दे दी। ना जाने कहाँ-कहाँ से रिश्ते आए,मगर कभी घर पसंद नहीं आता तो कभी लड़का..। ये सिलसिला लगभग डेढ़-दो साल तक यूँ ही चलता रहा। मम्मी को भी यही चिंता सताती कि कहीं … Read more