मैं बालम सीधा-सा

संदीप धीमान चमोली (उत्तराखंड)********************************** भीगा-भीगा ये मौसममैं बालम सीधा-सा,सौंधी-सौंधी खुशबूरुख तेरा तीखा-सा। मचल रहे दो नयनाबाँहें खुली-खुली मेरी,भरुं मैं इनमें कैसेमैं बालम सीधा-सा। महक रही तू चंदन सीसंकदन-सा प्यार मेरा,ठहरे-ठहरे कदमों मेंभर दो ना रफ्तार जरा। पिघल जाऊं बन मोममेघ-सा दो ताप जरा,ज़रा-ज़रा बूंदों-सा बरसोबन माटी महकूं खरा-खरा। तीखा-तीखा अंदाज तेरामैं बालम सीधा-सा।भीगा-भीगा ये मौसमख्वाब मेरा … Read more

जरूरत वतन के पहरेदारों की

अमल श्रीवास्तव बिलासपुर(छत्तीसगढ़) *********************************** मंदिर,मस्जिद नहीं चाहिए,चाह नहीं गुरुद्वारों की।आज जरूरत हमें देश में,वतन के पहरेदारों की॥ भारत माँ का मुकुट शिरोमणि,सुलग रहा है शोलों से।कांप रही रूह आज राष्ट्र की,उग्रवाद के गोलों से॥ नहीं लियाकत हमें चाहिए,आज हिमाकत की बारी।करतालों के स्वर में गोली,वीणा में हो बम बारी॥ खाई पाट सको तो पाटो,दिल में पड़ी … Read more

बरसात में

संजय गुप्ता  ‘देवेश’ उदयपुर(राजस्थान) *************************************** पिया की याद मुझे सताये बरसात में।जिया में आग लगी जाये बरसात में॥ जल की मछली तड़पे जल बिन,मैं तो तड़पूं तारे गिन-गिन।मैं मछरिया किस्मत की मारी,जल जाऊं ना इस बरसात में।पिया की याद मुझे सताये बरसात में…॥ मुझको बरसता सावन ना भाये,इस बार भी वो घर ना आये।करवट बदलती मैं … Read more

जल है तो कल है

जबरा राम कंडाराजालौर (राजस्थान)**************************** जल ही जीवन है,जल है तो कल है,जल सबका ही हल,जल कल बल है। जल से सरिता बहै,जल के बादल है,जल के कुंए-ताल,जल का नल है। जल की गंगा-यमुना,गोमती चंबल है,गोदावरी-घाघरा,बह रही छलाछल है। गहरा प्रतीक होता मान का जल है,पानी उतर जाना इज्जत का जल है। सवाल स्वाभिमान का बताता … Read more

साहित्यिक संस्था द्वारा २१ पौधे भेंट

इंदौर (मप्र)। प्रकृति के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए अपने कर्त्तव्यों का पालन करने की दिशा में साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था ‘नई क़लम’ द्वारा श्री गुर्जर गौड़ ब्राह्मण समाज सांस्कृतिक संगठन इंदौर द्वारा संरक्षित महर्षि गौतम उद्यान को २१ पौधे भेंट किए गए। संस्था की ओर से कवि जितेन्द्र राज,कवि विनोद सोनगीर व ग़ज़लकार आतिश … Read more

स्वर्ग धरती आ रहा है

जसवीर सिंह ‘हलधर’देहरादून( उत्तराखंड)******************************************** लोक में परलोक का नक्शा उतारा जा रहा है।देवता भयभीत हैं कि स्वर्ग धरती आ रहा है॥ अब हवाएं मौन होंगी,नीड़ निगलेगी न आँधी,यातनाएं गौण होंगी,खून बेचेगी न खादी।गीत जन गण देवता के खुद हिमालय गा रहा है,लोक में परलोक का नक्शा उतारा जा रहा है…॥ भूख से होंगी न मौतें,शांति … Read more

पायल

बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)****************************************** पायल की झनकार से,दिल होता बेचैन।आँखों में सपने सजे,चैन नहीं दिन रैन॥चैन नहीं दिन रैन,सताती उसकी यादें।आती उसकी याद,किये जो उसने वादे॥कहे ‘विनायक राज’,प्रीत से होते घायल।छम-छम की आवाज,पाँव में बजती पायल॥

बासंती बयार

राजबाला शर्मा ‘दीप’अजमेर(राजस्थान)******************************************* हे मलयज बासंती बयार,सच बता कहां से आई है ?प्रियतम की गली से आई है,या प्रिय को छूकर आई है। बतियाते थे जब हम दोनों,तू संगीत मधुर बजाती थी।चलती थी हे पवन सनन सन,मानो प्रणय गीत गाती थी॥ फिर आज वही संगीत सुना,मौसम ने ली अंगड़ाई है।प्रियतम की गली से आई है,या … Read more

विश्व-संस्था में भारत को नया मौका

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************* संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद ऐसी संस्था है, जो सबसे शक्तिशाली है। इसके ५ सदस्य स्थायी हैं-अमेरिका,ब्रिटेन,फ्रांस,रूस और चीन। इन पांचों सदस्यों को ‘वीटो’ का अधिकार है। अर्थात यदि इनमें से १ भी किसी प्रस्ताव का विरोध कर दे तो वह पारित नहीं हो सकता। इन ५ के अलावा १० साधारण … Read more

सबके दाता राम

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)*********************************************** यदि आपकी सर्वशक्तिमान प्रभु के प्रति अटूट आस्था है और आप समर्पित हैं तो आप यह मान कर चलें कि आपको मनोवांछित फल वे अवश्यमेव प्रदान करेंगे। इस तरह की अनेक सत्य घटनाओं से इतिहास भरा पड़ा है। मैं स्वयं इसका साक्षी हूँ। इसी कड़ी में परमश्रद्धेय स्वामीजी श्री रामसुखदासजी महाराज … Read more