निशान्त

राजकुमार अरोड़ा ‘गाइड’ बहादुरगढ़(हरियाणा) *********************************************************************** रमेश बाबू अपने वर्तमान से संतुष्ट थे। स्थानीय पोस्ट ऑफिस में क्लर्क की नौकरी शुरू की थी,वहीं पर अब पोस्टमास्टर हो गये थे।सरल,मीठा बोल,सहनशीलता उनका चरित्र बन गया था। अपनी मनमोहक मुस्कान से हर आने वाले का दिल जीत लेते थेl उनके अनुभव की छाप उनके चेहरे पर साफ झलकती … Read more

बदलते रिश्ते

डॉ.साधना तोमर बागपत(उत्तर प्रदेश) *************************************************************** शालू ग्रीष्मकालीन अवकाश में एक महीने के लिए बच्चों के पास पूना आयी थी। बेटा,बहू और बेटी सब एकसाथ रहते थे। बेटी,बहू दोनों एक ही कम्पनी में इंजीनियर थी और बेटा अलग कम्पनी में। बेटा बहुत कम बोलता था,हर समय अपने काम में लगा रहता। उसे न घूमने का शौक … Read more

तनाव

वीना सक्सेना इंदौर(मध्यप्रदेश) *********************************************** “चल रोहित लंच करते हैं”,आशीष ने रोहित से आकर कहा।आशीष रोहित का सहयोगी था। ऑफिस में लंच टाइम हो चुका था,लेकिन रोहित का आज लंच करने का मन नहीं था। वास्तव में वह घर से लंच लाया ही नहीं था। कई दिनों से वह बहुत ही ज्यादा वर्क प्रेशर में अपने-आपको … Read more

आशंका

वीना सक्सेना इंदौर(मध्यप्रदेश) *********************************************** “मम्मी शुभी स्कूल से आ गई..!” ठीक साढ़े तीन पर अरिजीत का फोन आ जाता था। “नहीं बेटा अभी नहीं आई..” “घड़ी देखिए,पौने चार हो रहे हैं।थोड़ी देर बाद फिर फोन..बार-बार बेटे के फोन से अब सुधा जी को भी घबराहट होने लगी…क्योंकि,उनकी पोती स्कूल से रोज साढ़े तीन पर आती … Read more

योग,केला और भाला…

जितेन्द्र वेद  इंदौर(मध्यप्रदेश) ************************************************************* निशांत बार-बार सोच रहा था,पर उसे समझ नहीं आ रहा था कि एक केले से देश का कौन-सा बड़ा नुकसान हो गया कि बात को इतना तूल दिया रहा था। एक अदद केला कुछ समय के लिए भूख मिटा सकता है। खड़े रहने की क्षमता दे सकता…और..कुछ पल के लिए ही … Read more

भड़ास बेंच

वीना सक्सेना इंदौर(मध्यप्रदेश) *********************************************** बच्चे स्कूल से आ चुके थे,उन्हें खिला-पिला कर तैयार कर नीचे खेलने के लिए भेज दिया पल्लवी ने। ४ बज चुके थे,इस समय तक पल्लवी थोड़ी अलसाई हुई हो जाती थी,इसलिए उसने अपने लिए एक कप चाय बनाई और बालकनी में आकर खड़ी हो गई। दूर-दूर तक फैली हुई हरियाली को … Read more

सबकी कर्मठ दादी

रेणु झा ‘रेणुका’ राँची(झारखंड) ******************************************************************* बचपन से देखा मैंने उस दादी को,वह सभी की दादी थी। हम उन्हें दादी कहते हैं,पापाजी भी दादी कहते हैं। यानी बच्चे,बड़े सभी की दादी। मेहता चाचा ने तो उन्हें सदाबहार, अन्तरराष्ट्रीय दादी की उपाधि दे दी थी। दादी मोहक व्यक्तित्व की धनी और ऊर्जा से सराबोर थी। उनका बस … Read more

सफलता

मोनिका शर्मा मुंबई(महाराष्ट्र) ***************************************************************** सरस्वती विद्यालय में रुक्मिणी जी का आगमन एक हिन्दी शिक्षिका के रूप में हुआ। वह छठी कक्षा को हिन्दी पढ़ाती। पहले कुछ दिनों में उन्होंने बच्चों से बातचीत कर उन्हें जाना और हर एक बच्चे को परख लिया। कक्षा के सभी बच्चे पढ़ाई में अव्वल एवं खेलकूद में भी अच्छे थे,परंतु … Read more

चाय की गुमटी

वीना सक्सेना इंदौर(मध्यप्रदेश) ************************************************ मॉल में शॉपिंग करते करते दो-ढाई घंटे बीत चुके थे… अजीब-सी थकान हो रही थी,और चाय पीने का मन भी कर रहा था..सामने मॉल के अंदर एक बहुत ही शानदार ए.सी. चाय की शॉप थीl मैंने अपनी दोस्त से कहा कि,चलो पहले हम चाय पी लेते हैं..फिर आगे की शॉपिंग करेंगेl … Read more

माँ तुझे सलाम

डॉ.हरेन्द्र शर्मा ‘हर्ष’ बुलन्दशहर (उत्तरप्रदेश) ********************************************************************************** कारगिल विजय दिवस स्पर्धा विशेष………. चारों ओर घनघोर अंन्धकार पूर्ण रात्रि व्याप्त है। कमान्डर का आदेश है कि,रात्रि में ही पीपलनाल पहाडी़ पर आक्रमण कर कब्जा जमाना है,जिससे कि दुश्मन को भनक तक न लग सके। दुश्मन पहाड़ की ऊँची चोटी पर बेखबर होकर विराजमान है,और वह तलहटी में … Read more