नज़र

डाॅ. पूनम अरोराऊधम सिंह नगर(उत्तराखण्ड)************************************* नज़र भर कर तुमने कभी देखा न था,ये नज़र तुम्हारी ही तरफ जाती क्यूं थी।दिल को सब्र करना सिखाया,फिर भी,तुम्हें छोड़ कहीं और जाती क्यूं न थी॥ परिचय–उत्तराखण्ड के जिले ऊधम सिंह नगर में डॉ. पूनम अरोरा स्थाई रुप से बसी हुई हैं। इनका जन्म २२ अगस्त १९६७ को रुद्रपुर … Read more

एक अकेली…

डॉ. वंदना मिश्र ‘मोहिनी’इन्दौर(मध्यप्रदेश)************************************ एक अकेली स्त्री,गूँथ रही थी शब्दों को ऐसेजैसे गूँथ रही थी बया…अपने घोंसलों के तिनकों को जैसे। आचार-विचार में उलझी,अपने-आपमें बिखरी…समेट रही थी,अपने मन को ऐसे,जैसे बटोर लेता है,भोर होते हीसूर्य अपनी रश्मियों को…। मन के ख़ालीपन को,बांट रही थी वक़्त से ऐसे।जैसे मेघ देता है बरसात,पृथ्वी से ऊष्मा को लेकर … Read more

तकदीर बदल दी

विजय कुमारमणिकपुर(बिहार) ******************************************************** तकदीर बदलने वाले तस्वीर बदल दी,लोकतंत्र की शक्ति ने हिंदुस्तान बदल दी। संविधान नहीं बदला,अनुच्छेद बदल गया,बड़े-बड़े व्यापारियों को,खजाना मिल गया। इतिहास पढ़ने वाले,अब हास्य बन गया,जहाँ से चल कर आया,वही हिंदुस्तान बन गया। कुछ बिका कुछ बाकी है,ये कहानी भी पुरानी है,झेलने की आदत हो गई,यही तो गुलामी है॥ परिचय–विजय कुमार … Read more

पुस्तक ‘भजकटया के फूल’ लोकार्पित

वाराणसी(उप्र)। स्याही प्रकाशन द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘भटकटया के फूल’ का लोकार्पण शनिवार को खोजवा स्थित ख्यात पुरानी पुस्तकालय में हुआ। पुस्तक वाराणसी के गीत विधा के मशहूर गीतकार सूर्य प्रकाश मिश्र ने लिखी है।प्रकाशक व संपादक छतिश द्विवेदी ‘कुंठित’ ने बताया कि,पुस्तक ग्राम्य बिंब को समेटे हुए एक अनोखी किताब है,जिसमें गाँव व गरीबी के … Read more

जनरल बिपिन रावत

जबरा राम कंडाराजालौर (राजस्थान)**************************** मेरी सेना के योद्धा (केंद्र- जनरल बिपिन रावत) असमय में जाना हुआ,बुरा यही संदेश।लहर शोक फैली चहुं,शोक संतप्त देश॥ रहे सदैव खड़े अड़े,लड़े देश हित जंग।अरि की गली दाल नही,रह गय फीका रंग॥ योद्धा वही अजेय था,नाम विपिन था वीर।प्रहरी सुरक्षा का खरा,फौलादी प्राचीर॥ विदा विपिन रावत हुए,सैनिक वीर महान।भई उदासी … Read more

अभिमान

डॉ. मनोरमा चन्द्रा ‘रमा’रायपुर(छत्तीसगढ़)******************************************* नित्य बचें अभिमान से,धैर्य धरें अति नेक।अहंकार में जो पड़े,खोता सदा विवेक॥ अभिमानी को देखकर,मुँह लेना नित मोड़।संगत में पड़ना नहीं,उससे नाता तोड़॥ धन-वैभव में पड़ सदा,करना नहीं घमंड।समय साथ नित जाग लें,मिलती खुशी प्रचंड॥ सब तन इष्ट प्रकाश सम,फिर कैसा अभिमान ?जाति-धर्म सब भेद तज,जन-जन एक सुजान॥ बनकर प्रबुद्ध चल … Read more

रति नहीं तुम,सती नहीं तुम

संदीप धीमान चमोली (उत्तराखंड)********************************** रति नहीं तुम,सती नहीं तुमप्राण हो,ह्रदय गति नहीं तुम,संग सिया-सी हर घड़ी तुम-संकट में पीछे हटीं नहीं तुम। गृहिणी नहीं,वामांगिनी होसंगिनी नहीं,सहगामिनी हो,वधु नहीं सहधर्मिणी हो तुम-दिति हो मात्र छवि नहीं तुम। हो परछाईं उर बंधन की तुमकुंदन से जैसे चंदन-सी तुम,लिपट समां महकाए मुझको-पुष्प हो,भंवरा गति नहीं तुम। आर्या-सी भार्या हो … Read more

अपनाओ संस्कार

प्रिया देवांगन ‘प्रियू’ पंडरिया (छत्तीसगढ़) ********************************** जीवन कटुता त्याग दो,है सबके संस्कार।बढ़े कदम आगे सदा,होगी कभी न हार॥ अपनाओ संस्कार को,यही एक पहचान।समता रखना साथ में,बनो नेक इंसान॥ मात-पिता के सामने,जोड़े रखना हाथ।भूल-चूक को माफ कर,देते हरपल साथ॥ सदा सत्य वाणी रहे,देना सबको मान।संस्कारों में जो रहे,जीवन हो आसान॥ बदले उसके भाग्य को,जिसके हो व्यवहार।संस्कारों … Read more

अमर बिपिन…पंचभूत

डॉ.अशोकपटना(बिहार)*********************************** मेरी सेना के योद्धा (केंद्र- जनरल बिपिन रावत) बिपिन लक्ष्मण रावत,पंचभूत हुए थे बड़े अद्भुतसेना की शान थे,उत्तम बड़े महान थेएक उर्जावान शख्सियत,सेना के अपराजेय योद्धापौड़ी गढ़वाल के वीर थे महान्खौफ के श्रृंगार थे उन्नतएक धीर वीर पराक्रमी महान। दुश्मनों में बड़ा डर था सर्वत्र जग में यहां,जंग हो या शान्ति के पल में … Read more

जनता के जनरल थे त्रि-सेवा प्रमुख

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** मेरी सेना के योद्धा (केंद्र- जनरल बिपिन रावत) भारतीय सशस्‍त्र सेनाओं के पेशेवर त्रि-सेवा प्रमुख और भारत सरकार के वरिष्ठतम वर्दीधारी सैन्य सलाहकार विपिन रावत एक असाधारण वीर योद्धा थे। प्रत्येक अधिकारी और सैनिक जब सैन्य सेवा में प्रवेश करता है तो शपथ लेता है कि वह ‘कानून के जरिए स्थापित … Read more