दीप धर आलोक का

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** दीप धर आलोक का फिर,सुमन अर्पित,मंद लय हैफिर विकल मेरा हृदय है। क्यों हुए हम विलग तुमसे ?याद कर नम ये नयन हैफिर विकल मेरा हृदय है। टूटता दर्पण दिखा कर,सोचता कोई बहुत हैफिर विकल मेरा हृदय है। गगन के उस पार है क्या ?जानने आकुल ये मन हैफिर विकल मेरा हृदय … Read more

आज के बच्चे

डॉ. संजीदा खानम ‘शाहीन’जोधपुर (राजस्थान)************************************** छुड़ा रहे हैं उंगली मचल- मचल के,ज़िद माँ से कर रहे हैं देखो बहल- बहल के। गिरते हैं, उठते हैं खुद पर ये भरोसा है,चलना वो सीखते हैं खुद ही सम्भल-सम्भल के। बारिश के बुलबुलों को कैसे-कैसे वो पकड़ते हैं,पानी में दौड़ते हैं बच्चे उछल-उछल के। माँ की दुआओं ने … Read more

हाथ बढ़ा प्रभु मंगल कीजे

कुमकुम कुमारी ‘काव्याकृति’मुंगेर (बिहार)********************************************** है अति बेकल नैन हमारे।दर्शन को प्रभु राम तुम्हारे॥देकर दर्शन काज सँवारो।नाथ हमें भव से अब तारो॥ थाल सजाकर मैं प्रभु आई।पूजन पूर्ण करो रघुराई॥हाथ बढ़ा प्रभु मंगल दीजै।हे हरि पूर्ण मनोरथ कीजै॥ हूँ कब से प्रभु हाथ पसारे।आप बिना प्रभु कौन हमारे॥हे प्रभु देर नहीं अब कीजै।दर्शन राम मुझे अब … Read more

अपरिहार्य

प्रो. लक्ष्मी यादवमुम्बई (महाराष्ट्र)**************************************** देवकी रोज़ की तरह अपने घर का सारा काम निपटा कर अपने सास, ससुर बेटा, पति सबका नाश्ता टेबल पर लगाकर और अपना नाश्ता हाथ में लिए ऑफिस जाने के लिए निकल गई। देवकी सरकारी दफ्तर में कार्यरत थी। देवकी और उसकी सहेली उर्मिला दोनों साथ में दफ्तर जाते और साथ … Read more

जगदंबिका महात्म

प्रीति तिवारी कश्मीरा ‘वंदना शिवदासी’सहारनपुर (उप्र)********************************** श्रद्धा से पूरित वंदना करती हूँ श्री श्री अंबिके,चरणों में दोनों हाथ जोड़े मैं खड़ी जगदंबिके। मिल ब्रह्मा, विष्णु, महेश करते हैं तुम्हारी वंदना,हे! भगवती आराधनी शिव की शिवा भवतारिके। अर्चन के नूतन भाव मीठे भक्ति सुर दे दो मुझे,हे! जगत जननी माँ भवानी मातृशक्ति मधुरिके। प्राणेश्वरी शिव शक्ति … Read more

करूँ मातु मन नमन

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* करूँ चंद्रघण्टा नमन, आराधन माँ शक्ति।दिवस तृतीया पुण्यदा, तन मन अर्पित भक्ति॥ तजी प्रकृति मधु शान्ति माँ, धरी भयावह रूप।करें चन्द्रघण्टा नमन, देवासुर नर भूप॥ जवाकुसुम गलमाल माँ, शोभित हैँ संसार।त्रिपुरसुंदरी मातु जग, दहशत करो प्रहार॥ मातु चंद्रघण्टा हरो, महिषासुर बहु लोक।माता तारा तारणी, राष्ट्रद्रोह अब रोक॥ गहन लोभ … Read more

अहिंसा के अग्रदूत

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ विश्व कल्याण के स्वप्न को साकार करने के लिए,जीव-जन्तुओं व सभी प्राणियों को साथ में लेकरवह चला जिन आदर्श पर,अहिंसा का अग्रदूत बन सही राह दिखाने…। जहाँ नफरत का कोई भी स्थान न हो,हिंसा का यह दौर खत्म हो जाएज्ञान की वह दिव्य दिशा दिखाते,अहिंसा का अग्रदूत बन सही राह … Read more

राम की टोह

संजीव एस. आहिरेनाशिक (महाराष्ट्र)****************************** राम तुम सीमित होकर भी कितने असीमित हो,मर्यादित होकर भी कितने अमर्यादितकितने अथाह, अथांग और अपरिमित हो,कभी सगुण तो कभी निर्गुण प्रतीत होतेमन की अवस्थाओं के अनुरूपमन में जैसा भी आता तुम्हारा रूपअनंत आकाश से धरती तक फैले,चराचर में संजीवन चेतना के घनैलेसकल ब्रम्हांड में संव्याप्त रूपहलेचराचर के प्रणेता, हृद्यो की … Read more

नमन भवानी

सरोज प्रजापति ‘सरोज’मंडी (हिमाचल प्रदेश)*********************************************** सृष्टि रचयिता, आदि शक्तिपाप नाशिनी भवानीहै शत्-शत् नमन हे शिव शक्ति,कर कल्याण हे कल्याणी। दुर्गा अखिल दुर्गति नाशिनी,सद्गति दे गति ‌प्रदायिनीगौरी, अखिल दुर्गुण नाशिनी,सामर्थ्य शक्ति प्रदायिनी। जगताधार जगत अम्बे तू ही,शक्ति आधार पूजा तूअद्भुत ब्रह्मस्वरूपा तू ही,विराट शक्ति ‘ब्रह्मांड’ तू। भटका मार्ग तू दिखाए पथ,नाश करती रंज क्रोधहै अति विनम्र … Read more

चंद्रघंटा माता नमन

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* दिवस तीसरा तापमय, करता है कल्याण।मातु चंद्रघंटा नमन्, जो पापों पर बाण॥ लाल रंग भाता जिन्हें, अति भाती है खीर।माता करतीं दूर नित, हम भक्तों की पीर॥ सिंह सवारी मातु की, खड्ग हाथ में अस्त्र।पापी का संहार कर, धारण करतीं शस्त्र॥ स्वर्ण रंग है तेजमय, शोभित चंद्र ललाट।असुरों की नहिं ख़ैर … Read more