मतदान

सुकमोती चौहान ‘रुचि’ महासमुन्द (छत्तीसगढ़) ********************************************************************************** जनता मेरे देश की,करे सभी मतदान। जागेंं निज हित के लिए,हक अपना पहचान हक अपना पहचान,राष्ट्र समृद्ध बुनिए जी। सबसे यही अपील,योग्य नेता चुनिए जी। कहती ‘रुचि’ करजोर,समय में ही फल पकता। लोकतंत्र की नींव,प्रगति अब चाहे जनता। परिचय-श्रीमती सुकमोती चौहान का साहित्यिक नाम ‘रुचि’ है। जन्मतारीख-५ नवम्बर १९८२ … Read more

सावन

बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* सावन मन भावन लगे,भक्ति शक्ति संगीत। सत्यम शिवम् विराजते,पावन सावन प्रीतll पावन सावन प्रीत,चढ़े झूले पर सखियाँ। तकती है मनमीत,बरसती सावन अँखियाँll शर्मा बाबू लाल,नहीं हो भाव अपावन। भक्ति प्रीत संजोग,लुभाए पावन सावनll हर-हर बम-बम गूँजता,नभ में बिजली मेह। वधू,कन्याएँ झूलती,झूले तीज सनेहll झूले तीज सनेह,सजे मेंहदी व कंगन। इन्द्र धनुष … Read more

चन्द्रयान-दो

बिनोद कुमार महतो ‘हंसौड़ा’ दरभंगा(बिहार) ********************************************************************* भेजा है फिर चाँद पर,’इसरो’ ने चन्द्रयान। दुनिया में भारत बना,चौथा देश महान॥ चौथा देश महान,इसकी लागत न ज्यादा। औरों की क्या बात,यहाँ आधे से आधा॥ कह ‘बिनोद’ कविराय,हर्षित हुआ कलेजा। इसरो पर है गर्व,चाँद पर इसको भेजा॥ परिचय : बिनोद कुमार महतो का उपनाम ‘हंसौड़ा’ है। आपका जन्म १८ जनवरी … Read more

मैं बस चौकीदार

डॉ.विभा माधवी खगड़िया(बिहार) *********************************************************************************************** जिसने पहुंचाया तुम्हें,सत्ता का दरबार। तुमने दुत्कारा उसे,दुश्मन का बन यार॥ दुश्मन का बन यार,जभी मैदां में आया। देशभक्त ने टाँग,खींचकर मजा चखाया। समझ न आई बात,हराया उसको किसने। निश्चित उसकी हार,अकड़ दिखलायी जिसने॥ देखो बोलूंगा यहां,मैं बस चौकीदार। भीड़ कहेगी ‘चोर है’,जी मेरे सरकार॥ जी मेरे सरकार,नहीं ये मेरे चमचे। … Read more

आओ हे गुरुवर

ममता बनर्जी मंजरी दुर्गापुर(पश्चिम बंगाल) ****************************************************************************** दोहा- आओ हे गुरुवर बसो,मन मंदिर में आज। बिन तेरे संसार में,बिगड़े सारे काज॥ रोला- बिगड़ै सारे काज,समझ में कछु नहिं आवै। मन में दु:ख संताप,सदा ही बढ़ता जावै॥ कहती ‘ममता’ नाथ,दया के हाथ बढ़ाओ। हर लो सब संताप,दया निधि गुरुवर आओ॥ कुंडलिनी- आओ हे गुरुवर बसो,मन मंदिर में आज। … Read more

मतदान-अधिकार

बाबूलाल शर्मा सिकंदरा(राजस्थान) ************************************************* भारत के संविधान में,दिए मूल अधिकार। मानवता हक में रहे,लोकतन्त्र सरकार। लोकतंत्र सरकार,लोक से निर्मित होती। भूलो मत कर्तव्य,कर्म ही सच्चे मोती। कहे लाल कविराय,अकर्मी पाते गारत। मिला वोट अधिकार,बनाओ अपना भारत। दाता ने हमको दिया,जीवन का अधिकार। जागरूक मतदान से,लोकतंत्र साकार। लोकतंत्र साकार,समझ अब मत की कीमत। सोच-समझ मतदान दिखाओ … Read more

मानव की पहचान

डॉ.अ‍र्चना दुबे  मुम्बई (महाराष्ट्र) ************************************************************************** सेवा शिष्टाचार ही,मानव की पहचान। जन प्रत्येक इसीलिए,दिख रहे परेशानl दिख रहे परेशान,आचरण अच्छा रखना। किये नहीं सत्कार,कहेंगे कैसे अपना। रीत कहे यह बात,मिलेगा कैसे मेवा। अच्छे रखो विचार,करो तुम सबकी सेवाll पक्षी सब आजाद हैं,नभ के छूते छोर। दाना-पानी कर लिये,पंखों में है जोर। पंखों में है जोर,देखते सपने … Read more

श्रद्धांजलि

बिनोद कुमार महतो ‘हंसौड़ा’ दरभंगा(बिहार) ********************************************************************* फाँसी पर हँसकर चढ़े,भगत सुखदेव राज। तीनों ने ऊँचा किया,भारत माँ का ताज। भारत माँ का ताज,वतन पर प्रण थे धारे। जाओ अपना देश,नहीं अब काम तुम्हारे। कह ‘बिनोद कविराय’ ,दुखी थे भारतवासी। सदा रखेंगे याद,शहीदों की ये फाँसी। परिचय : बिनोद कुमार महतो का उपनाम ‘हंसौड़ा’ है। आपका जन्म १८ … Read more

होली

बिनोद कुमार महतो ‘हंसौड़ा’ दरभंगा(बिहार) ********************************************************************* होली ऐसा पर्व है,लाये हर्ष अपार। चाहे राजा-रंक हो,सबमें दिखता प्यार। सबमें दिखता प्यार,गाँव परदेशी आते। नया-नया पकवान,सभी हैं मिलकर खाते। कह बिनोद कविराय,दिखे सबकी ही टोली। डाले रंग-गुलाल,बुरा मत मानो होली। परिचय : बिनोद कुमार महतो का उपनाम ‘हंसौड़ा’ है। आपका जन्म १८ जनवरी १९६९ में महावीर चौक, निर्मली(सुपौल)का है। … Read more