साधन भक्ति को बना
प्रीति तिवारी कश्मीरा ‘वंदना शिवदासी’सहारनपुर (उप्र)************************************************** दिन में नभ में सारे तारे नहीं दिखते,ऐसा नहीं है कि तारे नहीं होतेअज्ञान की दशा में ईश्वर नहीं दिखते,ऐसा नहीं है कि ईश्वर नहीं होते। दुर्लभ मनुज-देह प्रभु-मिलन जतन नहीं,जन्म तेरा व्यर्थ अरे! बहुत बड़ा सच है ये।तेरी भावना जैसी प्रभु से वो पाता है,प्रभु भये कल्पतरु बहुत … Read more