संघर्ष सिखाते शिक्षक

क्रिश बिस्वालनवी मुंबई(महाराष्ट्र)******************************** गिरते हैं जब हम,तो उठाते हैं शिक्षक,जीवन की राह दिखाते हैं शिक्षक। अंधेरे ग्रहों पर बनकर दीपक,जीवन को रौशन करते हैं शिक्षक। कभी नन्हीं आँखों में नमी जो होती,तो अच्छे दोस्त बनकर हमें हँसाते हैं शिक्षक। झटकती है दुनिया हाथ कभी जब,तो झटपट हाथ बढ़ाते हैं शिक्षक। जीवन डगर है-जीवन समर है,जीवन … Read more

शिल्पाचार्य भगवान विश्वकर्मा

मंजू भारद्वाजहैदराबाद(तेलंगाना)******************************************* पृथ्वी के निर्माण के संबंध में २ तरह के दर्शन बताए जाते हैं। एक है वैज्ञानिक दर्शन,जिसमें वनमानुष से मनुष्य के विकास का दर्शन और दूसरा है अध्यात्मिक दर्शन। पृथ्वी के निर्माण के समय अनेक प्रकार के देवी-देवता विद्यमान थे। उन्हीं में से भगवान विश्वकर्मा का भी प्रादुर्भाव हुआ,जो पृथ्वी पर शिल्पकला विज्ञान … Read more

गुरु सदैव ही ज्ञान खजाना

जबरा राम कंडाराजालौर (राजस्थान)**************************** गुरु सच्चा हो गुरु ज्ञानी हो।गुरु विद्या का महादानी हो॥ गुरु नहीं होय ऐसा-वैसा।गुरु ब्रह्मा विष्णु शंभू जैसा॥ गुरु निःस्वार्थी निराभिमानी।मुख पर ज्ञानसुधा-रस बानी॥ दो नैना सम सबको राखे।अपशब्द कबहुँ नहीं भाखे॥ सच्चा-अच्छा ज्ञान सुनावै।अज्ञान-तम को दूर भगावै॥ घट मांहि करे ज्ञान प्रकाशा।पूरा गुरु पूर्ण करे आशा॥ समदृष्टि से सबको निहारे।होत … Read more

आज के कठिन समय में शब्दों को बचाना होगा- प्रो. द्विवेदी

लोकार्पण-चर्चा….. इंदौर। आज के कठिन समय में भाषा को सहेजने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य हो रहे हैं। कला, साहित्य और संस्कृति के लिए शोध अध्ययन को आज के शोधार्थियों द्वारा आत्मसात किया जा रहा है। यह शुभ संकेत हैं। समाज को आज ऐसे शोध की आवश्यकता भी है,जो नई दिशा दे सके। समाज और … Read more

दिल के स्पंदन में तुम…

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ********************************************* दिल के स्पंदन में बसता है,प्रियवर का बस नाम।रात-दिवस हो,कोई बेला,प्रियवर तुम अभिराम॥ स्पंदन के हर स्वर गाते,नित तेरा ही गीत,तू है जब तक साथ मेरे तो,पाऊँगा मैैं जीत।मेरा यह जीवन लगता है,तेरा ही उपहार,जीवन को हरसाकर मेरे,कर दे तू उपकार।जबसे तुझको पाया तबसे,जीवन ललित ललाम,रात-दिवस हो,कोई बेला,प्रियवर तू अभिराम…॥ … Read more

बदलाव

प्रिया देवांगन ‘प्रियू’ पंडरिया (छत्तीसगढ़) ********************************** सोचे जनता देख कर,ये कैसा बदलाव।महँगाई है बढ़ रही,बढ़ता सबका भाव॥बढ़ता सबका,भाव देख कर,जनता रोते।नहीं चैन अब,मिले किसी को,रात न सोते॥बच्चे भूखे,बैठे रहते,खुद को नोचे।देख देश की,हालत जनता,कुछ तो सोचे॥ हालत बिगडे़ देश की,आया जब बदलाव।कोरोना के काल में,फँसे सभी की नाव॥फँसे सभी की,नाव साथ में,है बीमारी।मरते जाते,बूढ़े-बच्चे,संकट भारी॥घर-घर … Read more

वादा निभाने आओ

सरफ़राज़ हुसैन ‘फ़राज़’मुरादाबाद (उत्तरप्रदेश) ***************************************** मिलने-‘मिलाने आओ ‘हँसने-हँसाने आओ।ख़्वाबों में ही सही तुम दिल गुदगुदाने आओ। हो जाए शाम रंगीं बन जाए शब की क़िस्मत,ह़ुस्नओ अदा के गर तुम जलवे दिखाने आओ। तड़पें तुम्हारी ख़ातिर ‘कब तक ह़ुज़ूरे वाला,तुम’ भी कभी तो हमसे उल्फ़त जताने आओ। शायद के हँस पड़े यह तन्ह़ाईयों में ग़म की,बीमार दिल … Read more

हिन्दी को लेकर भ्रामक शोध

डॉ. अमरनाथ************************************************************ केन्द्रीय हिन्दी संस्थान ने आनंद कुमार (निदेशक-नीति, गृह मंत्रालय,भारत सरकार) को प्रेषित अपने नवीनतम पत्र (तारीख नहीं)में २८ जुलाई २०२१ को प्रेषित अपने पूर्व पत्र से पल्ला झाड़कर समझदारी का काम किया है। संस्थान की ओर से निदेशक डॉ. बीना शर्मा ने अपने पूर्व पत्र का उल्लेख करते हुए स्पष्टीकरण दिया है और … Read more

लोक शिकायत:दिल्ली प्रदेश में हिन्दी का बंटाधार

महोदय,दिल्ली सरकार के सभी कार्यालयों में राजभाषा अधि. २००२ और केन्द्रीय राजभाषा अधिनियम १९६३ का लगातार उल्लंघन जारी है,आम जनता पर हर सरकारी कार्यालय में अंग्रेजी थोपी जा रही है-*दिल्ली सरकार की एक भी वेबसाइट और ऑनलाइन सेवाएँ हिन्दी में उपलब्ध नहीं हैं।*आम जनता के हिन्दी में लिखे आवेदनों, पत्रों व शिकायतों के उत्तर तब … Read more

दास्तां क्या है…

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन(हिमाचल प्रदेश)************************************** बहुत चुप हो!मेरे पास होकर भीदूर-दूर रहते हो,दास्तां क्या है ? कुछ तो बताओ,क्या हुआ है ?मुझसे कोई गलती हुई!या मैंने कोई…गलत काम किया है।शांत मत रहो,बताओ दास्तां क्या है ? तुम्हारी चुप्पी,मेरी जान ले लेगीअपने प्रियतम से,कुछ न छिपाओ।बताओ दास्तां क्या है ? अगर कुछ बोलोगे,तो समस्या कासमाधान होगा।कारण … Read more