दुनिया अजनबी

डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* दुनिया है ये अजनबी, भांति-भांति के लोग।विषय रसों को भोगता, घेरे उसको रोग॥घेरे उसको रोग, कष्ट जीवन में पाता।कोई नहीं सहाय, स्वार्थ का है हर नाता॥जो करता सत्कर्म, याद रहती जीवनियाँ।वरना भूले लोग,बड़ी विचित्र है दुनिया॥ लोग यहाँ है अजनबी, ये दुनिया वीरान।सभी अकेले हैं यहाँ, आपस में अनजान॥आपस में अनजान, … Read more

जन-जन की आशा

डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* हिन्दी की बिन्दी… हिंदी भाषा हिंद की, आन बान अरु शान।संस्कृत इसकी मात है, लिपी नागरी जान॥लिपी नागरी जान, गर्व हम इस पर करते।इसमें नाना छंद, काव्य कविजन हैं रचते॥नवरस से परिपूर्ण, भाल की ये है बिंदी।मीठे इसके बोल, सभी अपनाएं हिंदी॥ भाषा ये अनमोल है, देती है संस्कार।उर्दू अरबी फारसी, … Read more

हत्या

डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* हत्या करता जीव की, कभी न पाता चैन।मन अशांत रहता सदा, दु:ख पाता दिन रैन॥दु:ख पाता दिन रैन, कभी आराम न पाता।जीवित रहती देह, आत्म विनाश हो जाता॥हत्या करना पाप, प्राण जो भी नर हरता।मिले दुखद परिणाम, जीव हत्या जो करता॥ मनसा वाचा कर्मणा, करें न हत्या पाप।सबमें आत्मा एक है, … Read more

किया जगत में नाम

डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* पावन कार्तिक मास में, नानक प्रगटे धाम।सदा किए शुभ कर्म ही, किया जगत में नाम॥किया जगत में नाम, पूजता ये जग सारा।जन्मे भारत भूमि, यही सौभाग्य हमारा॥तलवंडी है गाँव, धाम रावी मन भावन।किया जगत कल्याण, ज्ञान से सबको पावन॥ मानें गुरु नानक सभी, करिए मन से ध्यान।पावन कार्तिक पूर्णिमा, जन्मदिवस शुभ … Read more

वसुधा पावनधाम

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* धरती आकर्षक बहुत, पाया माता नाम।जो सचमुच अभिराम है, वसुधा पावनधाम॥वसुधा पावनधाम, इसी ने सब कुछ जाया।वसुधा का ही काम, आदमी ने सब पाया॥देख सके नहिं पीर, सदा जो पीड़ा हरती।जन्नत जैसी दिव्य, हमारी प्यारी धरती॥ धरती में आलोक है, दूर करे अँधियार।फसलों की रचना करे, जीव करे तैयार॥जीव करे तैयार, … Read more

धरती माता भंडार

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* धरती माता लाड़ का, है असीम भंडार।संतति की सेवा करे, है सुख का आगार॥है सुख का आगार, धरा है सुख की छाती।जो व्यापक संपन्न, प्रचुर है जिसकी थाती॥कौन गिने उपकार, मातु जो हम पर करती।सचमुच में है धन्य, हमारी माता धरती॥ धरती देती प्यार नित, गाती नेहिल गान।संतानों का भाग्य यह, … Read more

रहे अखण्ड सुहाग

डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* करवा चौथ विशेष… करती करवा चौथ व्रत, रहे अखण्ड सुहाग।पति की लंबी आयु हो, पत्नी करती त्याग॥पत्नी करती त्याग, आपदा कभी न आए।स्वस्थ रहे भरतार, खुशी जीवन में छाए॥प्रिया करे श्रृंगार, माँग अपनी वह भरती।रखे भावना शुद्ध, चौथ का व्रत वो करती॥ विकसित शशि मुख देखकर, व्रत खोले हर नारि।श्रद्धा से … Read more

हर मुश्किल में संग

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* भूलो बिलकुल भी नहीं,मित्र निभाता साथ।हर मुश्किल में संग है,नहीं छोड़ता हाथ॥नहीं छोड़ता हाथ,लड़े वो सारे जग से।रखे छुपा सब राज़,सुपरिचित वह रग-रग से॥मिले मित्र का साथ,खुशी से झूला झूलो।सदा रखो आभार,मित्र को कभी न भूलो॥ भूलो ना उपकार तुम,मानो नित अहसान।हरदम ही देते रहो,मित्रों को तुम मान॥मित्रों को तुम मान,बताता … Read more

पितृपक्ष वरदान

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* माता तेरी अरु पिता,सदा रहेंगे साथ।भले रहें परलोक वे,तो भी सिर पर हाथ॥तो भी सिर पर हाथ,सदा आशीष सजाएँ।देंगे तेरा साथ,सँजोकर प्रखर दुआएँ॥पितृपक्ष वरदान,पितर हर नेह बहाता।सारे पुरखे दिव्य,जनक अरु सबकी माता॥ पूजा करना धर्म है,मिलता है वरदान।पुरखों प्रति श्रद्धा रखो,होगा मंगलगान॥होगा मंगलगान,पुण्य मिलना ही मिलना।आशीषों से नित्य,अशुभ हिलना ही हिलना॥पितृ … Read more

यही हिंद की शान

डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* हिन्दी और हमारी जिन्दगी… हिंदी प्यारी है हमें, यही हिन्द की शान।हमको इस पर गर्व है, यह भारत का मान॥यह भारत का मान, सदा ही दिल में रहती।हिंदी है अनमोल, भाव बन करके बहती॥संस्कृत इसकी मात, भाल की है ये बिंदी।रखती सबको एक, राष्ट्रभाषा यह हिंदी॥ परिचय-पेशे से अर्द्ध सरकारी महाविद्यालय … Read more