तुलसी है वरदान
प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ******************************************* वृंदा तुलसी रूप में,है सचमुच वरदान।जिस आँगन तुलसी रहे,घर पाए उत्थान॥ तुलसी है आरोग्य निधि,है औषधि का मान।तुलसी पौधा धार्मिक,पर हर घर की शान॥ वृंदा के तप-तेज को,किया विष्णु ने भंग।वृंदा तुलसी बन हुई,हरि-पूजन में संग॥ तुलसी-पूजन हो जहाँ,वहाँ देव का वास।सुख,खुशियाँ पलते वहाँ,रहे दिव्यता-वास॥ माह कार्तिक कर रहा,पावनता-संचार।तुलसी चौरे … Read more