आहट

डॉ.मधु आंधीवालअलीगढ़(उत्तर प्रदेश)**************************************** जरा-सी आहट से चौंक जाती हूँ,लगता है तुम होगे आस-पासपर जब देखती हूँ,तुम क्या तुम्हारीपरछाई भी नहीं मेरे पास।याद आते हैं वह लम्हे,जो गुजारे थे तुमने और मैंनेयाद आते हैं वह पल,जब चूम लेते थे मेरी पलकों को।याद आता है वह हाथों का स्पर्श,जब सहलाते थे मेरे गालों कोमैं हो जाती थी … Read more

आज़ादी के परवानों का सम्मान करो…

क्रिश बिस्वालनवी मुंबई(महाराष्ट्र)******************************** युग बदल गया और फ़िर चरखे का चक्र चला,फ़िर काला शासन ढकने चला श्वेत खादी।खूंखार शासकों की खूनी तलवारों से,बापू ने हँस कर मांगी अपनी आजादी।जो चरण चल पड़े आजादी की राहों पर,वो रुके न क्षणभर,धूप,धुआं,अंगारों सेउठ गया तिरंगा एक बार जिसके कर में,वो झुका न तिल भर गोली की बौछारों से।इसीलिए … Read more

बंदर की शादी

डॉ. अनिल कुमार बाजपेयीजबलपुर (मध्यप्रदेश)************************************* पहन लिया कुर्ता-पैजामा,दूल्हा बन गए बंदर मामा। आ गए उसके संगी-साथी,खरगोश भालू शेर हाथी। बिल्ली मौसी भी आईं,देखकर चूहे को गुर्राईं। चिड़िया कौवा और कबूतर,लगे नाचने मिल के जमकर। जब हाथी ने चिंघाड़ लगाई,जल्दी चलो बाराती भाई। सुनकर शेर को गुस्सा आया,शेरनी को फिर और नचाया। सभी बाराती लगे झूमने,बिल्ली … Read more

ॐ नमः शिवाय

ममता तिवारीजांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)************************************** शिव होना सहज नहीं,शिव होने से पहले सत्य होना होगासत्य होने से पहले सत्य बोना होगा। शिव होना सरल नहीं,सरल होने से पहले गरल तो पीना होगागरल पीने से पहले तरल तो होना होगा। शिव सुंदर होना महज नहीं,सुंदर होने से पहले अहंकार खोना होगाअहंकार खोने से पहले औघड़ तो होना होना। श्मशान … Read more

पूर्वोत्तर राज्यों में गृह युद्ध की आशंका!

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)************************************** भाई जैसा दोस्त नहीं और भाई जैसा दुश्मन नहीं,इसके जीते-जागते उदाहरण रामायण काल,महाभारत काल से लेकर यह नियति निश्चित है। हमारे देश में विभाजन के बाद जो स्थिति बनी है,वह भी आज दुश्मनों से कम नहीं। आज ७३ साल हो गए,पर दुश्मनी की दरार नहीं पट पाई। यह टूटन आजादी के पूर्व से … Read more

मित्रता

श्रीमती देवंती देवीधनबाद (झारखंड)******************************************* मित्रता की अजब कहानी है,थोड़ी-सी भी आहट पाकर दुख की घड़ी में मित्र तुरन्त चले जाते हैं।‘मित्र’ शब्द केवल नाम का नहीं है,मित्र ही तो हैं जो दु:ख की घड़ी में कहते हैं-मत घबराओ मित्र मैं हूॅ॑ ना,और हरदम रहूॅ॑गा साथ में,अपने-आपको अकेला मत समझना।मित्रता में कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। … Read more

मेरा कसूर क्या है ?

आचार्य गोपाल जी ‘आजाद अकेला बरबीघा वाले’शेखपुरा(बिहार)********************************************* मेरे दिल में बसता है हिंद महान तो मेरा कसूर क्या है ?मुझे मेरे देश में दिखती है जन्नत तो मेरा कसूर क्या है ? नफरत के बीज बो रहे हैं दिन-रात राहगीर प्रेम के,मुझे दिखता है इंसान में इंसान तो मेरा कसूर क्या है ? दौलत से … Read more

द्वादश ज्योतिर्लिङ्ग स्तुति

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) *************************************** सोमनाथ सौराष्ट्र में,करुणाकर अवतार।चारु चन्द्र धर शिखर शिव,गंगाधर संसार॥ उच्च शिखर श्रीशैल पर,प्रमुदित देव निवास।पूज्य मल्लिकार्जुन सदा,बाघम्बर कैलास॥ अकाल मरण रक्षक प्रभु,मोक्ष प्रदाता सन्त।महाकाल उज्जैन में,महिमा नमन अनंत॥ कावेरी नर्मद मिलन,पावन निर्मल धार।करुणाकर ओंकार जग,भवसागर हो पार॥ चिताभूमि पूर्वोत्तरी,सदा वास गिरिजेश।देवासुर पूजित सदा,बैद्यनाथ परमेश॥ कंठहार नागेश शिव, दक्षिण क्षेत्र … Read more

काज संवारो हे त्रिपुरारी

डॉ. गायत्री शर्मा’प्रीत’कोरबा(छत्तीसगढ़)******************************************* रचना शिल्प:शंकर छंद आधारित….. शिव भोला भंडारी शंभू,शीश गंगा धार।शिवा वास करें कैलाश पर,जगत के आधार॥ मुश्किल में है कलयुग भोले,कैसे धरूॅं ध्यान,कठिन हुआ है जीना अब तो,उपजे नहीं ज्ञान।इस त्रिभुवन में शिवा बड़े हैं,नमन बारंबार,शिव भोला भंडारी शंभू,शीश गंगा धार…॥ करें नहीं अब जप तप पूजा,बस नाम आधार,तेरे द्वारे पर हम … Read more

औरत

रेणू अग्रवालहैदराबाद(तेलंगाना)************************************ हम क्यों सहन करते हैं सब-कुछ,मन का नहीं मिलता है जब कुछ। दया हम दिखाते दया के पात्र बन जाते,लोग देवी कहकर हमको ही छल जाते। औरत ही ख़ुद को कमज़ोर बनाती है,चुप रहकर क्यों सबको समझाती है। शोर करो यूँ न चुप रहो आवाज़ उठाओ,तुम भी दिल रखती हो कभी ये जतलाओ। … Read more