समय कुछ भूलता नहीं…
संजय एम. वासनिकमुम्बई (महाराष्ट्र)************************************* ‘समय’कुछ भूलता नहीं,पुरानी बातों कोमुलाक़ातों को,यादों और वादों कोयाद दिलाता है एक दिन,औरमुस्कुराता है,उसकी मुस्कानबड़ी निर्दयी होती है। यह मुस्कान ही उसका न्याय है,उसके न्याय का विधान हैसंसार उस पर हँसता है,भला-बुरा बोलता रहता हैभला-बुरा करता रहता है,आखिरी दम तकउसका ध्यान रखता नहीं,यह नादान इंसान। बुरे कर्म करते रहता है,पालता है … Read more