कुण्डलिया
देख रहे सब लोग
अब्दुल हमीद इदरीसी ‘हमीद कानपुरी’कानपुर(उत्तर प्रदेश)********************************************* नर्म करो तेवर ज़रा, भरसक रक्खो लोच।उनकी करो सराहना, अच्छी जिनकी सोच॥ लोकतंत्र मज़बूत हो, जब होवै संवाद।बातचीत से हल हुए, छोटे-बड़े विवाद॥ अजब तमाशा चल रहा, देख रहे सब लोग।हम तो कहते हैं इसे, लोकतंत्र का सोग॥ ठीक तरह से परखिए, तब रखिए कुछ आस।समझ बूझ कर कीजिए, … Read more
भाई
डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* भाई भरत समान हो, त्याग दिए सुख चैन।भ्रात राम की भक्ति में, लगे रहे दिन रैन॥लगे रहे दिन रैन, त्याग का पाठ पढ़ाया।चरण पादुका पूज, राम का राज्य चलाया॥मन में रख सद्भाव, खुशी की आस जगाई।सभी करें यह आस, भरत सा होवे भाई॥ भाई रघुवर के लिए, लक्ष्मण करते त्याग।राम और … Read more