स्वप्न तरुण अनुबंध तेरा
संदीप धीमान चमोली (उत्तराखंड)********************************** स्वप्न तरुण अनुबंध तेरास्वप्न बांधों न तार,किस तरु बसेरा तेरास्वप्न सांचों न सार। माया तरुण ठगे जगतजैसे नाम ईश्वर उपहार,स्वर्ग-नरक के फेर मेंस्वप्न बड़ा ईश्वर आधार। व्योम देह भरी तेरीतरुण-वरुण का संगी सार,भीतर-बाहर व्योम भरीस्वप्न व्योम कराएं पार। ईश्वर आधार नाम मात्रसंकेत मानो अविरल धार।व्योम इश्वर धाम तन्त्र,स्वप्न अनुभूति उसके पार॥