महान भारत

उमेशचन्द यादव बलिया (उत्तरप्रदेश)  *************************************************** कुदरत का उपहार स्वरूपा जन्मे थे जहाँ मनू-सतरूपा। बुद्ध जी दिल से दया है बहाई हमें गर्व है उन महापुरुषों पर, हम जिनकी अच्छी संतान हैं। कान्हा ने मधुर बंशी है बजाई, बंशी की मीठी और मधुर तान है। इसीलिए तो,अपना भारत महान है॥ नदियाँ बहकर हरियाली भर दें शीत … Read more

मस्ती फागुन की

शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’ रावतसर(राजस्थान)  *********************************************************************************- मौसम खिल उठा बहारों से तन-मन में खुशियाँ छायी है, पुरवईया चलने लगी, मस्ती फागुन की छायी हैl मस्तों की टोली निकल पड़ी हर दिल मस्ती से झूम उठा, हाथों में रंग-गुलाल लिये ननन्द,देवर,भौजाई हैl अम्बर में बिखरे रंग कई ये आसमान भी लाल हुआ, और इन्द्रधनुष जैसी नभ … Read more

होली

बोधन राम निषाद ‘राज’  कबीरधाम (छत्तीसगढ़) ******************************************************************** होली की हुड़दंग में,डूब न जाना यार। मजे-मजे से आप भी,खूब मना त्यौहार॥ गिले-शिकवे भूल कर,रंग प्यार का खेल। दुश्मन से भी प्रेम से,कर लेना जी मेल॥ होली का त्यौहार है,गूँज रहे हैं फाग। ढोल नगारा संग में,छेड़ रहे हैं राग॥ देख हवा मदमस्त है,छायी रूत खुमार। मौसम … Read more

बदलेगी दशा व दिशा

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’ बेंगलुरु (कर्नाटक) **************************************************************************** स्वयं घर परिवार नहीं,निरामीष परिवेश। वतनपरस्ती में लगा,है प्रधान इस देश॥ वोट बैंक के जाल में,फँसा धर्म निरपेक्ष। एक धर्म की आड़ में,बँटा देश परिपेक्ष॥ कैसा ये गठजोड़ है,कौन सियासी चाल। आतंकी करता सबल,इच्छुक मालामाल॥ गाली दे दे एक को,न थकते हैं गाल। है प्रधान बस दृढ़ पथी,देश … Read more

हवा हूँ

विजय कुमार मणिकपुर(बिहार) ****************************************************************** हवा हूँ,हवा हूँ ठंडी हवा हूँ, चलती हूँ ऐसे मस्तानी जैसी। कुदरत ने हमें बनाया पूरी रफ्तार में हमें उड़ाया, कभी खुशिया बाँटी तो कभी गम को बिखेरा। इस जहाँ में आई सरगम लुटाई, चमकी आसमान में धरा पर बूंदें गिराई। कभी दीदार बन के उभरी तो कभी मौसम को बदला, … Read more

कुदरत से ही खेल रहे…

ओम अग्रवाल ‘बबुआ’ मुंबई(महाराष्ट्र) ****************************************************************** कैसे-कैसे हुए प्रदूषण,कैसे हम सब झेल रहे हैं, निजी स्वार्थ में जाने क्यूँ हम,कुदरत से ही खेल रहे हैं। वायु प्रदूषण देखा हमने,और प्रदूषित जल देखा, बीज जो हमनें बोए थे अब,आज उन्हीं का फल देखा। नई-नई बीमारी देखी,नए-नए उपचार दिखे, कहीं-कहीं तो सचमुच ही हम,बिलकुल ही लाचार दिखे। दोष … Read more

फागुन आया

निशा निइ्क ‘ख्याति’ दिल्ली ******************************************************************** अब तो फागुन आया पिया इश्क़ का रंग लगा दे मुझे, अम्बिया पे चढ़ गये मंजर वो इश्क़ का जाम पी आया। क्यों इस क़दर तूने मुझे सताया क्यों इतना बेपरवाह दिखाया, जब जाती हूँ खेतों से अहरारी भी हँसती है। ले के फूल मोहबत के खुद पे इतराती है, … Read more

कुर्ता भले सफेद…जोगीरा सा रा रा रा

वकील कुशवाहा आकाश महेशपुरी कुशीनगर(उत्तर प्रदेश) ****************************************************************** नेता नोटों की गड्डी से खेल रहे हैं खेल, जीवन अपना फीका-फीका मिले नमक ना तेल- जोगीरा सा रा रा रा…। अक्सर क्यों पा जाते कुर्सी दिल के काले चोर, भोली-भाली जनता रोती होकर भावविभोर- जोगीरा सा रा रा रा…। अव्वल दर्जे का है झूठा कुर्ता भले सफेद, उसकी … Read more

इच्छा-हर बेटी की…

भारत भार्गव इंदौर(मध्यप्रदेश) ************************************************************* क्या मैं कोई गुड़िया हूँ, जो किसी को सौंप दी जाऊंगी! चाहती हूँ मैं भी हँसना,खिलखिलाना, सपनों के कोरे कागज पर मनचाहा रंग भरना। आसमां की ऊंचाइयों को छूना, मुझे एक अवसर तो दीजिये। माँ-बापू के सपनों को साकार मैं भी कर सकती हूँ, मिल जाये अगर अवसर तो…! इस देश … Read more

नारी का अभिनंदन

विनोद वर्मा आज़ाद देपालपुर (मध्य प्रदेश)  ************************************************ राष्ट्र शक्ति नारी शक्ति, देशभक्ति की अग्रिम पंक्ति की पहचान हो आप। नमन आपको, आपके हौंसलों की उड़ान को। जीवनदायिनी, प्रेरणा प्रदायिनी नमन आपको, आपके अभिमान को। नारी,हर रिश्ते के आगे हार करती स्वीकार है, किंतु रणचंडिका रूप धर, अत्याचार का करती प्रतिकार है। देवियों आपकी, महिमा अपरम्पार है। … Read more