पहली मुलाकात जरूरी थी
संजय गुप्ता ‘देवेश’ उदयपुर(राजस्थान) *************************************** पहली मुलाकात जरूरी थी,बस तुम्हें ही पाने के लिये,नयनों में थे सपने,उन सपनों में तुम्हें ही बसाने के लिए।चांद को देख सागर के दिल में,जो हर बार मचलता है,वही लहरें जरूरी थी दिल में एक ज्वार उठाने के लिये॥ हवा का झोंका पहली बार छूकर तुझे,मुझसे टकराया,मैं घबरायी-सी कांपी,एहसास तुमसे छुपाने … Read more