संसार है कैसा…!

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’धनबाद (झारखण्ड) ****************************************** यह संसार है कैसा,देखते हैं हम जैसाया सोंचते हैं वैसा,संसार है कैसा ? मिला एक किसान से,बताया वह ईमान सेसंसार है कर्म का घर,कर्म से चलता सफ़र। फिर दिखा एक वैज्ञानिक,उसने कहा-भाई रूको तनिकयहाँ केवल विज्ञान का खेला है,खोज आविष्कारों का ही रेला है। अब जैसे ही आगे बढ़ा,सम्मुख पाया … Read more

‘रामायण’ वरदान

सीमा जैन ‘निसर्ग’खड़गपुर (प.बंगाल)********************************* धरती को मिला वरदान है,आदर्श जीवन का गान हैहे तुलसी… तेरी रामायण,पारिवारिक जीवन की शान है। हीरे-पन्ने सी यह गाथा,पावन जीवन बनाती हैघर-घर गूँजे कथा-वचन,रिश्तों का मर्म सिखाती है। इक-इक पन्ना रामायण का,ऋषियों की वाणी सुनाता हैहिंदू के तेजस्वी पूर्वज का,वंशज और गोत्र समझाता है। भारत की धरती धन्य हुई,जिसमें कृष्ण, … Read more

प्रेम कहानी

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर (मध्यप्रदेश)******************************** तेरी-मेरी प्रेम कहानी,न मैं राजा, न तू रानीप्रेम की बातें तो,तेरे-मेरे बीच दिल ने ही जानी। प्रेम होता खुशबू की तरह,ये बातें दुनिया ने मानी।प्रेम बिना जीवन अधूरा,ये बातें दिलों में भी आनी॥ परिचय-संजय वर्मा का साहित्यिक नाम ‘दॄष्टि’ है। २ मई १९६२ को उज्जैन में जन्में श्री वर्मा का स्थाई … Read more

तुमको प्यार हो तो…

हीरा सिंह चाहिल ‘बिल्ले’बिलासपुर (छत्तीसगढ़)********************************************* तुमको प्यार हो तो हालात कह दो खुल के।हमको सुख मिलेगा जज्बात सुन के दिल के॥ दिल के आइने में तस्वीर बन के रहती,जिससे प्यार होता ये बात उसकी करती।तुमको दिल समझता है इक परी जन्नत की,दो दीदार मुझको सुन लो कभी मन्नत भी।क्यों जज्बात मुझसे कहती नहीं तुम दिल … Read more

प्रतिक्रिया-एक लेखकीय मौन

डॉ. मुकेश ‘असीमित’गंगापुर सिटी (राजस्थान)******************************************** साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल को ज्ञानपीठ सम्मान मिलने पर… भीड़ है घर पर-शुभेच्छुओं की, पत्रकारों की,सजदे में झुके माइक पूछ रहे हैं-“आपको कैसा लगा ?”प्रश्न वाक्य नहीं,मानो जीवन के यज्ञकुंड मेंशेष रहे अक्षरों की आहुति की माँग हो। क्या कहूँ ?जब संपूर्ण जीवन कोलेखन-यज्ञ में जला दिया हो-भावों की समिधा,अनुभव … Read more

सजा हुआ उद्यान

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** नया वर्ष नवरात्रि आगमन,माता से विनती करतीऐसा भारत बने हमारा,मन में यह इच्छा रखती। हर ग़रीब के मुख में रोटी,तन पर वस्त्र, बसेरा होछोटे-बड़े सभी जन खुश हों,उनका नया सबेरा हो। हर उन्नति हर निर्णय में भी,उनका नाम लिखा जाएश्रमिक बिना कुछ काम न संभव,उनका सम्मान सदा होए। उच्च और निम्न वर्गों … Read more

इतना क्यों गुमान…?

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* कोई है क्या जग बड़ा ईश से,फिर भी इतना क्यों गुमान है ?कहाँ जन्म हो मौत अनिश्चित,तेरी ताकत इस जहान है। नाशवान सुख भौतिक दुनिया,तनिक क्या चढ़े पदक शान हैमदमाते कुछ पल सत्ता पद,कालचक्र सच श्मशान है। अहंकार मृगतृष्णा बहके,तजे अहिंसा जो सच महान हैगहन अंधेरा अज्ञानी फँस,महाविनाशक पद … Read more

स्वागत है नवसंवत्सर

संजीव एस. आहिरेनाशिक (महाराष्ट्र)****************************** अबीर गुलाल फाग अभी भी,उमड़ रहा है दिशा-दिशा मेंहोरी का उल्हास छाया है हर नित,अमीत नवनीत दिशा में। गुलाल के उमड़े बादल गुल-गुलाल-सा, गुल बदन हुआ समांढोलों पर पड़ी गूँज रही अभी थापें, न ढोलियों का पसीना थमा। ऐसे में नवकिरण नव संवत्सर की, स्वर्णिम-स्वर्णिम-सी प्राची हैउदित हुआ नव भास्कर, नारायण, … Read more

कुछ यादें बचपन की

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** मधुर कुछ याद बचपन की,जो चितवन पर अभी तक हैचलो बीते सुनहरे पल,वो हम फिर याद करते हैं। सुनहरे और सलोने दिन,नहीं आएँगे फिर अब जोउन्हीं को याद करके हम,ख़ुशी सब बाँट लेते हैं। वो पेड़ों पर पड़े झूले,थे ऊँची पेंग हम भरतेकभी राधा कभी कृष्णा,हम मुरली थाम लेते थे। पकड़ना बाग़ … Read more

मन में पूजित शिव के चरण

प्रीति तिवारी कश्मीरा ‘वंदना शिवदासी’सहारनपुर (उप्र)********************************** मन में पूजित शिव के चरण उठ प्रातः मनाऊं शिव को,बिल्व-पत्र लिख हृदय-समर्पण जल नहलाऊं शिव को। ‌‌भक्ति भाव से नतमस्तक हो शिव का करती वंदन,श्रृंगारित शिवलिंग पहनाती राम नाम आभूषनचंदन, धूप, दीप, पुष्पों से नित्य सजाऊं शिव को,बिल्व-पत्र लिख हृदय-समर्पण जल नहलाऊं शिव को…। शिव है भक्ति शिव … Read more