संघर्ष कर रहा हूँ

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’धनबाद (झारखण्ड) ****************************************** मैं संघर्ष कर रहा हूँ,भले जोर से न सहीस्वतः धीरे-धीरे ही,आगे मैं बढ़ रहा हूँ। चिंतन को बना साथी,मंथन का चढ़ हाथीमैं संघर्ष कर रहा हूँ,आगे मैं बढ़ रहा हूँ। काँटों में भी रूका नहीं,कठिन समय में झुका नहींसदा आगे बढ़ रहा हूँ,मैं संघर्ष कर रहा हूँ। असफलता से बात … Read more

व्यर्थ नहीं जाती आशा

राजबाला शर्मा ‘दीप’अजमेर(राजस्थान)******************************************* लोगों ने लाख था समझाया,अनजान थी।अपनी धुन में रही मगन,मेरी न कोई,जान-पहचान थी। सूखी धरा पर बो दिए थे,नेह के बीज!क्या प्रस्फुटित होंगे ?ये सोच-सोच परेशान थी। बस…बोने में ही रही सतत रत,धैर्य सहितबिना कामना, सोच-विचार,भूल गई…यादों की खाद, अश्रु के जल सेकैसे होंगे अंकुरित ? रोज सींचती,करती रही इंतजार, इंतजार…ये क्या … Read more

अक्षर ही परब्रह्म

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* अक्षर-अक्षर से बने, शब्द अर्थ संसार।प्रकटित अन्तर्भाव स्वर, सदाचार व्यवहार॥ अक्षर नित जीवन प्रथम, चतुर्वेद आलोक।शब्द अर्थ अभिव्यंजना, मिले कीर्ति हर शोक॥ नभ प्रभात अरुणिम किरण, नव जीवन संचार।दैनन्दिन अक्षर पथी, चले कर्म आचार॥ उलझन शब्द प्रयोग में, धीर-वीर पहचान।संबल साहस प्रेमरस, अक्षर ध्वनि विज्ञान॥ मानसून बदले प्रकृति, अक्षर … Read more

सदा करो सम्मान

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** दया ग़रीबों पर करो, नहीं करो अपमान,करो सहायता उनकी, और करो सम्मान। और करो सम्मान, सदा तुम सुखी रहोगे,मिले सदा आशीष, नहीं तुम दुखी रहोगे। पर उपकार सुखकर, सदा ध्यान तुम यह रखो,किसको है ज़रूरत, समझो ग़रीबी परखो॥

जीवन एक रंगमंच

डॉ. श्राबनी चक्रवर्तीबिलासपुर (छतीसगढ़)************************************************* जीवन एक रंगमंच,अद्भुत अद्वितीयहर किरदार यहाँ,हो जाता है साकार। भूमिका हो अहम,या फिर छोटीमेहनत बराबर है,तभी तो होता है शानदार। सुनहरे सपनों का रंगमंच,झिलमिल तारों का संगमकभी कलकल बहती नदी की धारा,जीत की खुशी से खिल उठे जी सारा। धिक्कार हैं उन पर,जो मुखौटा पहनकरकरते हैं पीछे से वार,होकर मिथ्या पर … Read more

तेरी नींद न होगी कभी पूरी

प्रीति तिवारी कश्मीरा ‘वंदना शिवदासी’सहारनपुर (उप्र)********************************** तेरी नींद न होगी कभी पूरी,तू भर-भर सोया करेप्रभु नाम से है मन में उजाला,अंधेरे में क्यों खोया करे। शुभ कर्मों से मनुज तन पाया,बिन सुमिरन इसे यूँ ही गंवायाघटे ज़िन्दगी बढ़े प्रभु से दूरी,क्यों भर-भर सोया करे…। सपनों में जागे रे, जागते में सोए,दु:ख आ जाए तो फूट-फूट … Read more

रंगमंच… दुनिया देखो

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर (मध्यप्रदेश)******************************** विश्व रंगमंच की दुनिया देखो,कोई अमीर कोई गरीब देखो। हँसता-रोता हुआ चेहरा देखो,मदद करता लुटता हाथ देखो। कोई फैल कोई हुआ पास देखो,सूरज देखो, चाँद को साथ देखो। बेवफाई संग प्यार का खेल देखो,झूठ को कभी सत्य के पास देखो। फूलों की खुशबू का साथ देखो,रंगमंच के अभिनय को हर बार … Read more

कठिन साधना

डॉ. गायत्री शर्मा’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* कठिन साधना जाप से, जपें आपका नाम।सभी वासना नाश हो, सदा बोलते राम॥ रखो हौसला नित्य ही, मातु शारदा साथ।पूरी हो मन कामना, शीश आपका हाथ॥ ध्यान धारणा से सदा बढे हौसला नाथ।राम नाम की साधना, सदा आपका साथ॥ मिला आपका साथ तो, बढ़ा हौसला आज।जपो राधिका नाम तो, सदा … Read more

सोच रही हूँ बेहिसाब लिखूं

ऋचा गिरिदिल्ली******************************** सोच रही हूँ एक किताब लिखूं,अपने अरमानों को बेहिसाब लिखूं। एक के बाद एक पन्नों को पलट,पिरोए सपनों को नायाब लिखूं। जो पढ कर नशा-सा हो जाए,कुछ ऐसी ही शराब लिखूं। बेचैन झपकती पलकों के,सुकून भरे ख्वाब लिखूं। चाँदनी बिखेरती रात में,जगमगाता आफताब लिखूं। पतझर की तन्हा डालियों से,झूमता हुआ शादाब लिखूं। ज़िंदगी … Read more

मनोहारी धोलाधार पर्वत

सरोज प्रजापति ‘सरोज’मंडी (हिमाचल प्रदेश)*********************************************** है अचल हिमगिरि शोभित,धोला पट निर्मल ओढ़ेरम्य पाप शून्य परिमल लिए,नीलाभ अम्बर ओढ़े। धोलाधार उजास वैभव,पसरी ज्यों, भुजा मुकुंदगिरिराज संतति लघु सुत,शीतल तुहिन पवन भरी। श्वेतिमा रूप धरी सज युगों,धरा मानो शीश सजेग्रीष्म में इन्द्र नील माला,भू, डाले कुवलय गले। नन्हीं अचल सह अंचल बिठा,देवदारु बान घनेरेअठखेलियाँ करे चुप, बिठा,हरित … Read more