संघर्ष सिखाते शिक्षक
क्रिश बिस्वालनवी मुंबई(महाराष्ट्र)******************************** गिरते हैं जब हम,तो उठाते हैं शिक्षक,जीवन की राह दिखाते हैं शिक्षक। अंधेरे ग्रहों पर बनकर दीपक,जीवन को रौशन करते हैं शिक्षक। कभी नन्हीं आँखों में नमी जो होती,तो अच्छे दोस्त बनकर हमें हँसाते हैं शिक्षक। झटकती है दुनिया हाथ कभी जब,तो झटपट हाथ बढ़ाते हैं शिक्षक। जीवन डगर है-जीवन समर है,जीवन … Read more