मातु भवानी अब तो आओ
आशा आजाद`कृति`कोरबा (छत्तीसगढ़) ******************************************* मातु भवानी अब तो आओ,आया फिर नवरात्र है।कलयुग के इस अनाचार से,दुखित नार का पात्र है॥ नन्हीं बाला तड़प रही है,बैठी क्यों तू मौन है,नहीं जानते उम्र है कितनी,बाला अपनी कौन है।नारी के जीवन में होती,अस्मत ही बस मात्र है,मातु भवानी अब तो आओ,आया फिर नवरात्र है…॥ नहीं स्वतंत्र हूँ आज … Read more