मैं बालम सीधा-सा
संदीप धीमान चमोली (उत्तराखंड)********************************** भीगा-भीगा ये मौसममैं बालम सीधा-सा,सौंधी-सौंधी खुशबूरुख तेरा तीखा-सा। मचल रहे दो नयनाबाँहें खुली-खुली मेरी,भरुं मैं इनमें कैसेमैं बालम सीधा-सा। महक रही तू चंदन सीसंकदन-सा प्यार मेरा,ठहरे-ठहरे कदमों मेंभर दो ना रफ्तार जरा। पिघल जाऊं बन मोममेघ-सा दो ताप जरा,ज़रा-ज़रा बूंदों-सा बरसोबन माटी महकूं खरा-खरा। तीखा-तीखा अंदाज तेरामैं बालम सीधा-सा।भीगा-भीगा ये मौसमख्वाब मेरा … Read more