यही मेरी हस्ती
डॉ. संजीदा खानम ‘शाहीन’जोधपुर (राजस्थान)************************************** किताबों की बस्ती है, यही मेरी हस्ती है,हर इक सफ़र में यहाँ दिल की बस्ती है। बहुत कुछ हकीकत वहीं कुछ फ़साना है,हर सतर में इक याद-सी महकती है। पन्नों पे सजी हैं वो ख़्वाबों सी तहरीरें,जो दिल के वीराने में चुपचाप हँसती है। पढ़े हैं यहाँ मैंने कई ग़म … Read more