अहिंसा के अग्रदूत

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ विश्व कल्याण के स्वप्न को साकार करने के लिए,जीव-जन्तुओं व सभी प्राणियों को साथ में लेकरवह चला जिन आदर्श पर,अहिंसा का अग्रदूत बन सही राह दिखाने…। जहाँ नफरत का कोई भी स्थान न हो,हिंसा का यह दौर खत्म हो जाएज्ञान की वह दिव्य दिशा दिखाते,अहिंसा का अग्रदूत बन सही राह … Read more

राम की टोह

संजीव एस. आहिरेनाशिक (महाराष्ट्र)****************************** राम तुम सीमित होकर भी कितने असीमित हो,मर्यादित होकर भी कितने अमर्यादितकितने अथाह, अथांग और अपरिमित हो,कभी सगुण तो कभी निर्गुण प्रतीत होतेमन की अवस्थाओं के अनुरूपमन में जैसा भी आता तुम्हारा रूपअनंत आकाश से धरती तक फैले,चराचर में संजीवन चेतना के घनैलेसकल ब्रम्हांड में संव्याप्त रूपहलेचराचर के प्रणेता, हृद्यो की … Read more

नमन भवानी

सरोज प्रजापति ‘सरोज’मंडी (हिमाचल प्रदेश)*********************************************** सृष्टि रचयिता, आदि शक्तिपाप नाशिनी भवानीहै शत्-शत् नमन हे शिव शक्ति,कर कल्याण हे कल्याणी। दुर्गा अखिल दुर्गति नाशिनी,सद्गति दे गति ‌प्रदायिनीगौरी, अखिल दुर्गुण नाशिनी,सामर्थ्य शक्ति प्रदायिनी। जगताधार जगत अम्बे तू ही,शक्ति आधार पूजा तूअद्भुत ब्रह्मस्वरूपा तू ही,विराट शक्ति ‘ब्रह्मांड’ तू। भटका मार्ग तू दिखाए पथ,नाश करती रंज क्रोधहै अति विनम्र … Read more

चंद्रघंटा माता नमन

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* दिवस तीसरा तापमय, करता है कल्याण।मातु चंद्रघंटा नमन्, जो पापों पर बाण॥ लाल रंग भाता जिन्हें, अति भाती है खीर।माता करतीं दूर नित, हम भक्तों की पीर॥ सिंह सवारी मातु की, खड्ग हाथ में अस्त्र।पापी का संहार कर, धारण करतीं शस्त्र॥ स्वर्ण रंग है तेजमय, शोभित चंद्र ललाट।असुरों की नहिं ख़ैर … Read more

संसार है कैसा…!

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’धनबाद (झारखण्ड) ****************************************** यह संसार है कैसा,देखते हैं हम जैसाया सोंचते हैं वैसा,संसार है कैसा ? मिला एक किसान से,बताया वह ईमान सेसंसार है कर्म का घर,कर्म से चलता सफ़र। फिर दिखा एक वैज्ञानिक,उसने कहा-भाई रूको तनिकयहाँ केवल विज्ञान का खेला है,खोज आविष्कारों का ही रेला है। अब जैसे ही आगे बढ़ा,सम्मुख पाया … Read more

‘रामायण’ वरदान

सीमा जैन ‘निसर्ग’खड़गपुर (प.बंगाल)********************************* धरती को मिला वरदान है,आदर्श जीवन का गान हैहे तुलसी… तेरी रामायण,पारिवारिक जीवन की शान है। हीरे-पन्ने सी यह गाथा,पावन जीवन बनाती हैघर-घर गूँजे कथा-वचन,रिश्तों का मर्म सिखाती है। इक-इक पन्ना रामायण का,ऋषियों की वाणी सुनाता हैहिंदू के तेजस्वी पूर्वज का,वंशज और गोत्र समझाता है। भारत की धरती धन्य हुई,जिसमें कृष्ण, … Read more

प्रेम कहानी

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर (मध्यप्रदेश)******************************** तेरी-मेरी प्रेम कहानी,न मैं राजा, न तू रानीप्रेम की बातें तो,तेरे-मेरे बीच दिल ने ही जानी। प्रेम होता खुशबू की तरह,ये बातें दुनिया ने मानी।प्रेम बिना जीवन अधूरा,ये बातें दिलों में भी आनी॥ परिचय-संजय वर्मा का साहित्यिक नाम ‘दॄष्टि’ है। २ मई १९६२ को उज्जैन में जन्में श्री वर्मा का स्थाई … Read more

तुमको प्यार हो तो…

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’बिलासपुर (छत्तीसगढ़)********************************************* तुमको प्यार हो तो हालात कह दो खुल के।हमको सुख मिलेगा जज्बात सुन के दिल के॥ दिल के आइने में तस्वीर बन के रहती,जिससे प्यार होता ये बात उसकी करती।तुमको दिल समझता है इक परी जन्नत की,दो दीदार मुझको सुन लो कभी मन्नत भी।क्यों जज्बात मुझसे कहती नहीं तुम दिल … Read more

प्रतिक्रिया-एक लेखकीय मौन

डॉ. मुकेश ‘असीमित’गंगापुर सिटी (राजस्थान)******************************************** साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल को ज्ञानपीठ सम्मान मिलने पर… भीड़ है घर पर-शुभेच्छुओं की, पत्रकारों की,सजदे में झुके माइक पूछ रहे हैं-“आपको कैसा लगा ?”प्रश्न वाक्य नहीं,मानो जीवन के यज्ञकुंड मेंशेष रहे अक्षरों की आहुति की माँग हो। क्या कहूँ ?जब संपूर्ण जीवन कोलेखन-यज्ञ में जला दिया हो-भावों की समिधा,अनुभव … Read more

सजा हुआ उद्यान

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** नया वर्ष नवरात्रि आगमन,माता से विनती करतीऐसा भारत बने हमारा,मन में यह इच्छा रखती। हर ग़रीब के मुख में रोटी,तन पर वस्त्र, बसेरा होछोटे-बड़े सभी जन खुश हों,उनका नया सबेरा हो। हर उन्नति हर निर्णय में भी,उनका नाम लिखा जाएश्रमिक बिना कुछ काम न संभव,उनका सम्मान सदा होए। उच्च और निम्न वर्गों … Read more