संघर्ष कर रहा हूँ
राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’धनबाद (झारखण्ड) ****************************************** मैं संघर्ष कर रहा हूँ,भले जोर से न सहीस्वतः धीरे-धीरे ही,आगे मैं बढ़ रहा हूँ। चिंतन को बना साथी,मंथन का चढ़ हाथीमैं संघर्ष कर रहा हूँ,आगे मैं बढ़ रहा हूँ। काँटों में भी रूका नहीं,कठिन समय में झुका नहींसदा आगे बढ़ रहा हूँ,मैं संघर्ष कर रहा हूँ। असफलता से बात … Read more